
देहरादून | 25 नवंबर 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार जनपद के गन्ना किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक की विशेष बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने पारंपरिक सरकारी औपचारिकताओं से इतर, किसानों के साथ लॉन में धूप के बीच बैठकर न सिर्फ उनकी समस्याएं सुनीं बल्कि उनके हाथों से लाए गन्ने का स्वाद भी लिया।
किसानों के साथ इस तरह की अनौपचारिक और मित्रवत बातचीत ने पूरे परिसर में सहजता का वातावरण बना दिया और किसानों ने भी मुख्यमंत्री के इस gesture की सराहना की।
पेराई सत्र 2025–26 के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग प्राथमिकता में
गन्ना किसानों ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में सबसे प्रमुख रूप से पेराई सत्र 2025–26 के लिए राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित किए जाने की मांग उठाई। किसानों ने बताया कि बढ़ती लागत, उर्वरक और डीज़ल के दाम, तथा श्रम लागत में निरंतर वृद्धि होने से लाभप्रद मूल्य मिलना बेहद आवश्यक हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में कृषि भूमि सीमित है, ऐसे में गन्ना किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए समर्थन मूल्य में समयबद्ध वृद्धि बेहद जरूरी है।
इस पर मुख्यमंत्री धामी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक और व्यावहारिक निर्णय लेगी।
शुगर मिलों से जुड़े मुद्दे: नई मिल की मांग और बकाया भुगतान पर जोर
बैठक के दौरान किसानों ने हरिद्वार जनपद के कई क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन में वृद्धि को देखते हुए इकबालपुर–झबरेड़ा–भगवानपुर क्षेत्र में एक नई शुगर मिल स्थापित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। किसानों ने कहा कि आसपास के इलाकों में गन्ने की पैदावार लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रसंस्करण क्षमता कम होने से किसानों को अपनी फसल लंबे समय तक पेंडिंग रखनी पड़ती है, जिससे नुकसान झेलना पड़ता है।
इसके साथ ही किसानों ने डोईवाला शुगर मिल पर बकाया भुगतान का मसला भी उठाया। किसानों ने बताया कि बकाया भुगतान समय पर न होने से किसान वित्तीय दबाव में आ जाते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी बकाया भुगतान को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए जाएंगे।
सिंचाई व्यवस्था और तटबंदी कार्य—स्थानीय मांगों पर भी चर्चा
किसानों ने बैठक में रायसी–बालावाली पुल तक तटबंद निर्माण की मांग उठाई। उनका कहना था कि मानसूनी बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में जलभराव और कटाव की समस्या होती है, जिससे गन्ना व अन्य फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
इसके साथ ही इकबालपुर–झबरेड़ा क्षेत्र में नई सिंचाई नहर की मांग भी रखी गई। किसानों ने बताया कि कई गांवों में सिंचाई की सुविधाएं सीमित हैं, जबकि गन्ना ऐसी फसल है जिसमें नियमित जलापूर्ति आवश्यक होती है।
किसानों ने कहा कि यदि नई नहर का निर्माण हो जाता है, तो गन्ना उत्पादन में और वृद्धि होगी तथा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है और किसानों की मांगों का संज्ञान लेकर जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए जाएंगे।
लॉन में जमीन पर बैठकर बातचीत—किसानों के साथ जुड़ाव का अनोखा दृश्य
मुख्यमंत्री धामी द्वारा किसानों के साथ जमीन पर बैठकर गन्ना चखने का दृश्य पूरे कार्यक्रम के केंद्र में रहा।
किसानों ने मुख्यमंत्री को अपने खेत से लाया हुआ ताजा गन्ना भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के वहीं लॉन में जमीन पर बैठकर किसानों के साथ गन्ना खाया और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं, फसल की स्थिति, मिलों की कार्यप्रणाली और बाजार भाव पर अनौपचारिक बातचीत की।
यह दृश्य सामाजिक मीडिया पर छा गया और कई लोगों ने इसे “जमीनी जुड़ाव का प्रतीक” बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के दौरान कहा:
“किसानों की ताकत से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। गन्ना किसान कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत करते हैं, सरकार उनके हक और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
किसानों का प्रतिनिधिमंडल विधायक आदेश चौहान और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला। इस मौके पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी और पूर्व विधायक संजय गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गर्मजोशी से स्वागत और सरलतापूर्ण व्यवहार ने उन्हें आत्मीयता का अहसास कराया।
किसानों के लिए आश्वासन—सरकार हर मुद्दे पर करेगी ठोस कार्रवाई
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने सभी मुद्दों का संज्ञान लेते हुए कहा कि—
- गन्ना समर्थन मूल्य पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा
- शुगर मिलों से जुड़ी सभी समस्याओं की समीक्षा कर बकाया भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा
- मांग के अनुसार नई मिल व सिंचाई व्यवस्था के लिए विभागों को प्राथमिकता आधारित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे
- किसानों के हित में सरकार “मिशन मोड” में काम कर रही है
किसानों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन को सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में उनके मुद्दों पर तेज़ी से कार्रवाई देखने को मिलेगी।



