By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बाजार में 168 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल: CDSCO की रिपोर्ट में NSQ और नकली दवाओं का बड़ा खुलासा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बाजार में 168 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल: CDSCO की रिपोर्ट में NSQ और नकली दवाओं का बड़ा खुलासा
देशफीचर्डस्वास्थय

बाजार में 168 दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल: CDSCO की रिपोर्ट में NSQ और नकली दवाओं का बड़ा खुलासा

The Hill India News
Last updated: April 21, 2026 10:28 am
The Hill India News
Published: April 21, 2026
Share
SHARE

भारत में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च महीने में कुल 168 दवाओं को “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” (NSQ) या नकली घोषित किया गया है। यह खुलासा देश में दवा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है।

CDSCO द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 48 दवा सैंपल केंद्रीय प्रयोगशालाओं में परीक्षण के दौरान मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि 120 सैंपल राज्य स्तरीय ड्रग टेस्टिंग लैब्स में फेल पाए गए। इसके अलावा, बिहार में एक दवा सैंपल ऐसा भी मिला जिसे पूरी तरह नकली बताया गया। इस मामले में पाया गया कि किसी अनधिकृत इकाई ने दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का उपयोग करके दवा का निर्माण किया था, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।

ड्रग रेगुलेटर के एक प्रवक्ता ने बताया कि इन सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत संबंधित कंपनियों और जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की निगरानी नियमित रूप से की जाती है ताकि बाजार में केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही उपलब्ध रहें।

NSQ यानी “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” का अर्थ यह होता है कि संबंधित दवा किसी एक या अधिक गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरती। इसमें दवा का घुलने का स्तर (dissolution), सक्रिय तत्वों की मात्रा (assay), या समानता (uniformity) जैसे पैरामीटर शामिल होते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कमी अक्सर बैच-विशेष होती है और इसका मतलब यह नहीं होता कि पूरी कंपनी की सभी दवाएं खराब हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में अब तक कुल 576 दवाओं को NSQ या नकली के रूप में चिन्हित किया जा चुका है। जनवरी में 214 और फरवरी में 194 दवाएं इस सूची में शामिल थीं। यह लगातार बढ़ता आंकड़ा दर्शाता है कि दवा बाजार में निगरानी के बावजूद गुणवत्ता संबंधी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

इन दवाओं में कई महत्वपूर्ण चिकित्सीय श्रेणियों की दवाएं शामिल हैं, जैसे कार्डियोवैस्कुलर, रेस्पिरेटरी और सामान्य स्वास्थ्य से जुड़ी दवाएं। उदाहरण के लिए, क्लोपिडोग्रेल टैबलेट का उपयोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। ऐसी दवा की गुणवत्ता में कमी सीधे मरीजों के जीवन पर असर डाल सकती है।

इसी तरह, सांस संबंधी बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं भी इस सूची में शामिल हैं। टरबुटालाइन का उपयोग अस्थमा और COPD जैसे रोगों में एयरवे को खोलने के लिए किया जाता है। वहीं, एम्ब्रोक्सोल और ब्रोमहेक्सिन जैसी दवाएं बलगम को पतला कर उसे बाहर निकालने में मदद करती हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने से मरीजों के इलाज में गंभीर बाधा उत्पन्न हो सकती है, खासकर मौसमी संक्रमण या पुरानी श्वसन बीमारियों के दौरान।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवा की गुणवत्ता में इस तरह की गड़बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। नकली या घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं न केवल इलाज को असफल बना सकती हैं, बल्कि रोगी की स्थिति को और बिगाड़ भी सकती हैं।

CDSCO की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब देश में दवा उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और निर्यात भी बढ़ रहा है। ऐसे में गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेगुलेटरी एजेंसियों को और अधिक सख्ती के साथ निगरानी करनी होगी ताकि बाजार में नकली और घटिया दवाओं की एंट्री रोकी जा सके।

कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दवा सुरक्षा प्रणाली के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में जांच और कार्रवाई के परिणाम यह तय करेंगे कि देश की दवा आपूर्ति व्यवस्था कितनी सुरक्षित और भरोसेमंद है।

You Might Also Like

चंदन मिश्रा हत्याकांड: शूटर तौसीफ खान समेत चार आरोपी ट्रांजिट रिमांड पर पटना रवाना
हिमाचल में ‘हिम चंडीगढ़’ का उदय: CM सुक्खू का मास्टरस्ट्रोक, बद्दी बॉर्डर पर बसेगा हाई-टेक शहर; छोटे दुकानदारों के कर्ज भी होंगे माफ
हरिद्वार से चुनाव लड़ेंगे हरीश रावत? एक बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, CM धामी की तारीफ और दिनेश अग्रवाल के तंज से गरमाया माहौल
Delhi: कूड़े के पहाड़ में लगी भयंकर आग की घटना पर पुलिस ने दर्ज की FIR, अब होगी जांच शुरू
सलमान खान की आंखें हुईं नम: कौन थीं कुमुद राणे, जिनके निधन से शोक में डूब गया पूरा खान परिवार?
TAGGED:CDSCOCounterfeit MedicinesDrug Quality AlertNSQ DrugsPharma SafetyPublic Health
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्डराजनीति

उत्तराखंड में चुनावी जंग तेज! कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ के जवाब में BJP निकालेगी ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’, धामी ने किया बड़ा ऐलान

The Hill India News
The Hill India News
October 22, 2026
SBI में बड़ा डेटा लीक! डार्क वेब पर पहुंचे 3,897 ग्राहकों के निजी रिकॉर्ड, नाम-पता से लेकर लोन के दस्तावेज तक उजागर
देहरादून में पद्मश्री योगी ऐरन के ‘जंगल-मंगल’ पर हमला! 50 लोगों की भीड़ पर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप, जमीन के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?