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विमान हादसे में अजित पवार के निधन बाद NCP नेता शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया- “यह केवल हादसा है, राजनीति न करें”

बारामती: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन एक कभी न भूलने वाले काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का बारामती में एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल पवार परिवार और एनसीपी को झकझोर दिया है, बल्कि समूचे देश को शोक की लहर में डुबो दिया है।

सुबह के शांत माहौल में हुए इस हादसे ने महाराष्ट्र की सत्ता के एक मजबूत स्तंभ को ढहा दिया। घटना के बाद से ही बारामती से लेकर मुंबई तक सन्नाटा पसरा हुआ है।

कैसे हुआ यह भीषण हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार सुबह 8:45 बजे उस समय हुआ जब अजित पवार का चार्टर विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंड करने की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान अपना नियंत्रण खो बैठा और रनवे के समीप क्रैश-लैंडिंग का शिकार हो गया।

विमान जमीन से टकराते ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया। इस दुखद हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें डिप्टी सीएम अजित पवार, उनके एक पीएसओ (PSO), एक अटेंडेंट और दो जांबाज पायलट शामिल हैं। अजित पवार स्थानीय निकाय चुनावों के बाद आयोजित होने वाली एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने के लिए अपने गृह क्षेत्र बारामती आ रहे थे।


शरद पवार का भावुक संदेश: “राजनीति न लाएं”

भतीजे अजित पवार की असमय मृत्यु की खबर मिलते ही एनसीपी संस्थापक शरद पवार स्तब्ध रह गए। मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ नेता की आंखें नम थीं, लेकिन उन्होंने संयम के साथ एक बड़ी अपील की। शरद पवार ने कहा:

“यह पूरी तरह से एक दुखद हादसा है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि इस दर्दनाक घड़ी में राजनीति को बीच में न लाएं। मैं इसमें किसी भी तरह की साजिश की संभावना को खारिज करता हूं। यह न केवल हमारे परिवार या पार्टी की, बल्कि पूरे महाराष्ट्र राज्य की अपूरणीय क्षति है। अजित की कमी की भरपाई कभी नहीं की जा सकती।”

पवार ने समर्थकों और राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने और इस संकट के समय में एकजुट रहने का आह्वान किया।


हाई-लेवल जांच के घेरे में हादसा: AAIB और DGCA सक्रिय

विमान हादसे की खबर मिलते ही विमानन मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। घटना की तह तक जाने के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की एक विशेष टीम को जांच सौंपी गई है।

  • तकनीकी पहलू: टीम यह पता लगाएगी कि क्या हादसे का कारण कोई तकनीकी खराबी थी या मानवीय चूक।

  • DGCA की भूमिका: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की टीम भी जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर विमान के ब्लैक बॉक्स और अन्य उपकरणों का विश्लेषण करेगी।

दूसरी तरफ, राजनीतिक गलियारों से भी जांच की मांग उठ रही है। एनसीपी (अजित गुट) के प्रवक्ता ब्रज मोहन श्रीवास्तव और नागपुर से कांग्रेस नेता नितिन राउत ने भी इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि देश को सच पता चल सके।


कल होगा अंतिम संस्कार: जुटेंगे देश के दिग्गज नेता

अजित पवार का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और उनका अंतिम संस्कार कल (गुरुवार) सुबह 11 बजे बारामती में ही किया जाएगा।

इस शोक की घड़ी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बारामती पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी बारामती पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


एक युग का अंत: अजित पवार का राजनीतिक सफर

‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावी और रणनीतिकार नेताओं में से एक थे। कई बार उपमुख्यमंत्री का पद संभालने वाले अजित पवार अपनी प्रशासनिक पकड़ और सीधी बात करने के अंदाज के लिए जाने जाते थे। बारामती के विकास में उनका योगदान अद्वितीय रहा है।

विपक्ष हो या सत्ता पक्ष, आज हर कोई उनकी कार्यशैली का कायल नजर आ रहा है। उनके निधन से राज्य में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना निकट भविष्य में असंभव प्रतीत होता है।

शोक में डूबा महाराष्ट्र

अजित पवार का जाना महाराष्ट्र के लिए एक युग का अंत है। राजनीति की उठापटक से परे, एक जननेता का इस तरह चले जाना लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बड़ी क्षति है। फिलहाल, सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर उस सुबह 8:45 बजे बारामती के आसमान में ऐसा क्या हुआ जिसने ‘दादा’ को हमेशा के लिए छीन लिया।

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