भोपाल मॉडल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा; आखिरी रात की कॉल, WhatsApp मैसेज और CCTV फुटेज से सामने आई पूरी टाइमलाइन, गर्भावस्था, 20 लाख रुपये के शेयर और वैवाहिक विवाद भी जांच के केंद्र में
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित मॉडल ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। जांच एजेंसी ने अपनी 30 पन्नों की चार्जशीट में ट्विशा की मौत को आत्महत्या बताया है और आरोप लगाया है कि वह लंबे समय से कथित मानसिक प्रताड़ना, वैवाहिक विवाद और कई अन्य दबावों से जूझ रही थी। चार्जशीट में मौत से पहले के करीब 90 मिनट की घटनाओं, फोन कॉल, WhatsApp संदेशों, CCTV फुटेज, काउंसलिंग रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों के बयानों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
CBI ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उसकी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं। हालांकि, मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी और चार्जशीट में लगाए गए आरोपों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साबित किया जाना बाकी है।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात ट्विशा की मौत से कुछ समय पहले की गतिविधियां हैं। CBI के मुताबिक, मौत से पहले ट्विशा ने अपनी भाभी को एक ऐसा संदेश भेजा था, जिससे उसके मानसिक तनाव और उस समय की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद CCTV फुटेज में उसकी गतिविधियां सामने आती हैं और परिवार के सदस्यों के बीच हुई बातचीत से उस रात की घटनाओं की कड़ियां जुड़ती हैं।
आखिरी रात की शुरुआत: रात 9:20 बजे आया पहला फोन
CBI की चार्जशीट के मुताबिक, 12 मई की रात करीब 9:20 बजे ट्विशा ने अपनी भाभी राशि को फोन किया। जांच दस्तावेजों के अनुसार, उस समय वह काफी परेशान थी और रो रही थी। उसने कथित तौर पर बताया कि पीठ में दर्द के कारण उसने अपने पति समर्थ से दूसरे कमरे में सोने के लिए कहा था, लेकिन इस बात को लेकर समर्थ का व्यवहार कथित तौर पर बेहद आक्रामक हो गया।
कुछ देर बाद, करीब 9:29 बजे, ट्विशा ने दोबारा फोन किया। हालांकि, वह लगातार रो रही थी और ठीक से बात नहीं कर पा रही थी। बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके महज कुछ मिनट बाद स्थिति और गंभीर हो गई। CBI के मुताबिक, करीब 9:36 बजे ट्विशा ने अपनी भाभी को एक आखिरी संदेश भेजा। इस संदेश में उसने अपनी बेहद परेशान मानसिक स्थिति का संकेत दिया। यही संदेश अब पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके करीब चार मिनट बाद, यानी 9:40 बजे, CCTV फुटेज में ट्विशा को अकेले सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए देखा गया। जांच एजेंसी ने CCTV टाइमलाइन को चार्जशीट में महत्वपूर्ण आधार बनाया है।
पिता को किया फोन, कहा- तुरंत आ जाइए
CCTV फुटेज में छत की ओर जाते हुए दिखाई देने के कुछ ही समय बाद ट्विशा ने अपने पिता को फोन किया। चार्जशीट के मुताबिक, करीब 9:41 बजे उसने अपने पिता से बातचीत की और कथित तौर पर बताया कि समर्थ का व्यवहार बहुत आक्रामक हो गया है। उसने अपने माता-पिता से जल्द भोपाल आने की अपील भी की।
इसके बाद करीब 10:05 बजे उसने अपनी मां को भी फोन किया। चार्जशीट के मुताबिक, मां से बातचीत के दौरान भी उसने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर चिंता जताई।
बेटी की हालत सुनकर परिवार बेहद चिंतित हो गया। उसकी मां ने ट्विशा और समर्थ दोनों को लगातार फोन करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर दोनों की ओर से फोन का जवाब नहीं मिला।
यहीं से उस रात की घटनाएं और भी गंभीर होती चली गईं।
10:10 बजे मां ने सास को फोन किया
CBI की टाइमलाइन के मुताबिक, करीब 10:10 बजे ट्विशा की मां ने उसकी सास गिरिबाला सिंह को फोन किया और उनसे ट्विशा को देखने के लिए कहा।
इसके कुछ मिनट बाद, करीब 10:16 बजे, गिरिबाला अपने कमरे से निकलकर नीचे ट्विशा के कमरे की ओर गईं। करीब 10:18 बजे उन्होंने ट्विशा को फोन किया।
इसके बाद करीब 10:21 बजे गिरिबाला ने समर्थ को फोन किया। CCTV फुटेज में करीब 10:23 बजे दोनों को छत की दिशा में जाते हुए देखा गया।
इसके बाद ट्विशा को नीचे लाया गया और उपचार के लिए AIIMS भोपाल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन करीब 10:55 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस तरह कुछ ही समय के भीतर एक ऐसी घटनाओं की श्रृंखला सामने आई, जिसमें परिवार को फोन, मदद की अपील और फिर अस्पताल पहुंचने तक की पूरी टाइमलाइन जांच का अहम हिस्सा बन गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने क्या बताया?
ट्विशा की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी सवाल उठे थे। परिवार की ओर से शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने दोबारा पोस्टमार्टम किया।
CBI की चार्जशीट में इस मेडिकल जांच का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण फांसी के कारण दम घुटना बताया गया और उपलब्ध विवरण के मुताबिक शरीर पर मारपीट या हाथापाई के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए।
यही मेडिकल निष्कर्ष CBI के उस दावे का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें एजेंसी ने मौत को आत्महत्या बताया है। हालांकि, इस मामले में अदालत के समक्ष पेश सभी साक्ष्यों का अंतिम मूल्यांकन न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगा।
डेटिंग ऐप से शुरू हुई मुलाकात, कुछ ही महीनों में शादी
CBI की जांच के अनुसार, ट्विशा और समर्थ की मुलाकात फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों के बीच संबंध आगे बढ़े और करीब 10 महीने बाद 9 दिसंबर 2025 को दोनों ने शादी कर ली।
लेकिन जांच एजेंसी का आरोप है कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा। चार्जशीट में दावा किया गया है कि समर्थ ट्विशा के पुराने रिश्तों को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां करता था।
ट्विशा ने जब कथित तौर पर अपनी सास से पति के व्यवहार की शिकायत की, तो CBI के मुताबिक, गिरिबाला सिंह अक्सर अपने बेटे का पक्ष लेती थीं।
मार्च 2026 में ट्विशा के पिता को हार्ट अटैक आने के बाद वह उनके इलाज के लिए अपने मायके गई थी। चार्जशीट के अनुसार, उस दौरान भी उस पर भोपाल लौटने का कथित दबाव बनाया गया और वह 24 मार्च को वापस लौट आई।
गर्भावस्था ने बढ़ाया तनाव, अबॉर्शन को लेकर भी विवाद
मामले की जांच में गर्भावस्था का मुद्दा भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है। चार्जशीट के अनुसार, 16 अप्रैल को ट्विशा को अपनी गर्भावस्था के बारे में जानकारी मिली।
जांच एजेंसी का कहना है कि वैवाहिक रिश्तों में पहले से चल रहे तनाव के कारण ट्विशा इस गर्भावस्था को लेकर मानसिक रूप से परेशान थी। 17 अप्रैल को इस मुद्दे पर विवाद हुआ और समर्थ के कथित व्यवहार से परेशान होकर ट्विशा अपने मायके चली गई।
बाद में वह भोपाल लौटी, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ। चार्जशीट के मुताबिक, 30 अप्रैल को उसे पैनिक अटैक आया और इसके बाद उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास ले जाया गया।
इसके बाद गर्भावस्था समाप्त करने का फैसला सामने आया। 6 मई को ट्विशा ने अपनी पुरानी नौकरी से जुड़े ऑफर को स्वीकार किया और उसी दिन गर्भावस्था समाप्त करने की प्रक्रिया की पहली दवा लेने का उल्लेख चार्जशीट में है।
अगले दिन यानी 7 मई को उसकी सास उसे अस्पताल लेकर गईं। CBI के मुताबिक, वहां डॉक्टर से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या गर्भावस्था समाप्त करने की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। डॉक्टर ने कथित तौर पर ऐसा संभव नहीं बताया।
काउंसलिंग के दौरान सामने आईं कई बातें
जांच के दौरान डॉक्टर काकोली रॉय की भूमिका भी सामने आती है। चार्जशीट के अनुसार, काउंसलिंग के दौरान ट्विशा ने अपने वैवाहिक जीवन और ससुराल में चल रहे तनाव को लेकर कई बातें साझा कीं।
CBI का दावा है कि ट्विशा ने काउंसलिंग के दौरान आरोप लगाया कि उसकी सास उसे गर्भावस्था समाप्त करने को लेकर कथित तौर पर अपमानित करती थीं। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि ट्विशा ने बताया कि उसे इस मुद्दे पर कथित रूप से ‘कातिल’ कहा गया।
8 मई को गर्भावस्था समाप्त करने की प्रक्रिया की अगली दवा लेने के बाद ट्विशा को काफी परेशानी हुई। CBI के अनुसार, इस दौरान भी पति-पत्नी के बीच तनाव बना रहा और समर्थ ने कथित तौर पर उसकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद 9 मई को एक और विवाद सामने आया। चार्जशीट के अनुसार, समर्थ ने कथित तौर पर गर्भावस्था को लेकर ट्विशा पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के बाद ट्विशा ने अपनी मां को संदेश भेजकर बताया कि उसे वहां मानसिक रूप से घुटन महसूस हो रही है।
20 लाख रुपये के शेयर भी बने विवाद की वजह
CBI की चार्जशीट में केवल वैवाहिक विवाद ही नहीं, बल्कि आर्थिक विवाद का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा के डिमैट अकाउंट में करीब 20 लाख रुपये के शेयर थे।
CBI का आरोप है कि समर्थ और उसकी मां ट्विशा पर इन पैसों को एक संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए दबाव बना रहे थे। आरोप के अनुसार, समर्थ इस रकम को चीन के शेयर बाजार में निवेश करना चाहता था।
हालांकि, ट्विशा ने कथित तौर पर इस पैसे को ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया था। उसने बताया था कि यह रकम उसके पिता की है।
मौत वाले दिन भी, यानी 12 मई की शाम 7:51 बजे, ट्विशा ने अपनी भाभी से फोन पर बातचीत की थी। CBI के मुताबिक, इस बातचीत में उसने आर्थिक दबाव की बात भी बताई थी।
यह वित्तीय विवाद अब जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पैसों से जुड़ा दबाव ट्विशा के मानसिक तनाव को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल था।
फोन ट्रैक होने का डर भी जांच में आया सामने
चार्जशीट में ट्विशा के पूर्व बॉस अमित दास का बयान भी शामिल है। CBI के मुताबिक, उन्होंने जांच एजेंसी को बताया कि ट्विशा कई बार पार्क में टहलते हुए उनसे बात करती थी।
पूर्व बॉस के अनुसार, ट्विशा को कथित तौर पर लगता था कि घर में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उसका फोन भी ट्रैक किया जा सकता है।
यदि जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामले में मानसिक दबाव और निजता को लेकर एक अलग पहलू जोड़ सकता है। हालांकि, इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच में उपलब्ध डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों से ही हो सकेगी।
12 मई को ट्विशा ने बना लिया था घर छोड़ने का फैसला
चार्जशीट के मुताबिक, मौत वाले दिन ट्विशा ने इस वैवाहिक तनाव से बाहर निकलने की कोशिश की थी। उसने अपनी मां से करीब 3,000 रुपये मांगे थे ताकि राजस्थान के नासिराबाद जाने के लिए ट्रेन टिकट बुक किया जा सके।
उसके पिता ने पैसे भेजे और ट्विशा ने टिकट बुक भी कर लिया। यानी उस समय तक वह घर छोड़कर अलग जगह जाने की योजना बना चुकी थी।
लेकिन जब समर्थ को उसके जाने की जानकारी हुई, तो वह कथित तौर पर मैरिज काउंसलिंग के लिए तैयार हो गया।
इसके बाद दोनों सुबह करीब 11:30 बजे डॉक्टर काकोली रॉय के पास पहुंचे। काउंसलिंग के दौरान दोनों के बीच चल रहे विवाद पर बातचीत हुई।
CBI के मुताबिक, इस दौरान समर्थ ने भी रिश्ते को लेकर अपनी शिकायतें रखीं और कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि दोनों गांजा यानी marijuana का सेवन करते थे। डॉक्टर ने समर्थ को अपनी पत्नी की बात सुनने और उसे समय देने की सलाह दी।
काउंसलिंग के बाद दोनों घर लौट आए।
दोपहर से शाम तक सामान्य दिखने की कोशिश
चार्जशीट के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे ट्विशा घर लौट आई थी। इसके बाद वह करीब 3:11 बजे पार्लर गई और करीब 6:11 बजे वापस लौटी।
शाम के समय समर्थ और उसकी मां बाहर टहलने के लिए गए। चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा ने उनके साथ चलने की कोशिश की, लेकिन उसे कथित तौर पर नजरअंदाज कर दिया गया।
इसके बाद उसने अपनी मां को फोन किया। बातचीत के दौरान उसने कथित तौर पर कहा कि अब इस शादी में कुछ भी ठीक नहीं हो सकता और वह भोपाल छोड़ना चाहती है।
यानी मौत से कुछ घंटे पहले तक ट्विशा के सामने घर छोड़कर नई शुरुआत करने का विकल्प मौजूद था। उसने यात्रा की योजना भी बनाई थी और परिवार से बातचीत भी की थी। लेकिन रात में परिस्थितियां अचानक बेहद गंभीर हो गईं।
फिर आया वह आखिरी डेढ़ घंटे का दौर
रात करीब 9:20 बजे से घटनाक्रम तेजी से बदलने लगा।
पहले भाभी को फोन, फिर दोबारा कॉल, उसके बाद WhatsApp संदेश, फिर CCTV में अकेले ऊपर जाते हुए दिखाई देना, पिता और मां को फोन करना और परिवार की ओर से उसे खोजने की कोशिश—ये सभी घटनाएं CBI की जांच में एक महत्वपूर्ण टाइमलाइन के रूप में दर्ज हैं।
रात करीब 10:10 बजे मां ने सास को फोन किया। इसके बाद परिवार के सदस्यों की गतिविधियां CCTV में रिकॉर्ड हुईं। करीब 10:23 बजे समर्थ और उसकी मां को छत की ओर जाते हुए देखा गया। बाद में ट्विशा को नीचे लाकर अस्पताल पहुंचाया गया।
करीब 10:55 बजे AIIMS भोपाल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस तरह रात के करीब 90 मिनट में हुई घटनाएं अब पूरे मामले की जांच का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
CBI की जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई
चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद जांच एजेंसी ने मामले के कई पहलुओं को अभी खुला रखा है। CBI ट्विशा के प्राथमिक iPhone से मिले डिजिटल डेटा का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि फोन से WhatsApp चैट, कॉल रिकॉर्ड, तस्वीरें, नोट्स और अन्य डिजिटल सामग्री के जरिए उस समय की मानसिक स्थिति और परिवार के सदस्यों के साथ हुई बातचीत के बारे में और जानकारी मिल सकती है।
इसके अलावा घर में लगे CCTV कैमरों के DVR को भी फॉरेंसिक जांच के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी CFSL भेजे जाने की बात चार्जशीट में कही गई है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि CCTV फुटेज के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं।
समर्थ और उसकी मां के वॉयस सैंपल भी फॉरेंसिक मिलान के लिए भेजे गए हैं। इससे जांच एजेंसी उन ऑडियो रिकॉर्डिंग्स की प्रमाणिकता और आवाज की पहचान की जांच कर सकेगी, जो मामले में साक्ष्य के तौर पर सामने आई हैं।
दहेज प्रताड़ना के एंगल पर भी जांच जारी
CBI ने मामले में आगे की जांच के लिए दहेज प्रताड़ना और दहेज से जुड़े अन्य संभावित अपराधों के एंगल को भी खुला रखा है। एजेंसी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 193(9) के तहत आगे की जांच की अनुमति अदालत से मांगी है।
इसका मतलब यह है कि चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद जांच एजेंसी को यदि नए सबूत मिलते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
यही वजह है कि ट्विशा शर्मा केस की जांच को फिलहाल अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचा हुआ नहीं माना जा सकता। CBI द्वारा लगाए गए आरोपों, डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों की जांच अदालत में होगी।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
CBI की चार्जशीट ने ट्विशा की मौत से पहले की घटनाओं की एक विस्तृत तस्वीर जरूर पेश की है, लेकिन मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए सामने आने बाकी हैं।
क्या ट्विशा पर लंबे समय से कथित मानसिक दबाव था? क्या आर्थिक विवाद ने उसकी परेशानी बढ़ाई? गर्भावस्था और उससे जुड़े फैसलों को लेकर घर में किस तरह का तनाव था? क्या फोन ट्रैक किए जाने या निगरानी का उसका डर वास्तविक था? 12 मई की रात परिवार के सदस्यों के बीच वास्तव में क्या हुआ? और क्या डिजिटल डिवाइस से ऐसे सबूत मिलेंगे जो घटनाओं की मौजूदा टाइमलाइन को और स्पष्ट कर सकें?
इन सभी सवालों का अंतिम जवाब अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्टों से ही मिल सकेगा।
फिलहाल CBI का दावा है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या थी और इसके पीछे कथित मानसिक प्रताड़ना तथा वैवाहिक तनाव जैसे कारणों की भूमिका थी। दूसरी ओर, आरोपी पक्ष को अदालत में अपना बचाव रखने का पूरा अधिकार है और केवल चार्जशीट में लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।
ट्विशा शर्मा की कहानी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि घरेलू और वैवाहिक तनाव किस तरह किसी व्यक्ति की जिंदगी को गहरे संकट में डाल सकता है। इस मामले में सामने आए कॉल रिकॉर्ड, संदेश, CCTV फुटेज, काउंसलिंग रिपोर्ट और आर्थिक विवाद की कड़ियां अब अदालत के सामने रखी जाएंगी। आने वाले समय में डिजिटल और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाली जानकारी यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है कि ट्विशा की मौत से पहले वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि CBI की चार्जशीट आरोपों और जांच के निष्कर्षों का दस्तावेज है, अंतिम न्यायिक फैसला नहीं। अदालत में सभी पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों पर विचार होने के बाद ही यह तय होगा कि आरोप कितने साबित होते हैं।
