
नई दिल्ली: भारत का मौसम अगले एक सप्ताह में तेजी से बदलने वाला है। जहां उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप और कोहरा और घना होने की संभावना है, वहीं दक्षिण भारत में समुद्र से उठा चक्रवाती तूफान ‘सेंयार’ तटीय राज्यों के लिए खतरा बन सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अलग-अलग श्रेणी के अलर्ट जारी किए हैं।
उत्तर भारत में ठिठुरन और कोहरा तेज होगा
उत्तर भारत में ठंड की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।
- दिल्ली-एनसीआर: राजधानी में न्यूनतम तापमान 8°C तक गिर चुका है और आगामी 2–3 दिनों में यह 2–3 डिग्री तक और कम हो सकता है।
- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार: इन राज्यों में तापमान में गिरावट जारी है और कुछ इलाकों में शीतलहर (Cold Wave) की आशंका जताई गई है।
- जम्मू-कश्मीर: घाटी में तापमान पहले से ही शून्य से 4°C नीचे चल रहा है। शुष्क मौसम के कारण रातें और ज्यादा ठंडी होंगी।
- हिमाचल और उत्तराखंड: उंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी ने मैदानी राज्यों की ठंड बढ़ा दी है। कई जिलों में पाला जमने की स्थिति बन सकती है।
IMD ने पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों के लिए औपचारिक शीतलहर चेतावनी जारी की है।
दक्षिण भारत में तूफान ‘सेंयार’ का खतरा बढ़ा
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘सेंयार’ तेजी से तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। तूफान के कारण दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अंदेशा है।
अंडमान-निकोबार
- 27 से 29 नवंबर तक भारी से बेहद भारी बारिश
- हवा की गति: 50–70 किमी प्रति घंटा
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, पुडुचेरी
- 28 नवंबर से 1 दिसंबर तक रेड अलर्ट
- कई तटीय जिलों में 70-80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं
- समुद्र में ऊँची लहरें उठने का अनुमान
मौसम विभाग ने इन राज्यों के मछुआरों को अगले चार दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी असर साफ दिखेगा
चक्रवात और उत्तर भारत की ठंड—दोनों का अप्रत्यक्ष प्रभाव देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में दिखाई देगा।
मध्य भारत
- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में अगले 3–4 दिनों में न्यूनतम तापमान 2–3°C तक गिर सकता है।
पूर्वी भारत
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल में ‘सेंयार’ के बाहरी प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश
- तटीय ओडिशा में बादल छाए रहने की संभावना
- हवाओं की गति बढ़ने की भी चेतावनी
जनता को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
- शीतलहर वाले इलाकों में सुबह-शाम आवश्यक रूप से गर्म कपड़े पहनें।
- बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग बाहर कम निकलें।
- दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में समुद्र किनारे जाने से बचें।
- मछुआरे अगले कुछ दिन समुद्र में न जाएँ।
- बिजली कटौती, पेड़ों के गिरने व जलभराव की स्थिति के लिए तैयार रहें।



