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TCS को अमेरिका में बड़ा झटका: ट्रेड सीक्रेट चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, 220 मिलियन डॉलर का पड़ेगा असर

The Hill India News
Last updated: June 16, 2026 10:03 am
The Hill India News
Published: June 16, 2026
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भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को अमेरिका में चल रहे एक लंबे कानूनी विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेड सीक्रेट (व्यावसायिक गोपनीय जानकारी) से जुड़े मामले में कंपनी की समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) खारिज कर दी है। इसके साथ ही डीएक्ससी टेक्नोलॉजी (DXC Technology) के पक्ष में पहले दिए गए 168 मिलियन डॉलर के हर्जाने के फैसले को भी बरकरार रखा गया है। इस फैसले के बाद टीसीएस पर कुल मिलाकर करीब 220 मिलियन डॉलर (लगभग 1,900 करोड़ रुपये से अधिक) का वित्तीय प्रभाव पड़ने की संभावना है।

Contents
पहले से किया था 150 मिलियन डॉलर का प्रावधानक्या है पूरा विवाद?2023 में जूरी ने सुनाया था बड़ा फैसलाअपील अदालत ने भी बरकरार रखा था फैसलाटीसीएस पर क्या होगा असर?

कंपनी ने इस संबंध में शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून 2026 को उसकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले कंपनी इस मामले में निचली अदालतों और अपील अदालत में भी राहत पाने में असफल रही थी।

पहले से किया था 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान

टीसीएस ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने इस मामले से जुड़े संभावित नुकसान को देखते हुए पहले ही अपने खातों में 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान कर रखा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब कंपनी को अतिरिक्त 70 मिलियन डॉलर का प्रावधान करना पड़ेगा। यह राशि ब्याज, कानूनी खर्चों और अन्य संबंधित देनदारियों को कवर करने के लिए रखी जाएगी।

कंपनी के अनुसार, यह अतिरिक्त राशि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में एक बार होने वाले विशेष खर्च (One-time Exceptional Expense) के रूप में दर्ज की जाएगी। इससे कंपनी के तिमाही वित्तीय परिणामों पर असर पड़ सकता है।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला वर्ष 2019 में अमेरिका के डलास स्थित फेडरल कोर्ट में दायर एक मुकदमे से जुड़ा है। डीएक्ससी टेक्नोलॉजी की पूर्व इकाई कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन (CSC) ने टीसीएस पर गंभीर आरोप लगाए थे।

मुकदमे के अनुसार, टीसीएस ने इंश्योरेंस कंपनी ट्रांसअमेरिका से जुड़े लगभग 2,200 कर्मचारियों को अपने यहां नियुक्त किया। आरोप था कि इन कर्मचारियों के माध्यम से कंपनी ने CSC की गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, तकनीकी प्रक्रियाओं और ट्रेड सीक्रेट्स तक पहुंच बनाई और उनका उपयोग करते हुए एक प्रतिस्पर्धी लाइफ इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया।

डीएक्ससी का दावा था कि इससे उसे भारी व्यावसायिक नुकसान हुआ और उसकी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रभावित हुई। इसी आधार पर कंपनी ने अदालत में हर्जाने की मांग की थी।

2023 में जूरी ने सुनाया था बड़ा फैसला

इस मामले में वर्ष 2023 में अमेरिकी जूरी ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि टीसीएस ने जानबूझकर ट्रेड सीक्रेट्स का उपयोग किया है। जूरी ने कंपनी पर 210 मिलियन डॉलर का हर्जाना लगाने की सिफारिश की थी।

हालांकि बाद में यूएस डिस्ट्रिक्ट जज ब्रेंटली स्टार ने इस राशि को घटाकर 168 मिलियन डॉलर कर दिया। इसमें 56 मिलियन डॉलर वास्तविक नुकसान (Actual Damages) और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाना (Punitive Damages) शामिल थे।

इसके बाद टीसीएस ने फैसले को चुनौती देते हुए उच्च अदालतों का रुख किया, लेकिन राहत नहीं मिली।

अपील अदालत ने भी बरकरार रखा था फैसला

साल 2025 में फिफ्थ यूएस सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने भी निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया था। अपील अदालत ने माना कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य और जूरी के निष्कर्ष पर्याप्त हैं तथा हर्जाने का आदेश उचित है।

इसके बाद टीसीएस ने अंतिम उम्मीद के तौर पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कंपनी का तर्क था कि डीएक्ससी वास्तविक आर्थिक नुकसान को पर्याप्त रूप से साबित नहीं कर पाई है और उस पर लगाया गया दंडात्मक हर्जाना अत्यधिक है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।

टीसीएस पर क्या होगा असर?

हालांकि टीसीएस जैसी बड़ी आईटी कंपनी के लिए यह राशि उसके कुल कारोबार की तुलना में बहुत बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन कानूनी दृष्टि से यह मामला महत्वपूर्ण है। इस फैसले से कंपनी को न केवल वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights) और ट्रेड सीक्रेट्स के संरक्षण को लेकर भी एक मजबूत संदेश गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है जो कर्मचारियों की नियुक्ति के दौरान प्रतिस्पर्धी कंपनियों की गोपनीय जानकारी के संभावित उपयोग के आरोपों का सामना कर सकती हैं।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब यह कानूनी लड़ाई लगभग समाप्त मानी जा रही है। ऐसे में टीसीएस को अदालत द्वारा निर्धारित वित्तीय दायित्वों का पालन करना होगा और कंपनी अपने वित्तीय खातों में आवश्यक प्रावधान दर्ज करेगी। यह मामला आने वाले समय में वैश्विक आईटी उद्योग में ट्रेड सीक्रेट्स और बौद्धिक संपदा संरक्षण से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा सकता है।

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