काशीपुर में ब्लैकमेलिंग के सनसनीखेज मामले का खुलासा, पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से दबोचा आरोपी राजेंद्र कुमार; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश
रुद्रपुर/काशीपुर: उत्तराखंड के काशीपुर में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और पीड़ित से लाखों रुपये वसूलने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि आरोपी और उसके साथियों ने साजिश के तहत पीड़ित को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई और उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये की रकम वसूली गई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पीड़ित से वसूली गई रकम में से एक लाख रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल बताई गई एक कार बरामद की है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
आपत्तिजनक वीडियो को बनाया ब्लैकमेलिंग का हथियार
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और कथित तौर पर उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक वीडियो तैयार की गई। वीडियो सामने आने के बाद आरोपियों ने उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देना शुरू कर दिया। इसी धमकी के जरिए पीड़ित से बड़ी रकम की मांग की गई और कथित तौर पर लाखों रुपये की वसूली की गई।
मामले में पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की और तमंचे के बल पर उसे डराया-धमकाया। ब्लैकमेलिंग के साथ-साथ लगातार धमकियों के चलते पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
10 अगस्त को पुलिस के पास पहुंचा था पीड़ित
कुंडेश्वरी निवासी पीड़ित ने 10 अगस्त को कोतवाली काशीपुर में तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और हथियार के बल पर रुपये वसूले। इसके अलावा आरोपियों ने कथित तौर पर षड्यंत्र के तहत उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
तहरीर मिलने के बाद कोतवाली काशीपुर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 308(5) और 351(3) के तहत केस दर्ज करते हुए मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मनोज धौनी को सौंपी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने पुलिस टीम का गठन कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और घटना के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस ने पहुंचाया मुख्य आरोपी तक
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया। टीम ने सुरागरसी-पतारसी के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।
इसी क्रम में 12 सितंबर को पुलिस टीम को सूचना मिली कि मुकदमे का मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार रामनगर रोड स्थित प्रतापपुर बैरियर के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय सतनाम सिंह, निवासी बैराज कॉलोनी, शक्तिनगर, बिजनौर, उम्र करीब 32 वर्ष के रूप में हुई है।
आरोपी के पास से एक लाख रुपये और कार बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये नकद बरामद किए। पुलिस का कहना है कि यह रकम पीड़ित से वसूली गई धनराशि में से बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने एक कार भी बरामद की है।
बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पीड़ित से कुल कितनी रकम वसूली गई थी, इस रकम में अन्य आरोपियों की क्या भूमिका थी और ब्लैकमेलिंग के लिए तैयार की गई आपत्तिजनक वीडियो का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पूछताछ में सामने आई कथित साजिश
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी राजेंद्र कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित को ब्लैकमेल करने की योजना बनाए जाने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि पीड़ित को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बाद उसकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई गई और इसके बाद वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उससे धनराशि वसूली गई।
हालांकि, पुलिस अब आरोपी के बयानों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी, आरोपियों के बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गिरोह में और कौन-कौन? जांच में जुटी पुलिस
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का अगला फोकस मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचना है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग की योजना में कौन-कौन लोग शामिल थे और पीड़ित से वसूली गई रकम का बंटवारा किस प्रकार किया गया।
पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र कुमार का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ काशीपुर थाने में वर्ष 2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए, 489बी, 489सी और 34 के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा आईटीआई थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में उसके खिलाफ धारा 417, 420, 468 और 471 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान मामले के बीच किसी संभावित कड़ी की भी जांच कर रही है।
काशीपुर एसपी ने क्या कहा?
काशीपुर एसपी स्वप्न किशोर के मुताबिक आरोपियों ने आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से लाखों रुपये की वसूली की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के निर्देश दिए गए थे।
एसपी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी को प्रतापपुर बैरियर के पास रामनगर रोड से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से पीड़ित से वसूली गई रकम में से एक लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने और पीड़ित से रुपये वसूलने की योजना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार पीड़ित को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर धनराशि वसूलने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी साजिश में कितने लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की कड़ी को आगे बढ़ा दिया है। एक लाख रुपये की बरामदगी, कार की जब्ती और पूछताछ में सामने आई कथित साजिश के बाद पुलिस को उम्मीद है कि अन्य आरोपियों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। मामले में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले साक्ष्यों और आरोपियों की गिरफ्तारी के आधार पर की जाएगी।
