रुद्रपुर/बाजपुर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद अंतर्गत बाजपुर क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सक्रिय हुई बाजपुर पुलिस ने दो अलग-अलग ठिकानों पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी करते हुए जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 23 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिससे क्षेत्र के अपराधियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस की रणनीति और सटीक सूचना
पिछले काफी समय से बाजपुर कोतवाली पुलिस को क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों और सुनसान मैदानों में बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने की गुप्त सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल नरेश चौहान ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने पहले अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया ताकि जुआरियों के सटीक ठिकानों और उनके सक्रिय होने के समय की जानकारी मिल सके।
रविवार को जब पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला कि क्षेत्र के दो प्रमुख स्थानों पर भारी भीड़ इकट्ठा होकर दांव लगा रही है, तो पुलिस ने बिना समय गंवाए “सर्जिकल स्ट्राइक” की तर्ज पर घेराबंदी शुरू की।
शुगर फैक्ट्री ग्राउंड में मची अफरा-तफरी
पुलिस टीम ने अपनी पहली दबिश शुगर फैक्ट्री ग्राउंड में दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यहाँ लंबे समय से जुआरियों का जमावड़ा लग रहा था। जैसे ही कोतवाल नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल मैदान में दाखिल हुआ, वहाँ मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। पुलिस को अचानक सामने देख जुआरी अपनी नकदी और ताश के पत्ते छोड़कर भागने लगे।
हालांकि, पुलिस ने पहले से ही मैदान के सभी निकास द्वारों को कवर कर लिया था। पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और मौके से 17 जुआरियों को दबोच लिया। इस दौरान कुछ लोगों ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस की तत्परता के आगे उनकी एक न चली।
मंडी समिति ग्राउंड पर भी चला हंटर
शुगर फैक्ट्री में कार्रवाई के तुरंत बाद, पुलिस की दूसरी टीम ने कृषि मंडी समिति के ग्राउंड पर छापा मारा। यहाँ भी अवैध रूप से जुए का खेल चल रहा था। पुलिस ने यहाँ से 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों स्थानों से पुलिस ने ताश की गड्डियां और दांव पर लगी भारी भरकम नकदी भी बरामद की है।
कोतवाल नरेश चौहान का बयान: > “क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को पनपने नहीं दिया जाएगा। जुआ और सट्टा न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह कई परिवारों की बर्बादी का कारण भी बनता है। हमारी यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।”
विधिक कार्रवाई और पुलिस अधिनियम के तहत मुकदमा
पकड़े गए सभी 23 आरोपियों को पुलिस वैन के जरिए कोतवाली लाया गया। पुलिस ने बरामद माल को सील कर दिया है और सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस अधिनियम (Police Act) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से कोई आदतन अपराधी या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।
क्षेत्र में दहशत और चर्चा का विषय
बाजपुर पुलिस की इस ‘मेगा कार्रवाई’ के बाद से ही शहर के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर जुआरियों के जमावड़े के कारण आसपास का माहौल खराब हो रहा था और युवाओं पर इसका बुरा असर पड़ रहा था।
छापेमारी टीम के मुख्य बिंदु:
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कुल गिरफ्तारी: 23 आरोपी
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प्रमुख स्थल: शुगर फैक्ट्री ग्राउंड और कृषि मंडी समिति
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नेतृत्व: कोतवाल नरेश चौहान
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बरामदगी: नकदी, ताश के पत्ते और मोबाइल फोन
अपराध मुक्त समाज की ओर बढ़ते कदम
रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते अपराध ग्राफ को देखते हुए एसएसपी ऊधमसिंह नगर ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नशे और जुए जैसे अपराधों पर लगाम कसी जाए। बाजपुर पुलिस की यह सफलता इसी कड़ी का एक हिस्सा मानी जा रही है।
बाजपुर पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं है। कोतवाल नरेश चौहान के नेतृत्व में हुई इस गिरफ्तारी ने न केवल जुआरियों की कमर तोड़ी है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।



