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Reading: बॉन्डी बीच गोलीबारी मामले में बड़ा खुलासा: हैदराबाद मूल का था संदिग्ध साजिद अकरम, भारत या तेलंगाना से कोई कट्टरपंथी लिंक नहीं— पुलिस
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बॉन्डी बीच गोलीबारी मामले में बड़ा खुलासा: हैदराबाद मूल का था संदिग्ध साजिद अकरम, भारत या तेलंगाना से कोई कट्टरपंथी लिंक नहीं— पुलिस

The Hill India News
Last updated: December 16, 2025 12:53 pm
The Hill India News
Published: December 16, 2025
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हैदराबाद/नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर पिछले सप्ताहांत हुई गोलीबारी की घटना को लेकर जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इस हमले में संलिप्त संदिग्धों में शामिल साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था, जो करीब 27 वर्ष पहले ऑस्ट्रेलिया चला गया था। हालांकि, भारतीय और तेलंगाना पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि साजिद अकरम या उसके बेटे नवीद अकरम के कथित कट्टरपंथीकरण का भारत या तेलंगाना में किसी स्थानीय संगठन, व्यक्ति या वैचारिक नेटवर्क से कोई संबंध नहीं पाया गया है।

Contents
27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया गया था साजिद अकरमपरिवार से टूट चुके थे रिश्तेकट्टरपंथीकरण का भारत से कोई संबंध नहींऑस्ट्रेलिया में ही विकसित हुआ संदिग्ध व्यवहारभारतीय एजेंसियां ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के संपर्क मेंबॉन्डी बीच गोलीबारी ने पूरी दुनिया को झकझोरासमुदाय को जोड़ने की कोशिशों पर जोरनिष्कर्ष

तेलंगाना पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस मामले में भारत से जुड़े किसी भी प्रकार के ऑपरेशनल, वैचारिक या लॉजिस्टिक लिंक के संकेत नहीं मिले हैं।


27 साल पहले ऑस्ट्रेलिया गया था साजिद अकरम

पुलिस के अनुसार, 50 वर्षीय साजिद अकरम हैदराबाद का मूल निवासी था। उसने हैदराबाद से बी.कॉम (वाणिज्य स्नातक) की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद नवंबर 1998 में वह छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया चला गया, जहां उसका उद्देश्य आगे की पढ़ाई और रोजगार की तलाश करना था।

तेलंगाना पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साजिद अकरम ने भारत छोड़ने के बाद अधिकांश समय ऑस्ट्रेलिया में ही बिताया और इस दौरान हैदराबाद में अपने परिवार से उसका संपर्क बेहद सीमित रहा।


परिवार से टूट चुके थे रिश्ते

जांच एजेंसियों के अनुसार, साजिद अकरम के हैदराबाद में अपने विस्तारित परिवार के साथ पारिवारिक विवाद थे, जिनके चलते उसके रिश्तेदारों से संबंध कई वर्ष पहले ही समाप्त हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि यह पारिवारिक दूरी इतनी गहरी थी कि हमले से काफी पहले ही उसके रिश्तेदारों ने उससे पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया था।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2017 में साजिद के पिता की मृत्यु हुई थी, लेकिन वह उनके अंतिम संस्कार या प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए भी भारत नहीं आया था। इसे इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि उसका पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव भारत से लगभग समाप्त हो चुका था।


कट्टरपंथीकरण का भारत से कोई संबंध नहीं

तेलंगाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम के कथित कट्टरपंथी बनने की प्रक्रिया का भारत या तेलंगाना में किसी भी स्थानीय प्रभाव से कोई संबंध नहीं है।

डीजीपी कार्यालय के बयान में कहा गया है कि—

“अब तक की जांच में ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह संकेत मिले कि साजिद अकरम या उसके बेटे के कट्टरपंथीकरण में भारत आधारित किसी संगठन, व्यक्ति या विचारधारा की भूमिका रही हो।”

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में जल्दबाजी में किसी क्षेत्र या समुदाय को जोड़ना भ्रामक और तथ्यहीन हो सकता है।


ऑस्ट्रेलिया में ही विकसित हुआ संदिग्ध व्यवहार

जांचकर्ताओं का मानना है कि साजिद अकरम का जीवन, सामाजिक दायरा और मानसिक स्थिति पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया तक सीमित थी। भारत से उसका न तो नियमित संपर्क था और न ही किसी प्रकार की सक्रिय भागीदारी।

सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि—

  • साजिद अकरम किन सामाजिक या वैचारिक समूहों के संपर्क में था
  • क्या वह किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या डिजिटल नेटवर्क से प्रभावित हुआ
  • क्या उसके बेटे नवीद अकरम की भूमिका स्वतंत्र थी या पारिवारिक प्रभाव से जुड़ी हुई थी

भारतीय एजेंसियां ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के संपर्क में

भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और तेलंगाना पुलिस इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष की ओर से किसी भी प्रकार की जानकारी या सहयोग का अनुरोध किया जाता है, तो भारत पूरी तरह सहयोग करेगा।

हालांकि, भारतीय एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक भारत में किसी तरह की जांच या कार्रवाई की आवश्यकता सामने नहीं आई है, क्योंकि संदिग्ध के भारत से जुड़े लिंक नगण्य हैं।


बॉन्डी बीच गोलीबारी ने पूरी दुनिया को झकझोरा

बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी की घटना ने न केवल ऑस्ट्रेलिया, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। यह इलाका सिडनी के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक मौजूद रहते हैं।

इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


समुदाय को जोड़ने की कोशिशों पर जोर

भारतीय और तेलंगाना पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि इस घटना को किसी भी समुदाय या क्षेत्र से जोड़कर न देखा जाए। उन्होंने कहा कि जांच तथ्यों के आधार पर चल रही है और भारत या हैदराबाद को इस घटना से जोड़ना पूरी तरह गलत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में स्पष्ट और तथ्यपरक जानकारी सामने लाना जरूरी होता है, ताकि भ्रम, अफवाह और सामाजिक तनाव को रोका जा सके।


निष्कर्ष

ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच गोलीबारी मामले में सामने आए तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि संदिग्ध साजिद अकरम का भारत से संबंध केवल जन्म और प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित था। पिछले 27 वर्षों से वह ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था और भारत में अपने परिवार से उसका संपर्क लगभग समाप्त हो चुका था।

तेलंगाना पुलिस और भारतीय एजेंसियों ने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले में भारत या तेलंगाना से जुड़े किसी भी प्रकार के कट्टरपंथी या परिचालन संबंध का कोई प्रमाण नहीं मिला है। जांच अब पूरी तरह ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियों के दायरे में है, जो वहां की परिस्थितियों और कारकों की पड़ताल कर रही हैं।

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