
देहरादून/गैरसैंण (ब्यूरो): उत्तराखंड की राजनीति और विकास के रोडमैप को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने आगामी उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र 2026 की तिथियों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इस बार का बजट सत्र बेहद खास होने वाला है, क्योंकि सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव धनंजय चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह सत्र 9 मार्च से 13 मार्च 2026 तक चलेगा। सत्र के दौरान 11 मार्च का दिन सबसे महत्वपूर्ण होगा, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर वित्त मंत्री प्रदेश का भविष्य तय करने वाला बजट सदन के पटल पर रखेंगे।
भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मचेगी सियासी हलचल
पहाड़ की भावनाओं के प्रतीक गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र आयोजित करने का निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें वे विकास को अंतिम छोर तक पहुँचाने की बात करते हैं। गौरतलब है कि 15 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में सत्र की तिथियों और स्थान के चयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था। 21 जनवरी को ही सीएम धामी ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार सत्र पहाड़ों के बीच भराड़ीसैंण में ही होगा।
पिछले साल (2025) में भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के मेंटेनेंस का काम चलने के कारण सत्र देहरादून में आयोजित करना पड़ा था, लेकिन अब मेंटेनेंस का काम मुकम्मल हो चुका है और भराड़ीसैंण सत्र की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है।
बजट सत्र का पूरा शेड्यूल: एक नज़र में
प्रमुख सचिव की ओर से विधानसभा सचिव को भेजे गए पत्र में सत्र की कार्ययोजना का खाका भी स्पष्ट किया गया है:
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9 मार्च (पहला दिन): सत्र का आगाज राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) के अभिभाषण से होगा। राज्यपाल सरकार की उपलब्धियों और भविष्य के विजन को सदन के सामने रखेंगे।
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10 मार्च (दूसरा दिन): राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में चर्चा की जाएगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और सुझावों का दौर चलेगा।
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11 मार्च (तीसरा दिन – ‘सुपर वेडनेसडे’): यह सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिनके पास वित्त विभाग की भी जिम्मेदारी है, आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्ययक (बजट) पेश करेंगे।
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12-13 मार्च: बजट प्रस्तावों पर विभागवार चर्चा और विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।
वित्त विभाग की तैयारियां जोरों पर
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर वित्त विभाग पिछले कई महीनों से कसरत कर रहा है। विभागवार चर्चाएं जारी हैं और सभी विभागों से उनके प्रस्ताव मांगे जा चुके हैं। सूत्रों की मानें तो इस बार का बजट बुनियादी ढांचे (Infrastructure), पर्यटन, बागवानी और पलायन रोकने वाली योजनाओं पर केंद्रित हो सकता है। सरकार का प्रयास है कि बजट समावेशी हो और उत्तराखंड को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो।
गैरसैंण में सत्र के सियासी मायने
गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किए जाने के बाद वहां सत्र कराना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक भावनात्मक मुद्दा भी है। विपक्ष अक्सर सरकार को गैरसैंण के मुद्दे पर घेरता रहा है। ऐसे में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित कर धामी सरकार ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं—पहला, पहाड़ों के विकास के प्रति अपनी गंभीरता दिखाई है और दूसरा, विपक्ष के आरोपों की धार कुंद कर दी है।
चुनौतियां और मुस्तैदी
मार्च के महीने में गैरसैंण का मौसम काफी ठंडा रहता है। ऐसे में वहां मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के रुकने और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। सभी विभागों को अपनी तैयारियां मुकम्मल करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने विधानसभा सचिव को पत्र भेजकर अग्रिम कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है ताकि सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
विकसित उत्तराखंड की नींव का बजट
11 मार्च को पेश होने वाला बजट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकल्प रहित संकल्प’ की परीक्षा होगा। 2026-27 का यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें आगामी वर्षों की विकास योजनाओं की स्पष्ट झलक देखने को मिलेगी। राज्य की जनता की निगाहें अब गैरसैंण की ओर टिकी हैं, जहाँ से प्रदेश की प्रगति का नया मसौदा तैयार होगा।



