एक तरफ परीक्षा रद्द होने के फैसले पर छात्रों का जश्न, दूसरी ओर नौकरी गंवाने का डर; JSSC CGL पास अभ्यर्थियों ने सरकार से लगाई गुहार- ‘जांच करिए, दोषियों पर कार्रवाई करिए, लेकिन हमारी नौकरी मत छीनिए’
रांची: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक ही फैसले ने छात्रों के दो अलग-अलग चेहरों को सामने ला दिया है। एक तरफ परीक्षा रद्द किए जाने की मांग कर रहे अभ्यर्थी सरकार के फैसले के बाद खुशी मना रहे हैं, सड़कों पर जश्न मनाते नजर आ रहे हैं और अपनी जीत का इजहार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ JSSC CGL 2024 परीक्षा पास कर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के सामने अब भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।
परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद चयनित अभ्यर्थी बेहद परेशान हैं। कई अभ्यर्थी सरकार के फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। कैमरे के सामने कुछ उम्मीदवार भावुक होकर रोते दिखाई दिए। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उन अभ्यर्थियों को सजा क्यों दी जा रही है जिन्होंने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर परीक्षा पास की?
एक ही फैसले से दो तस्वीरें, कहीं जश्न तो कहीं आंसू
झारखंड में परीक्षा विवाद के बाद जो तस्वीर सामने आई है, वह बेहद भावुक कर देने वाली है। रांची की सड़कों पर परीक्षा रद्द कराने की मांग कर रहे छात्रों के चेहरे पर फैसले के बाद खुशी दिखाई दी। छात्र नारे लगाते, जश्न मनाते और जीत का इजहार करते नजर आए।
लेकिन इसी फैसले का दूसरा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ा, जिन्होंने 2024 में JSSC CGL परीक्षा पास की थी। इनमें से कई अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी भी मिल चुकी थी। अब परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने नौकरी जाने का खतरा खड़ा हो गया है।
इन अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा में बैठने के लिए मेहनत की, तैयारी की, परीक्षा दी, चयन प्रक्रिया पूरी की और फिर उन्हें नियुक्ति मिली। ऐसे में यदि बाद में परीक्षा रद्द कर दी जाती है तो इसका खामियाजा उन्हें क्यों भुगतना पड़े?
‘जांच कराइए, दोषियों पर कार्रवाई कीजिए, लेकिन हमें मत सजा दीजिए’
सरकार के फैसले का विरोध कर रहे JSSC CGL पास अभ्यर्थियों में काफी नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान एक अभ्यर्थी भावुक हो गया और उसने कहा कि वे किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं।
अभ्यर्थी ने कहा, “हम लोग हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। आप जांच कीजिए, जो गलत है उस पर कार्रवाई कीजिए, लेकिन कुछ लोगों के लिए हमारे साथ ऐसा अन्याय मत कीजिए।”
उसने आगे कहा कि यदि जरूरत पड़े तो वह अपने सभी दस्तावेज जांच एजेंसी के सामने पेश करने के लिए तैयार है। उसका कहना था कि सरकार चाहे तो CBI से जांच कराए, लेकिन उन लोगों की नौकरी न छीने जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की है।
भावुक होते हुए अभ्यर्थी ने यहां तक कहा कि अगर उनकी नौकरी चली गई तो उनके सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। उसके इस बयान ने प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
‘हमारी मेहनत का क्या होगा?’
JSSC CGL पास अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी तो उस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? उनका कहना है कि पूरी परीक्षा को रद्द करने से उन हजारों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर जाएगा, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि किसी भी भर्ती परीक्षा में यदि कुछ उम्मीदवारों ने गलत तरीके से लाभ लिया है तो जांच के जरिए उन्हें अलग किया जा सकता है। लेकिन पूरी परीक्षा रद्द कर देने से उन अभ्यर्थियों को भी नुकसान होगा, जिन्होंने बिना किसी गलत तरीके के परीक्षा पास की और सरकारी सेवा में पहुंचे।
यही वजह है कि अब JSSC CGL पास अभ्यर्थी भी आंदोलन के मैदान में उतर आए हैं।
कुछ महीने पहले मिली थी सरकारी नौकरी, अब छिनने का डर
इन अभ्यर्थियों के लिए यह सिर्फ परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि उनके पूरे भविष्य का सवाल है। कई उम्मीदवारों के मुताबिक उन्होंने लंबे समय तक सरकारी नौकरी की तैयारी की। कई सालों की मेहनत के बाद उन्होंने JSSC CGL परीक्षा पास की और नियुक्ति हासिल की।
सरकारी नौकरी मिलने के बाद उनके परिवारों में खुशी का माहौल था। किसी ने भविष्य की योजनाएं बनाईं तो किसी ने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का सपना देखा। लेकिन अब परीक्षा रद्द होने के फैसले ने इन सभी योजनाओं पर सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें एक झटके में ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनकी नौकरी और भविष्य दोनों उनसे छीन लिए गए हों।
सरकार से CBI जांच की मांग
JSSC CGL पास अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वे चाहते हैं कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे जांच से भाग नहीं रहे हैं। बल्कि वे खुद चाहते हैं कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए। उनका कहना है कि जांच में जो भी दोषी मिले, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लेकिन उनका विरोध इस बात को लेकर है कि कथित गड़बड़ी की कीमत उन सभी अभ्यर्थियों से न वसूली जाए जिन्होंने मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा पास की।
JSSC CGL विवाद ने बढ़ाई सरकार की चुनौती
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर पहले से ही छात्रों में असंतोष देखने को मिल रहा है। अब परीक्षा रद्द किए जाने के बाद सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
एक तरफ परीक्षा में कथित गड़बड़ी की शिकायत करने वाले छात्र निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ परीक्षा पास कर चुके और नौकरी पा चुके अभ्यर्थी अपने भविष्य को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
ऐसे में सरकार के लिए दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान करना आसान नहीं होगा।
अभ्यर्थियों का सवाल- गलती किसी की, सजा हमें क्यों?
JSSC CGL पास उम्मीदवारों का सबसे बड़ा सवाल यही है—“अगर गलती हुई है तो दोषी कौन है और उसकी सजा हमें क्यों?”
उनका कहना है कि परीक्षा में यदि किसी स्तर पर पेपर लीक, नकल या अन्य अनियमितता साबित होती है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सभी सफल उम्मीदवारों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है।
कई अभ्यर्थी यह भी सवाल उठा रहे हैं कि यदि उन्हें नियुक्ति देने से पहले दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं तो अब उनकी नौकरी पर संकट क्यों आया?
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
सरकार के फैसले से नाराज JSSC CGL पास अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे अपना आंदोलन खत्म करने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया जाता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका सिर्फ इतना कहना है कि ईमानदारी से परीक्षा पास करने वाले युवाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
झारखंड की इस पूरी तस्वीर में फिलहाल सबसे ज्यादा दर्द उन युवाओं के चेहरे पर दिखाई दे रहा है, जिन्होंने सरकारी नौकरी को अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद माना था। एक ओर जहां कुछ छात्र परीक्षा रद्द होने को अपनी जीत मानकर जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वही फैसला दूसरे युवाओं के लिए चिंता, आंसू और बेरोजगारी का डर लेकर आया है।
अब सबकी नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर है। क्या सरकार JSSC CGL पास अभ्यर्थियों की नौकरी बचाने के लिए कोई रास्ता निकालती है? क्या पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराकर दोषियों को अलग किया जाएगा? या फिर परीक्षा रद्द करने का फैसला ही अंतिम माना जाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में झारखंड के हजारों युवाओं के भविष्य को तय करेंगे।
