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हरिद्वार में हुड़दंगियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन: मॉडिफाइड साइलेंसरों को सरेआम किया नष्ट, SSP ने दी नई बुलेट फोर्स को हरी झंडी

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार की सड़कों पर बुलेट के पटाखों और मॉडिफाइड साइलेंसरों के शोर से हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने न केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों को सबक सिखाया, बल्कि जब्त किए गए सैकड़ों अवैध साइलेंसरों पर सार्वजनिक रूप से बुलडोजर चलवाकर उन्हें कबाड़ में तब्दील कर दिया।

नेशनल हाईवे स्थित शंकराचार्य चौक पर आयोजित इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ मेले के दौरान यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

शंकराचार्य चौक पर ‘बुलडोजर’ वाला इंसाफ

मंगलवार को हरिद्वार का व्यस्ततम शंकराचार्य चौक एक अलग ही कार्रवाई का गवाह बना। पुलिस द्वारा पिछले कुछ समय से चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में ‘रेट्रो साइलेंसर’ और ‘प्रेशर हॉर्न’ जब्त किए गए थे। इन साइलेंसरों का उपयोग मुख्य रूप से बाइकों में पटाखों जैसी आवाज निकालने के लिए किया जा रहा था, जिससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को काफी असुविधा होती थी।

एसएसपी के निर्देश पर, इन सभी जब्त किए गए उपकरणों को सड़क के बीचों-बीच बिछाया गया और उन पर बुलडोजर चला दिया गया। इस प्रतीकात्मक कार्रवाई का उद्देश्य आम जनता और विशेष रूप से युवाओं को यह समझाना था कि मॉडिफाइड साइलेंसर का शौक न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि पुलिस अब इसे पूरी तरह नष्ट करने पर आमादा है।

ट्रैफिक कंट्रोल के लिए मिली 7 नई बुलेट मोटरसाइकिलें

अभियान के दौरान हरिद्वार पुलिस की कार्यक्षमता को और अधिक धार देने के लिए पुलिस मुख्यालय से मिलीं 7 नई मॉडिफाइड बुलेट बाइकों को भी बेड़े में शामिल किया गया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने इन बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये बाइकें विशेष रूप से संकरी गलियों और भारी ट्रैफिक के दौरान त्वरित कार्रवाई करने के लिए डिजाइन की गई हैं।

एसएसपी ने बताया कि इन वाहनों के आने से ट्रैफिक पुलिस की गतिशीलता बढ़ेगी। किसी भी दुर्घटना या जाम की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुँच सकेंगे। वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’: चालान नहीं, जागरूकता पर जोर

पुलिस की यह कार्रवाई केवल डंडे और जुर्माने तक सीमित नहीं रही। ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस ने संवेदनशीलता भी दिखाई। चेकिंग के दौरान जो लोग बिना हेलमेट के पाए गए, उन्हें पुलिस ने रोका, लेकिन इस बार हाथ में चालान की रसीद के बजाय हेलमेट था।

एसएसपी भुल्लर ने स्वयं कई दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनाए और उन्हें सड़क दुर्घटनाओं के खतरों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने चालकों को हिदायत दी कि हेलमेट केवल पुलिस के डर से नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पहनें। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई।

चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले की चुनौतियां

हरिद्वार पुलिस की इस सक्रियता के पीछे एक बड़ी वजह वर्तमान में चल रहा ‘पीक’ सीजन भी है। एसएसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में हरिद्वार पुलिस ट्रैफिक अभियान के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को जाम की समस्या से न जूझना पड़े।

इतना ही नहीं, पुलिस ने अभी से ही विश्व प्रसिद्ध ‘कांवड़ मेले’ की तैयारियां शुरू कर दी हैं। लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़ियों के प्रबंधन के लिए रूट प्लान और क्राउड कंट्रोल की रणनीति पर काम शुरू हो चुका है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान भी ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसरों पर इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी।

एसएसपी की जनता से मार्मिक अपील

कार्यक्रम के अंत में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जनपद वासियों और पर्यटकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, “यातायात नियमों का पालन करना एक सभ्य नागरिक की पहचान है। नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल आपके लिए, बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा हो सकता है। हमारी कोशिश है कि आप हरिद्वार आएं, दर्शन करें और सुरक्षित अपने गंतव्य तक लौटें। इसके लिए सीट बेल्ट, हेलमेट और निर्धारित गति सीमा का पालन अनिवार्य है।”

हरिद्वार पुलिस की इस अनोखी पहल की शहर के बुद्धिजीवी वर्ग और व्यापार मंडल ने भी सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वालों के मन में डर पैदा होगा और शहर में ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी।

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