
ईरान की सत्ता में इन दिनों एक ऐसा नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, जो सार्वजनिक रूप से कहीं दिखाई नहीं दे रहा, लेकिन जिसके इर्द-गिर्द पूरी रणनीति घूम रही है. यह नाम है मुजतबा खामेनेई का. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हालिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई पर्दे के पीछे रहकर न केवल युद्ध की रणनीति तय कर रहे हैं, बल्कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया संघर्ष की शुरुआत में हुए एक बड़े हमले में मुजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद से वे पूरी तरह सार्वजनिक जीवन से गायब हैं. उन्हें किसी भी सरकारी कार्यक्रम, सैन्य बैठक या सार्वजनिक आयोजन में नहीं देखा गया है. यही वजह है कि उनकी सेहत और सक्रियता को लेकर दुनियाभर में अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि अब अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने दावा किया है कि वे अभी भी ईरान की सत्ता के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हैं.
बताया जा रहा है कि ईरान के भीतर अलग-अलग सत्ता समूहों और सैन्य धड़ों के बीच खींचतान चल रही है, लेकिन इसके बावजूद मुजतबा का प्रभाव कम नहीं हुआ है. खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वे बेहद गोपनीय तरीके से काम कर रहे हैं और हर बड़े फैसले पर उनकी नजर बनी हुई है. अमेरिका के साथ संभावित युद्धविराम और कूटनीतिक बातचीत की दिशा भी काफी हद तक वही तय कर रहे हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मुजतबा खामेनेई ने अपनी सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक से लगभग पूरी तरह दूरी बना ली है. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि वे फोन, कंप्यूटर या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न की जा सके. वे केवल चुनिंदा लोगों से आमने-सामने मुलाकात करते हैं और ज्यादातर संदेश विश्वसनीय संदेशवाहकों के जरिए पहुंचाए जाते हैं. इसी वजह से अमेरिकी एजेंसियां अब तक उनकी सटीक लोकेशन का पता नहीं लगा पाई हैं.
खुफिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हमले में मुजतबा के शरीर का एक हिस्सा बुरी तरह झुलस गया था. उनके चेहरे, हाथ, पैर और धड़ पर गंभीर चोटें आई थीं, जिनका इलाज लंबे समय से चल रहा है. हालांकि ईरान की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है. सर्वोच्च नेता के दफ्तर के प्रोटोकॉल प्रमुख मजहर हुसैनी ने इन खबरों को अफवाह बताया है. उनका कहना है कि मुजतबा को केवल मामूली चोटें आई थीं और वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. हालांकि वे किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और धार्मिक नेतृत्व के कई प्रभावशाली लोगों के साथ उनके करीबी संबंध बताए जाते हैं. यही वजह है कि उन्हें भविष्य में ईरान के संभावित सर्वोच्च नेता के रूप में भी देखा जाता रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मुजतबा की भूमिका और भी अहम हो गई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वे युद्ध और कूटनीति दोनों मोर्चों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. एक तरफ ईरान अपनी सैन्य ताकत दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर बैकचैनल बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश भी जारी है.
दुनिया की नजरों से पूरी तरह ओझल हो चुके मुजतबा खामेनेई अब रहस्य और शक्ति दोनों का प्रतीक बनते जा रहे हैं. उनकी चुप्पी, गोपनीय रणनीति और पर्दे के पीछे की सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई जिज्ञासा पैदा कर दी है. आने वाले दिनों में ईरान-अमेरिका संबंध किस दिशा में जाएंगे, इसमें मुजतबा की भूमिका बेहद निर्णायक मानी जा रही है.



