
रुद्रप्रयाग | जब पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा है, तब हिमालय की गोद में स्थित बाबा केदारनाथ की नगरी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी। समुद्र तल से 11,755 फीट की ऊंचाई पर, जहाँ हाड़ कंपा देने वाली ठंड और शून्य से 16 डिग्री नीचे तापमान (-16°C) ने जनजीवन को थाम दिया है, वहां देश के प्रहरी ITBP और पुलिस के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तिरंगा फहराया है।
बर्फ की सफेद चादर और वीरों का साहस
केदारनाथ धाम में वर्तमान में शीतकालीन अवकाश चल रहा है और मंदिर के कपाट बंद हैं, लेकिन धाम की सुरक्षा और निगरानी के लिए तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और उत्तराखंड पुलिस के जवान वहां मुस्तैदी से डटे हुए हैं। आज सुबह जब तापमान न्यूनतम -16°C तक गिर गया और चारों ओर 4 फीट से ऊंची बर्फ जमी हुई थी, तब इन वीर जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। बर्फबारी के बीच गूंजते राष्ट्रगान ने हिमालय की वादियों में देशभक्ति का संचार कर दिया।
केदारनाथ धाम: कठिन परिस्थितियां और अटूट निष्ठा
केदारनाथ धाम की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे कठिन क्षेत्रों में से एक बनाती है। 3,583 मीटर की ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और लगातार हो रही बर्फबारी के बावजूद जवानों का जज्बा कम नहीं हुआ।
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सुरक्षा का दायरा: कपाट बंद होने के बाद भी धाम की सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है। ये जवान न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि पैदल मार्गों से बर्फ हटाने और सरकारी संपत्तियों की निगरानी का कार्य भी पूरी निष्ठा से करते हैं।
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तापमान का कहर: आज केदारनाथ में अधिकतम तापमान -10°C और न्यूनतम -16°C दर्ज किया गया। ऐसी परिस्थितियों में सांस लेना भी दूभर होता है, लेकिन जवानों की कर्तव्यपरायणता पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय पर भी दिखा उत्साह
केदारनाथ की चोटियों से लेकर रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय तक, पूरे जनपद में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहाँ जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने ध्वजारोहण किया।
प्रभात रैली और UCC के प्रति जागरूकता
सुबह 8 बजे से ही जिला मुख्यालय देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। स्कूली छात्र-छात्राओं, एनसीसी (NCC) कैडेट्स और एनएसएस (NSS) स्वयंसेवकों ने जिला अस्पताल से मुख्य बाजार होते हुए पेट्रोल पंप तिराहे तक एक भव्य प्रभात रैली निकाली।
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जन जागरूकता: इस रैली की खास बात यह रही कि इसके माध्यम से आम जनता को समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रति भी जागरूक किया गया।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम: रैली के दौरान बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भी भारी भागीदारी रही।
यात्रा का शीतकालीन पड़ाव और प्रशासन की तैयारी
बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट सर्दियों के 6 महीनों के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान बाबा केदार की डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में विराजमान रहती है। धाम में केवल सुरक्षा बलों और कुछ गिने-चुने कर्मचारियों की ही मौजूदगी रहती है।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने इस अवसर पर सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम में तैनात हमारे जवान विषम परिस्थितियों में जो सेवा दे रहे हैं, वह वंदनीय है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रशासन आने वाली यात्रा सीजन के लिए अभी से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रहा है।
राष्ट्र प्रथम की भावना
केदारनाथ की बर्फबारी के बीच फहराता तिरंगा इस बात का प्रतीक है कि भारत की सीमाएं और इसकी आस्था के केंद्र सुरक्षित हाथों में हैं। माइनस डिग्री तापमान भी उन जवानों के संकल्प को नहीं डिगा सका, जिन्होंने राष्ट्र को सर्वोपरि माना है। 77वें गणतंत्र दिवस पर केदारनाथ से आई ये तस्वीरें आने वाली पीढ़ियों को साहस और समर्पण की नई कहानी सुनाएंगी।



