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उधम सिंह नगर: काशीपुर से लापता युवती प्रयागराज से सकुशल बरामद, विशेष समुदाय का आरोपी गिरफ्तार; पुलिस की बड़ी कामयाबी

रुद्रपुर/काशीपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में महिलाओं और युवतियों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने और त्वरित कार्रवाई के पुलिसिया दावों के बीच उधम सिंह नगर जनपद की काशीपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली आईटीआई पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए काशीपुर क्षेत्र से बहला-फुसलाकर भगा ले जाई गई एक 22 वर्षीय युवती को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सकुशल बरामद कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी विशेष समुदाय से ताल्लुक रखता है, जिसके चलते मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बेहद सतर्कता से वैधानिक जांच को आगे बढ़ा रही है।


गिन्नी खेड़ा से अचानक लापता हुई थी युवती, परिजनों में था कोहराम

इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत बीते 7 मई को हुई थी। काशीपुर के ग्राम गिन्नी खेड़ा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 22 वर्षीय बेटी के अचानक लापता होने के बाद कोतवाली आईटीआई (ITI) में पहुंचकर पुलिस को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि क्षेत्र के ही बांसखेड़ा निवासी एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर और अनुचित प्रलोभन देकर अपने साथ कहीं भगा ले गया है।

युवती के अचानक घर से गायब होने और संभावित अनहोनी की आशंका के चलते पीड़ित परिवार बेहद मानसिक तनाव और गहरे संकट में था। परिजनों ने अपने स्तर पर भी रिश्तेदारियों और संभावित ठिकानों पर युवती की काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने आखिरकार न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाया।


तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रयागराज में की घेराबंदी

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में महिला सुरक्षा और अंतर-धार्मिक मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक कोतवाली आईटीआई ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया और तफ्तीश की जिम्मेदारी एक विशेष पुलिस टीम को सौंप दी।

युवती की सकुशल बरामदगी और आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी के लिए गठित इस विशेष पुलिस टीम ने आधुनिक सर्विलांस तकनीकों का सहारा लिया। पुलिस ने गायब युवती और संदिग्ध आरोपी के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले और उनकी लाइव लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया। इसके साथ ही विभिन्न रूटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।

कई दिनों की अथक मेहनत और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम को एक ठोस सुराग मिला कि दोनों आरोपी और युवती उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) शहर में छिपे हुए हैं। इनपुट की पुष्टि होते ही काशीपुर पुलिस की एक टीम तुरंत प्रयागराज के लिए रवाना हो गई। वहां स्थानीय पुलिस के समन्वय से सुनियोजित तरीके से घेराबंदी करते हुए पुलिस टीम ने 13 मई को लापता युवती को सकुशल अपने संरक्षण में ले लिया और मौके से आरोपी युवक को दबोच लिया।


काशीपुर लाई गई युवती, न्यायालय में दर्ज होंगे बयान

प्रयागराज से सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम आरोपी और युवती को वापस काशीपुर लेकर आई। काशीपुर पहुंचने पर आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत युवती को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नियमानुसार युवती की मेडिकल जांच कराई जा रही है और महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसके प्राथमिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

इस संवेदनशील मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) काशीपुर प्रशांत कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था और विशेषकर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर उत्तराखंड पुलिस की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि महिला सुरक्षा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी थाना और चौकी प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि महिलाओं से जुड़े किसी भी शिकायती पत्र पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर प्रभावी कदम उठाए जाएं।


आरोपी विशेष समुदाय का, पुलिस कर रही है गहन जांच

सीओ प्रशांत कुमार ने मीडिया को ब्रीफ करते हुए यह भी पुष्टि की कि इस मामले में गिरफ्तार किया गया आरोपी युवक विशेष समुदाय से संबंध रखता है। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि कहीं यह मामला किसी सुनियोजित साजिश या जबरन धर्मांतरण के दबाव से तो नहीं जुड़ा है। पुलिस आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

काशीपुर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने आईटीआई पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश कर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, पुलिस युवती के मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है, जिसके आधार पर मामले में आगे की कानूनी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

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