
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित प्रतिभाग को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से ‘अलर्ट मोड’ पर आ गया है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित जनपद भ्रमण और वीआईपी मूवमेंट को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को आला अधिकारियों के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि देश के प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक्सप्रेसवे का होगा भव्य लोकार्पण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी को महज ढाई घंटे में समेटने वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट का लोकार्पण उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), एनएचएआई (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे प्रस्तावित रूट का तत्काल संयुक्त निरीक्षण करें।
डीएम ने निर्देश दिए कि रूट पर कहीं भी सड़क खराब न हो, डिवाइडरों की मरम्मत तत्काल प्रभाव से की जाए और मार्ग का सौंदर्यीकरण इस प्रकार हो कि वह देवभूमि की गरिमा को झलकाए। सड़क सुधार के साथ-साथ साइनेज और लाइटों की व्यवस्था को भी समयसीमा के भीतर चाक-चौबंद करने के आदेश दिए गए हैं।
अंडरग्राउंड केबलिंग और अतिक्रमण पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
शहर की सुंदरता और सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी ने यूपीसीएल (UPCL) के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रूट पर चल रहे अंडरग्राउंड केबलिंग कार्यों के दौरान सड़क किनारे जो केबलें बिखरी पड़ी हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। प्रधानमंत्री के काफिले के गुजरने वाले मार्ग पर किसी भी प्रकार का निर्माण मलबा या बिजली की तारें बाधा नहीं बननी चाहिए। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और बाधा मुक्त रहे।
निर्माण कार्यों पर लगी ‘ब्रेक’, पुरानी अनुमतियां निरस्त
प्रधानमंत्री के दौरे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित रूट पर जिन भी निर्माण कार्यों के लिए पूर्व में जिला प्रशासन या संबंधित विभागों द्वारा अनुमतियां दी गई थीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। कार्यक्रम संपन्न होने तक किसी भी निजी या सार्वजनिक निर्माण कार्य को रूट पर अनुमति नहीं होगी, ताकि सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम स्थल पर बिछेगा सुरक्षा और सुविधाओं का जाल
लोकार्पण समारोह के लिए चुने गए स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर डीएम ने माइक्रो-प्लानिंग के निर्देश दिए हैं। बैठक में मंच निर्माण, वीवीआईपी सुरक्षा प्रबंध, वीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग पार्किंग जोन, बैठने की समुचित व्यवस्था और मोबाइल शौचालयों की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई। नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह पूरे रूट और कार्यक्रम स्थल पर विशेष सफाई अभियान चलाए, जिससे शहर पूरी तरह से चमकता हुआ नजर आए।
समन्वय और अनुशासन: अधिकारियों को दो टूक
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से कहा कि यह कार्यक्रम राज्य की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने सभी रेखीय विभागों को ‘टीम वर्क’ और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी को उनके विभाग से संबंधित जो भी दायित्व सौंपे गए हैं, उनका निर्वहन पूर्ण निष्ठा के साथ होना चाहिए। तैयारियों की समीक्षा के लिए आने वाले दिनों में औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।
बैठक में मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल ने सुरक्षा पहलुओं पर ब्रीफिंग दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर मुख्य नगर आयुक्त प्रवीन कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा सहित नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग को विशेष तौर पर ट्रैफिक प्लान और भीड़ नियंत्रण की रणनीति तैयार करने को कहा गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: उत्तराखंड के लिए वरदान
प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लोकार्पण न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भी नई जान फूंकेगा। यह एक्सप्रेसवे एशिया का सबसे बड़ा ‘वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर’ भी है, जो पर्यावरण और आधुनिकता का अनूठा संगम है। प्रधानमंत्री के हाथों इसके उद्घाटन की खबरों ने जनता के बीच भी भारी उत्साह पैदा कर दिया है।
देहरादून प्रशासन फिलहाल प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर ‘जीरो एरर’ की नीति पर काम कर रहा है। आने वाले एक सप्ताह के भीतर शहर की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का यह तोहफा उत्तराखंड के लिए नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।



