उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए 1261 केंद्र तैयार, जानें कब से शुरू होंगे एग्जाम
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए कमर कस ली है। इस साल 2.16 लाख से अधिक छात्र अपनी किस्मत आजमाएंगे। नकल रोकने के लिए शासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
रामनगर (नैनीताल): उत्तराखंड में बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाओं के लिए विस्तृत कार्यक्रम और तैयारियों का खाका पेश कर दिया है। इस वर्ष राज्यभर में कुल 2,16,121 परीक्षार्थी बोर्ड की मुख्य परीक्षाओं में सम्मिलित होने जा रहे हैं। परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए परिषद ने इस बार तकनीक और सख्त निगरानी का दोहरा पहरा बिठाया है।
परीक्षार्थियों का आंकड़ा: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की स्थिति
परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि शिक्षा विभाग ने छात्र पंजीकरण की प्रक्रिया और केंद्रों के आवंटन का कार्य पूर्ण कर लिया है। उनके अनुसार:
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हाईस्कूल (10वीं): इस वर्ष हाईस्कूल में कुल 1,12,679 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 1,10,573 संस्थागत (Regular) छात्र हैं, जबकि 2,106 व्यक्तिगत (Private) परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देंगे।
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इंटरमीडिएट (12वीं): इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 1,03,442 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसमें संस्थागत छात्रों की संख्या 99,345 और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की संख्या 4,097 है।
परीक्षा केंद्रों का जाल: 24 नए केंद्रों की सौगात
छात्रों को परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए परिषद ने केंद्रों की संख्या में इजाफा किया है। इस वर्ष राज्यभर में 1,261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। खास बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 24 नए केंद्र जोड़े गए हैं, ताकि दुर्गम क्षेत्रों के छात्रों को सुगमता रहे।
संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर ‘विशेष नजर’
बोर्ड ने सुरक्षा और निष्पक्षता की दृष्टि से केंद्रों का वर्गीकरण भी किया है:
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संवेदनशील केंद्र: 156
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अति संवेदनशील केंद्र: 06
अति संवेदनशील केंद्रों की सूची में सबसे अधिक हरिद्वार (4 केंद्र) शामिल हैं, जबकि पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में 1-1 केंद्र को इस श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर जिला प्रशासन की मदद से अतिरिक्त पुलिस बल और फ्लाइंग स्क्वॉड (सचल दल) की तैनाती की जाएगी।
परीक्षा कार्यक्रम 2026: महत्वपूर्ण तिथियां (Exam Schedule)
उत्तराखंड बोर्ड ने प्रयोगात्मक और मुख्य लिखित परीक्षाओं की समय-सीमा भी स्पष्ट कर दी है:
| परीक्षा का प्रकार | प्रारंभ तिथि | अंतिम तिथि |
| प्रयोगात्मक परीक्षा (इंटरमीडिएट) | 16 जनवरी 2026 | 15 फरवरी 2026 |
| आंतरिक मूल्यांकन/प्रोजेक्ट (हाईस्कूल) | 16 जनवरी 2026 | 15 फरवरी 2026 |
| मुख्य लिखित परीक्षाएं (10वीं/12वीं) | 21 फरवरी 2026 | 20 मार्च 2026 |
नकलविहीन परीक्षा के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड बोर्ड “नकलमुक्त परीक्षा” के अपने संकल्प पर अडिग है। इसके लिए निम्नलिखित कड़े नियम लागू किए गए हैं:
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इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध: परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन या किसी भी प्रकार की डिजिटल सामग्री ले जाना पूरी तरह वर्जित है। यदि कोई छात्र इन उपकरणों के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे तत्काल परीक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
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प्रशासनिक सहयोग: दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों के संवेदनशील केंद्रों पर स्थानीय प्रशासन और राजस्व पुलिस का सहयोग लिया जाएगा।
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सीसीटीवी निगरानी: अधिकांश केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
बोर्ड की तैयारी और पारदर्शिता
परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्रों के सुरक्षित रख-रखाव से लेकर कॉपियों के मूल्यांकन तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से केंद्रों का निरीक्षण करें।
विशेषज्ञों की सलाह:
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी में लिखित परीक्षाएं शुरू होने के कारण छात्रों के पास अब केवल कुछ ही हफ्तों का समय शेष है। ऐसे में छात्रों को प्रयोगात्मक परीक्षाओं के साथ-साथ मुख्य विषयों के रिविजन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की यह कवायद राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और निष्पक्ष मंच प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 21 फरवरी से शुरू होने वाला यह ‘शिक्षा का महाकुंभ’ उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था की सुदृढ़ता की परीक्षा भी होगा।



