
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 22 अप्रैल को गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। पिछले कुछ दिनों से जारी तेजी पर आज अचानक ब्रेक लग गया और बाजार लाल निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 300 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,900 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 100 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 24,400 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे मुख्य वजह वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों का सतर्क रुख बताया जा रहा है।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाने का ऐलान तो किया गया, लेकिन इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी जारी रखने की शर्त ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। यह इलाका वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम है और इसकी नाकेबंदी से कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
तेल की कीमतों में बढ़त भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 98 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। ऊंचे तेल दामों से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे कंपनियों की लागत और आम उपभोक्ता पर असर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं।
आईटी सेक्टर में आज सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। एचसीएल टेक के शेयरों में करीब 9% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने पूरे सेक्टर का मूड खराब कर दिया। कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे और भविष्य के लिए जो रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस दी गई, वह भी बाजार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। इसका असर अन्य आईटी कंपनियों पर भी पड़ा। टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 4% की गिरावट आई, जबकि पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्ज में 3% से ज्यादा की कमजोरी देखी गई। इंफोसिस भी करीब 2-3% तक फिसल गया, जिससे सेक्टर में व्यापक बिकवाली का माहौल बन गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी सेक्टर पहले से ही वैश्विक मांग में सुस्ती और आर्थिक अनिश्चितता से जूझ रहा है। ऐसे में कमजोर नतीजों और कम गाइडेंस ने निवेशकों का भरोसा और कमजोर कर दिया है। इसके चलते सेक्टर में शॉर्ट टर्म में दबाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
आज की गिरावट इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाली रही क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। 21 अप्रैल को सेंसेक्स 750 अंकों से ज्यादा उछलकर 79,200 के पार बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 200 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 24,500 के ऊपर पहुंच गया था। इस तेजी के बाद आज बाजार में मुनाफावसूली भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब बाजार लगातार ऊपर जाता है तो निवेशक मुनाफा बुक करने लगते हैं, जिससे अचानक गिरावट देखने को मिलती है। इसके अलावा, वैश्विक संकेत कमजोर होने पर यह गिरावट और तेज हो जाती है। फिलहाल बाजार में स्पष्ट दिशा का अभाव है और निवेशक हर खबर पर तेजी से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। खासकर अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि इन मोर्चों पर राहत मिलती है तो बाजार में फिर से तेजी लौट सकती है, लेकिन अनिश्चितता बनी रहने पर उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
कुल मिलाकर, आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत देता है। बाजार फिलहाल नाजुक मोड़ पर है, जहां छोटी-सी खबर भी बड़े उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर और लंबी अवधि के नजरिए के साथ ही निवेश करने की सलाह दी जा रही है।



