
देशभर में 1 मई 2026 से रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर से जुड़े कई बड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस जैसी तेल कंपनियों ने नई व्यवस्था शुरू की है। इन बदलावों का मकसद गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकना, फर्जी कनेक्शनों पर लगाम लगाना, सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचाना और डिलीवरी सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाना बताया जा रहा है। नए नियमों का असर करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ेगा।
सबसे बड़ा बदलाव गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में किया गया है। अब केवल गैस बुक, पुरानी रसीद या ग्राहक नंबर दिखाकर सिलेंडर नहीं मिलेगा। हर डिलीवरी के लिए OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यानी ग्राहक जब गैस बुक करेगा, तब उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। डिलीवरी बॉय को वही OTP बताने के बाद ही सिलेंडर उपभोक्ता को सौंपा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी बुकिंग, गलत डिलीवरी और गैस चोरी जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मोबाइल नंबर अपडेट रखना बेहद जरूरी हो गया है। जिन ग्राहकों का मोबाइल नंबर गैस एजेंसी में अपडेट नहीं है, उन्हें डिलीवरी लेने में परेशानी हो सकती है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएं। ग्राहक MyLPG पोर्टल या गैस एजेंसी के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा पोर्टल पर अगली बुकिंग की तारीख और सब्सिडी की स्थिति भी आसानी से देखी जा सकती है।
सरकार ने डुअल कनेक्शन यानी LPG और PNG दोनों सुविधाओं का एक साथ उपयोग करने वालों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। नए नियम के अनुसार जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG कनेक्शन जारी रखने पर निगरानी की जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के लिए कहा जा सकता है। अब PNG सुविधा वाले घर नए LPG कनेक्शन के लिए पात्र नहीं होंगे और उन्हें रिफिल देने पर भी रोक लगाई जा सकती है। सरकार का कहना है कि इससे उन ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक LPG पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां अभी PNG सुविधा उपलब्ध नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक करीब 43 हजार लोगों ने अपना LPG कनेक्शन सरेंडर भी कर दिया है।
गैस बुकिंग के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता 21 दिन बाद नया सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह सीमा 45 दिन तक रखी गई है। यदि कोई ग्राहक तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करेगा तो सिस्टम उसकी रिक्वेस्ट अपने आप रिजेक्ट कर देगा। सरकार का कहना है कि इससे अनावश्यक स्टॉकिंग और कालाबाजारी पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब उज्ज्वला योजना के तहत गैस सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आधार आधारित eKYC अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लाभार्थियों ने अभी तक eKYC पूरा नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में गैस रिफिल भी रोका जा सकता है। सरकार ने ऐसे सभी उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द eKYC पूरा करने की अपील की है ताकि उनकी सुविधा बाधित न हो।
1 मई से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 993 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर लगभग 3071.50 रुपये का हो गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में भी कीमतों में लगभग इतनी ही वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। कारोबारियों का कहना है कि गैस महंगी होने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
हालांकि घरेलू 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल अतिरिक्त बोझ से बचाने की कोशिश की जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल व गैस की कीमतों में उछाल की वजह से कमर्शियल सिलेंडर महंगे हुए हैं। इसके बावजूद सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में LPG, PNG और CNG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी और किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
नए नियमों के लागू होने के बाद अब गैस उपभोक्ताओं को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। मोबाइल नंबर अपडेट रखना, समय पर eKYC पूरा करना और तय अवधि के बाद ही बुकिंग करना जरूरी हो गया है। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से पारदर्शिता बढ़ेगी और सही लोगों तक गैस सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।



