By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: देवभूमि में अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे सांसद अजय भट्ट; कांग्रेस ने कहा— ‘स्कूल बंद हो रहे, शराब की दुकानें खुल रही’
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > देवभूमि में अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे सांसद अजय भट्ट; कांग्रेस ने कहा— ‘स्कूल बंद हो रहे, शराब की दुकानें खुल रही’
उत्तराखंडफीचर्ड

देवभूमि में अपनी ही सरकार के खिलाफ उतरे सांसद अजय भट्ट; कांग्रेस ने कहा— ‘स्कूल बंद हो रहे, शराब की दुकानें खुल रही’

The Hill India News
Last updated: April 2, 2026 3:02 am
The Hill India News
Published: April 2, 2026
Share
SHARE

रामनगर/नैनीताल: उत्तराखंड की शांत वादियों में इन दिनों पर्यटन की नहीं, बल्कि ‘मदिरा’ की सियासत उफान पर है। नैनीताल जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित विदेशी मदिरा की नई दुकानों को लेकर राज्य सरकार अपनों और विरोधियों, दोनों के निशाने पर आ गई है। जहां एक ओर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा सांसद अजय भट्ट ने जनभावनाओं का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर दुकानें निरस्त करने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे राज्य सरकार की दिशाहीन नीति करार दिया है।

Contents
सांसद अजय भट्ट की दो टूक: ‘कैंची धाम की मर्यादा और छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि’रणजीत सिंह रावत का तीखा हमला: ‘शिक्षा पर ताला, शराब पर जोर’सियासी एकजुटता: जब विपक्षी और सत्ताधारी एक सुर में बोलेग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जनआक्रोशआबकारी विभाग और शासन की चुप्पी

सांसद अजय भट्ट की दो टूक: ‘कैंची धाम की मर्यादा और छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि’

नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने शासन स्तर पर रातीघाट, मंगोली और बजून क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने की प्रक्रिया पर कड़ा ऐतराज जताया है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र और दूरभाष पर हुई वार्ता में भट्ट ने स्पष्ट किया कि ये क्षेत्र केवल ग्रामीण बाजार नहीं हैं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों का केंद्र हैं।

सांसद भट्ट ने अपने तर्क में तीन प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया:

  1. धार्मिक संवेदनशीलता: प्रस्तावित स्थल विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (बाबा नीब करौरी महाराज) के समीप हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र के पास शराब की दुकान खोलना जनभावनाओं के विरुद्ध है।

  2. शैक्षिक वातावरण: इन क्षेत्रों में राजकीय इंटर कॉलेज और विद्यालय संचालित हैं। शराब की दुकानों से छात्रों के भविष्य और शैक्षिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

  3. महिला सुरक्षा: ग्रामीण बाजारों में महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है, ऐसे में मदिरा की दुकान खुलने से सामाजिक असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।

रणजीत सिंह रावत का तीखा हमला: ‘शिक्षा पर ताला, शराब पर जोर’

इस विवाद में कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने सरकार को घेरते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। रावत ने सरकार की प्राथमिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड में विकास का पैमाना ‘शिक्षा’ के बजाय ‘शराब’ बनता जा रहा है।

रणजीत सिंह रावत ने आंकड़ों के हवाले से कहा:

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ प्रदेश में डेढ़ सौ से अधिक सरकारी इंटर कॉलेज बंद हो चुके हैं या बंद होने की कगार पर हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार हर साल सैकड़ों नई शराब की दुकानों का लक्ष्य निर्धारित कर रही है। सरकार को स्कूल खोलने की चिंता नहीं है, लेकिन गली-कूचे में ठेके खोलने की जल्दबाजी है।”

उन्होंने नैनीताल जिले के मालधन और पाटकोट क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले वर्ष भी जनता ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया था। तब सरकार ने दुकानें बंद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादे खोखले साबित हुए। रावत ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर बजट और प्रस्तावों में उल्लेख न होने के बावजूद गुपचुप तरीके से दुकानें खोल दी जाती हैं।

सियासी एकजुटता: जब विपक्षी और सत्ताधारी एक सुर में बोले

उत्तराखंड की राजनीति में यह दुर्लभ नजारा है कि उत्तराखंड शराब नीति विरोध 2026 के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के नेता एक ही धरातल पर खड़े नजर आ रहे हैं। रणजीत सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अरविंद पांडे और अन्य भाजपा जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जो अपनी ही सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

रावत ने कहा कि जब जनमुद्दों की बात आती है, तो दलीय राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता जरूरी है। उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मालधन द्वारा एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि यदि इन दुकानों को निरस्त नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जनआक्रोश

रातीघाट, मंगोली और बजून जैसे क्षेत्रों में स्थानीय महिलाएं और युवा संगठन पहले से ही लामबंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे देवभूमि की संस्कृति को शराब के नशे में डूबने नहीं देंगे। ग्रामीण बाजारों में शराब की दुकानों का विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि शासन ने अपनी जिद नहीं छोड़ी, तो यह मुद्दा आगामी चुनावों में सरकार के लिए गले की फांस बन सकता है।

आबकारी विभाग और शासन की चुप्पी

फिलहाल, आबकारी विभाग और शासन के उच्च अधिकारियों ने इस विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के दबाव में नई दुकानें प्रस्तावित की गई हैं। लेकिन सांसद अजय भट्ट के हस्तक्षेप के बाद अब गेंद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पाले में है। क्या सरकार अपने ही वरिष्ठ सांसद की सलाह मानकर दुकानें निरस्त करेगी या राजस्व की खातिर जनविरोध को दरकिनार करेगी, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।

उत्तराखंड शराब नीति विरोध 2026 ने राज्य की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ राजस्व का दबाव है, तो दूसरी तरफ कैंची धाम जैसी पवित्र जगहों की मर्यादा और युवाओं का भविष्य। अजय भट्ट और रणजीत सिंह रावत जैसे दिग्गजों का एक सुर में बोलना यह संकेत देता है कि उत्तराखंड की जनता अब ‘शराब बनाम सरोकार’ की लड़ाई लड़ने को तैयार है। देवभूमि की इस ‘मधुशाला पॉलिटिक्स’ का ऊंट किस करवट बैठता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं।

You Might Also Like

4 भारतीयों नागरिकों सहित 22 यात्रियों को ले जा रही नेपाल की फ्लाइट लापता
उत्तराखंड : दस वर्ष की सेवा पूरी कर चुके डाक्टरों के लिए खुशखबरी, मिलेगी ये सुविधा
पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर चलेगी फास्ट-ट्रैक कोर्ट, दोषियों को मिलेगी सख्त सजा
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
देशभर की अदालतों में 5.49 करोड़ से अधिक मामले लंबित: न्याय प्रणाली पर बढ़ता बोझ बना राष्ट्रीय चुनौती
TAGGED:Ajay Bhatt liquor shop protestKainchi Dham liquor disputeNainital liquor shop cancellation.Ranjit Singh Rawat CongressUttarakhand Excise Department news
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

G7 में मोदी-ट्रंप की मुलाकात से पहले ‘नो प्रेस’ पर भारत ने साफ किया रुख, ट्रंप के अप्रत्याशित सवालों से क्यों बरती गई थी अतिरिक्त सावधानी?

The Hill India News
The Hill India News
August 24, 2026
‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’… BPSC छात्रों के आरोपों पर परीक्षा नियंत्रक का बयान, बिहार में फिर गरमाया विवाद
ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका में मचाया तहलका, 115 रन की ऐतिहासिक पारी से धोनी का रिकॉर्ड ध्वस्त; नंबर-7 पर रचा नया इतिहास
‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पर देहरादून में सजा कला का महाकुंभ, पद्मश्री डॉ. संजय बोले—लोक एवं जनजातीय कला हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान
भारी बारिश से बेहाल गुरुग्राम: वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी, स्कूलों को ऑनलाइन क्लास की सलाह
iPhone की EMI या पारिवारिक कलह? महाराष्ट्र में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत का सच बना रहस्य
उत्तराखंड SIR में चौंकाने वाले आंकड़े: 40 हजार से ज्यादा मतदाता लापता, एक व्यक्ति ने दर्ज कराईं 5,906 आपत्तियां
पुलिस के बावजूद आधी रात तक लाठी लेकर पहरा दे रहीं महिलाएं, नशे के खिलाफ थानी गांव में खुद संभाला मोर्चा
मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासी घमासान, CM योगी ने साधा निशाना—कहा, ‘भारत की विरासत को कोसना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं’
सात महीने पहले माता-पिता की हत्या का आरोप, अब इंजेक्शन लगाकर महिला की मौत; प्रेम संबंध विवाद से जुड़ा था मामला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?