नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का माहौल सोमवार को आए भूचाल के बाद आज मंगलवार को भी बेहद तनावपूर्ण रहने की संभावना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चीन सीमा विवाद को लेकर दिए गए बयानों और एक विदेशी मैगजीन की रिपोर्ट के हवाले ने सदन की कार्यवाही में जो गतिरोध पैदा किया है, उसका असर आज भी दिखाई दे सकता है। सोमवार को दो बार स्थगन के बाद आज सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होगी, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने के पूरे आसार हैं।
विवाद की जड़: राहुल गांधी का ‘मैगजीन’ वाला दांव
सोमवार को सदन में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब राहुल गांधी ने चीन के मुद्दे पर एक अंतरराष्ट्रीय मैगजीन की रिपोर्ट का हवाला देने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (सेवानिवृत्त) की एक अप्रकाशित पुस्तक के कुछ कथित अंशों का उल्लेख था। राहुल गांधी जैसे ही इन अंशों को सदन के पटल पर रखने या उनका जिक्र करने लगे, सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
स्पीकर ओम बिड़ला ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि सदन के नियमों के अनुसार, बिना किसी पुख्ता प्रमाण या पूर्व सूचना के ऐसी किसी रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया जा सकता जो अभी प्रकाशित ही नहीं हुई हो। हालांकि, राहुल गांधी के अड़े रहने के कारण सदन की कार्यवाही पहले शाम 4 बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
आज की कार्यसूची: श्रद्धांजलि से लेकर धन्यवाद प्रस्ताव तक
मंगलवार, 3 फरवरी 2026 की कार्यवाही के लिए लोकसभा सचिवालय ने विस्तृत एजेंडा जारी किया है। सदन में आज निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य होने हैं:
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श्रद्धांजलि: सदन की शुरुआत पूर्व सांसद सुरूपसिंह हिरया नाइक के निधन पर शोक व्यक्त करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ होगी।
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प्रश्नकाल: इसके बाद विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े तारांकित और अतारांकित प्रश्नों पर चर्चा होगी।
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संसदीय समितियों का चुनाव: आज सदन में कई महत्वपूर्ण समितियों के गठन और सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इनमें ‘एस्टिमेट्स कमेटी’, ‘पब्लिक अकाउंट्स कमेटी’ (PAC), ‘पब्लिक अंडरटेकिंग्स कमेटी’ और ‘अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण समिति’ शामिल हैं।
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दस्तावेजों का प्रस्तुतीकरण: विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन और महत्वपूर्ण दस्तावेज मंत्रियों द्वारा सदन की मेज पर रखे जाएंगे।
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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा: आज का सबसे मुख्य केंद्र राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ होगा। 2 फरवरी को शुरू हुई यह बहस आज दूसरे दिन भी जारी रहेगी, जिसमें विपक्षी नेता सरकार की नीतियों की घेराबंदी करेंगे।
रणनीतिक घेराबंदी: विपक्ष के पास चीन और सुरक्षा का मुद्दा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ‘चीन और सीमा सुरक्षा’ को मुख्य हथियार बनाएगा। राहुल गांधी समेत विपक्ष के अन्य वरिष्ठ नेता यह आरोप लगा रहे हैं कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है। वहीं, दूसरी ओर सत्ता पक्ष का तर्क है कि विपक्ष सदन की मर्यादा को ताक पर रखकर अपुष्ट और विवादित स्रोतों का सहारा लेकर भ्रम फैला रहा है।
संसदीय कार्य मंत्री और सत्ता पक्ष के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि यदि विपक्ष ने सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की या नियमों के विरुद्ध आचरण किया, तो वे इसका डटकर मुकाबला करेंगे।
स्पीकर की चुनौती: सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करना
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लिए आज का दिन चुनौतीपूर्ण होने वाला है। एक ओर उन्हें नियम 377 के तहत जनहित के मुद्दों को उठाने का अवसर देना है, तो दूसरी ओर ‘कारोबार सलाहकार समिति’ की रिपोर्ट पर चर्चा कर सदन के समय का सही प्रबंधन करना है। कल के घटनाक्रम को देखते हुए स्पीकर आज अधिक सख्त रुख अपना सकते हैं ताकि राष्ट्रपति के अभिभाषण जैसी महत्वपूर्ण बहस शोर-गुल की भेंट न चढ़ जाए।
क्या आज मिल पाएगी शांति?
संसद के गलियारों में चर्चा है कि आज की बहस में चीन के मुद्दे के अलावा बेरोजगारी, किसान आंदोलन और हालिया बजट घोषणाओं पर भी तीखे वार-पलटवार होंगे। यदि विपक्ष ने अपना आक्रामक रुख जारी रखा और सरकार ने रक्षात्मक होने के बजाय आक्रामक पलटवार किया, तो एक बार फिर संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हो सकती है।
पूरे देश की निगाहें आज सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं, क्योंकि यह केवल राजनीतिक खींचतान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक मर्यादा से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।



