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उत्तराखंड: देहरादून में स्कूल परिसर में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन महिलाओं को कराया गया रेस्क्यू

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून  में पुलिस ने एक बड़े देह व्यापार रैकेट का खुलासा करते हुए स्कूल परिसर के पीछे चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ किया है। थाना कैंट पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि जिस जगह पर यह अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी, वह एक स्कूल परिसर का पिछला हिस्सा बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को गोपनीय माध्यम से सूचना मिली थी कि कैंट क्षेत्र के किशन नगर एक्सटेंशन इलाके में कुछ लोग लंबे समय से अनैतिक देह व्यापार का धंधा चला रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीओ सिटी के नेतृत्व में कैंट थाना पुलिस और एएचटीयू की टीम गठित की गई, जिसने देर शाम संदिग्ध परिसर में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को स्कूल परिसर के पिछले हिस्से में तीन महिलाएं और एक पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देह व्यापार संचालित करने के आरोप में आशीष कुमार पांडे और जंग बहादुर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा मौके पर मौजूद तीन महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक स्विफ्ट कार भी बरामद कर उसे सीज कर दिया है।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक आरोपी पहले भी अनैतिक देह व्यापार के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बाहरी राज्यों से महिलाओं को नौकरी और काम दिलाने का झांसा देकर देहरादून बुलाता था। इसके बाद उनकी आर्थिक और सामाजिक मजबूरियों का फायदा उठाकर उन्हें देह व्यापार में धकेला जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही रेस्क्यू की गई महिलाओं को आवश्यक सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे संवेदनशील परिसर के आसपास इस तरह की गतिविधियों का चलना बेहद चिंताजनक है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में निगरानी बढ़ाने और ऐसे अवैध धंधों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

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