By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र: तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट, आठ जिलों में ‘रेड वार्निंग’, स्कूल-कॉलेज बंद
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र: तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट, आठ जिलों में ‘रेड वार्निंग’, स्कूल-कॉलेज बंद
देशफीचर्डमौसम

बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र: तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट, आठ जिलों में ‘रेड वार्निंग’, स्कूल-कॉलेज बंद

The Hill India News
Last updated: October 22, 2025 12:43 am
The Hill India News
Published: October 22, 2025
Share
SHARE

चेन्नई, 22 अक्टूबर: बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा एक निम्न दाब क्षेत्र (Low Pressure Area) दक्षिण भारत के तटीय राज्यों के लिए खतरे की घंटी बन गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि यह प्रणाली अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकती है, जिससे तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

Contents
आठ जिलों में रेड अलर्ट, चार जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंदचेन्नई में भारी बारिश से सड़कों पर जलभरावबंगाल की खाड़ी में चक्रवात का नया खतरासामान्य से 59% अधिक बारिश दर्जप्रशासन ने जारी की एहतियाती हिदायतेंविशेषज्ञों की राय: जलवायु परिवर्तन का असर स्पष्टराहत-बचाव तैयारियों पर नजर

चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) की निदेशक बी. अमुधा ने बताया कि यह निम्न दाब क्षेत्र वर्तमान में चेन्नई तट से लगभग 400 किलोमीटर पूर्व में बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में सक्रिय है। “मॉडल संकेत दे रहे हैं कि प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगी और अगले 24 घंटों में यह अवदाब (Depression) के रूप में विकसित हो सकती है,” उन्होंने कहा।

आठ जिलों में रेड अलर्ट, चार जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद

तमिलनाडु सरकार ने विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर, तंजावुर, पुदुकोट्टई और रामनाथपुरम जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में अगले 48 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना जताई गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चार जिलों में स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं, पड़ोसी केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी एहतियातन बुधवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की घोषणा की है।

राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और राहत टीमों को पहले से तैनात करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भी नागपट्टिनम और कुड्डालोर में भेजी गई हैं, जहां समुद्र तट के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।

चेन्नई में भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव

राज्य की राजधानी चेन्नई को फिलहाल ‘ऑरेंज अलर्ट’ श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है 11 से 20 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश। मंगलवार को शहर में औसतन 60 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई निचले इलाके जलभराव की चपेट में आ गए।
नगर निगम के अधिकारी लगातार जलनिकासी कार्यों में जुटे हैं। चेन्नई महानगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का नया खतरा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर अक्टूबर से दिसंबर के बीच पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय रहता है, जो दक्षिण भारत के लिए वर्षा का प्रमुख मौसम होता है। इस दौरान निम्न दाब प्रणालियों का बनना सामान्य है, लेकिन इस बार समुद्री सतह का तापमान 1.5 से 2 डिग्री अधिक रहने के कारण चक्रवाती गतिविधियाँ और तेज हो रही हैं।

आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एस. बालाचंद्रन ने बताया, “यदि प्रणाली अवदाब से गहरी होकर चक्रवात में बदलती है, तो इसका असर मुख्य रूप से उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर पड़ेगा। 60-70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र में ऊँची लहरें उठेंगी।”

सामान्य से 59% अधिक बारिश दर्ज

RMC के आँकड़ों के अनुसार, 1 से 21 अक्टूबर के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और करिकल क्षेत्रों में औसतन 160 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो इस अवधि के सामान्य औसत (100 मिमी) से लगभग 59 प्रतिशत अधिक है।
सबसे अधिक वर्षा नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई जिलों में दर्ज की गई, जहाँ कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं। तटीय इलाकों में किसानों को फसल क्षति की आशंका सता रही है।

प्रशासन ने जारी की एहतियाती हिदायतें

राज्य सरकार ने आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं और मछुआरों को अगले तीन दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी है।
बिजली विभाग को सतर्क रहने और संभावित कटौती की स्थिति में त्वरित बहाली योजना लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है।

चेन्नई नगर निगम के कमिश्नर जे. रमेश कुमार ने कहा, “बारिश की तीव्रता और जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी पंपिंग स्टेशन सक्रिय हैं, और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत टीमों को बुलाया जाएगा।”

विशेषज्ञों की राय: जलवायु परिवर्तन का असर स्पष्ट

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण भारत में इस साल मानसून के बाद के महीनों में असामान्य रूप से अधिक वर्षा जलवायु परिवर्तन की सीधी निशानी है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे की जलवायु वैज्ञानिक डॉ. मृणालिनी पाटिल कहती हैं, “बंगाल की खाड़ी में समुद्री तापमान का बढ़ना, हवा की नमी में वृद्धि और वैश्विक वायुमंडलीय अस्थिरता — ये तीन प्रमुख कारण हैं, जिनसे अब छोटी निम्न दाब प्रणालियाँ भी जल्दी चक्रवात में तब्दील हो जाती हैं।”

राहत-बचाव तैयारियों पर नजर

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने मंगलवार शाम आपात बैठक में सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा, “जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित जिलों में राहत शिविर तैयार रखे जाएं और जरूरत पड़ने पर बिजली व संचार बहाली की त्वरित व्यवस्था की जाए।”

मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे तक लगातार मॉनिटरिंग की घोषणा की है। यदि प्रणाली चक्रवात का रूप लेती है, तो इसे ‘चक्रवात मंदर’ (Mandar) नाम दिया जा सकता है।

You Might Also Like

नूंह हिंसा: सरकार का एक्शन शुरू, 116 लोग गिरफ्तार, ऐसे होगी नुकसान की भरपाई
नई दिल्ली : भारत महिलाओं के लिए सम्मान का दर्जा और समानता की भावना बढ़ाकर ही आगे बढ़ सकता है-प्रधानमंत्री मोदी
केरल में टिकट बंटवारे को लेकर तनाव चरम पर: RSS कार्यकर्ता की आत्महत्या के बाद BJP महिला मोर्चा नेत्री ने किया आत्महत्या का प्रयास
“घुसपैठियों पर सियासी संग्राम: हिमंत विश्व शर्मा का कांग्रेस पर तीखा वार”
आईपीएल 2026: श्रेयस अय्यर का ‘सुपरमैन’ कैच बना चर्चा का केंद्र, रोहित-सूर्या भी रह गए हैरान
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?