By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: जेएनयू छात्र संघ चुनाव 2025: मतगणना जारी, कैंपस में उच्च सुरक्षा के बीच छात्रों की नजरें नतीजों पर
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > जेएनयू छात्र संघ चुनाव 2025: मतगणना जारी, कैंपस में उच्च सुरक्षा के बीच छात्रों की नजरें नतीजों पर
देशफीचर्ड

जेएनयू छात्र संघ चुनाव 2025: मतगणना जारी, कैंपस में उच्च सुरक्षा के बीच छात्रों की नजरें नतीजों पर

The Hill India News
Last updated: November 5, 2025 2:26 pm
The Hill India News
Published: November 5, 2025
Share
file photo
SHARE

नई दिल्ली, 5 नवंबर।देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्र राजनीति का ताप एक बार फिर अपने चरम पर है। मंगलवार को संपन्न हुए जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) चुनाव के बाद मतगणना का दौर देर रात शुरू हुआ, जो बुधवार को भी जारी रहा। इस बार भी परिसर में छात्र संगठनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

Contents
कड़ी सुरक्षा और पारदर्शी प्रक्रियामुख्य मुकाबला वाम गठबंधन और ABVP के बीचमतदाता उत्साह और उच्च मतदान प्रतिशतसोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार का असरपिछले वर्षों की पृष्ठभूमिप्रमुख मुद्दे: फीस, हॉस्टल, और अकादमिक स्वतंत्रतापरिणामों की प्रतीक्षा में कैंपस में उत्सुकतादेशभर में जेएनयू छात्र संघ चुनावों को केवल एक कैंपस गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के युवा चेहरे के रूप में देखा जाता है। 6 नवंबर को घोषित होने वाले नतीजे न केवल विश्वविद्यालय की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि यह भी दिखाएंगे कि नई पीढ़ी किस विचारधारा में अपना भरोसा जता रही है।

चुनाव समिति ने जानकारी दी है कि मतगणना पूरी होने के बाद 6 नवंबर (गुरुवार) को परिणाम घोषित किए जाएंगे।


कड़ी सुरक्षा और पारदर्शी प्रक्रिया

जेएनयू प्रशासन और चुनाव समिति ने इस बार मतदान और मतगणना दोनों चरणों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ चुनाव केंद्रों पर CCTV निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई थी।
मतगणना स्थल, जो विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ में स्थित है, को पूरी तरह से घेराबंदी कर केवल अधिकृत प्रतिनिधियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है।
चुनाव समिति के एक अधिकारी ने बताया,

“हमने यह सुनिश्चित किया है कि मतगणना की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। प्रत्येक संगठन को उनके एजेंटों के माध्यम से मतगणना स्थल पर उपस्थिति की अनुमति दी गई है।”


मुख्य मुकाबला वाम गठबंधन और ABVP के बीच

हर साल की तरह इस बार भी जेएनयू का चुनाव वामपंथी संगठनों के गठबंधन (Left Unity) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच कड़ा मुकाबला बन गया है।
वाम गठबंधन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा की छात्र इकाई ABVP ने भी अपने युवा उम्मीदवारों और “राष्ट्रीय विचारधारा” के मुद्दे पर जोरदार प्रचार अभियान चलाया।

विश्वविद्यालय के भीतर छात्र संगठनों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से शैक्षणिक माहौल, फीस वृद्धि, छात्रवृत्ति, महिला सुरक्षा, और राजनीतिक स्वतंत्रता जैसे विषयों को प्रमुखता दी।
एक छात्र प्रतिनिधि ने कहा,

“जेएनयू का छात्र चुनाव केवल छात्र राजनीति का नहीं, बल्कि पूरे देश में लोकतांत्रिक सोच और बहस की संस्कृति का प्रतीक बन गया है।”


मतदाता उत्साह और उच्च मतदान प्रतिशत

चुनाव समिति के अनुसार, इस वर्ष मतदान में 68 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक है।
कई छात्रों ने सुबह से ही लंबी कतारों में लगकर मतदान किया। मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
छात्रों के उत्साह से स्पष्ट था कि कैंपस में लोकतांत्रिक भागीदारी के प्रति रुचि अब भी बरकरार है।

एक प्रथम वर्ष की छात्रा ने कहा,

“यह मेरा पहला वोट था और मुझे गर्व है कि मैंने ऐसे संस्थान में वोट दिया जहां बहस, असहमति और संवाद को सम्मान दिया जाता है।”


सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार का असर

इस बार का चुनाव प्रचार पारंपरिक पोस्टरों और नुक्कड़ बहसों के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काफी सक्रिय रहा।
छात्र संगठनों ने इंस्टाग्राम, X (पूर्व ट्विटर), और टेलीग्राम चैनलों के ज़रिए अपनी विचारधाराओं और घोषणापत्र को प्रसारित किया।
ABVP ने डिजिटल अभियानों के जरिए “राष्ट्रीयता और रोजगार”, जबकि वाम गठबंधन ने “शिक्षा के अधिकार और असमानता के खिलाफ लड़ाई” को मुख्य विषय बनाया।

चुनाव विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल रणनीति और जमीनी संवाद दोनों ही इस बार परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


पिछले वर्षों की पृष्ठभूमि

जेएनयू छात्र संघ चुनावों का इतिहास हमेशा से विचारधाराओं के संघर्ष का रहा है।
2019 में वाम गठबंधन ने चारों प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2023 में ABVP ने केंद्रीय पैनल में एक पद पर कब्जा जमाकर वापसी की थी।
इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों पक्षों ने अपने-अपने छात्र आधार को मजबूत करने के लिए महीने भर पहले से कैंपेन शुरू कर दिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेएनयू चुनावों के नतीजे अक्सर राष्ट्रीय छात्र राजनीति की दिशा तय करते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के छात्र संगठन भी इन नतीजों को ध्यान से देखते हैं।


प्रमुख मुद्दे: फीस, हॉस्टल, और अकादमिक स्वतंत्रता

जेएनयू छात्र चुनाव के दौरान उठाए गए मुख्य मुद्दों में फीस वृद्धि, हॉस्टल की सीमित उपलब्धता, संशोधित शैक्षणिक नीतियाँ, और अकादमिक स्वतंत्रता प्रमुख रहे।
वाम संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की आवाज़ दबाने और शिक्षकों की नियुक्तियों में देरी का आरोप लगाया, जबकि ABVP ने आरोप लगाया कि वाम संगठनों ने “छात्र राजनीति को राष्ट्रीय राजनीति का रंग” दे दिया है।

दोनों पक्षों ने अपने घोषणापत्र में जेएनयू के बौद्धिक वातावरण को सशक्त बनाने का वादा किया।
छात्र समुदाय की राय में, इस बार के परिणाम न केवल संगठनात्मक संतुलन तय करेंगे, बल्कि यह भी संकेत देंगे कि विश्वविद्यालय की नई पीढ़ी किस दिशा में सोच रही है।


परिणामों की प्रतीक्षा में कैंपस में उत्सुकता

मतगणना स्थल के बाहर सैकड़ों छात्र पोस्टरों और बैनरों के साथ खड़े होकर ‘कौन जीतेगा जेएनयू?’ के अंदाज़ में नारे लगा रहे हैं।
चुनाव समिति के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर राउंड की गणना के बाद अपडेट जारी किया जाएगा।
परिणाम घोषित होने के बाद नव-निर्वाचित छात्र संघ विश्वविद्यालय के भविष्य के अकादमिक और सामाजिक माहौल को आकार देगा।

एक छात्र नेता ने कहा,

“जेएनयू का चुनाव लोकतंत्र की सबसे जीवंत मिसाल है। यहां जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण है विचारों की निरंतर बहस और संवाद।”


देशभर में जेएनयू छात्र संघ चुनावों को केवल एक कैंपस गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के युवा चेहरे के रूप में देखा जाता है। 6 नवंबर को घोषित होने वाले नतीजे न केवल विश्वविद्यालय की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि यह भी दिखाएंगे कि नई पीढ़ी किस विचारधारा में अपना भरोसा जता रही है।

जेएनयू परिसर इस समय उम्मीद, जोश और लोकतांत्रिक बहस से भरा हुआ है — जहां हर छात्र अपनी आवाज़ से भविष्य की कहानी लिखने को तैयार है।

You Might Also Like

नई दिल्ली : IAS संजय मल्होत्रा होंगे RBI के नए गवर्नर
बिहार में ‘सम्राट युग’ की शुरुआत: सम्राट चौधरी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव बने उपमुख्यमंत्री
Uttarakhand: नाबार्ड के तहत स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा लक्ष्य से कम ऋण वितरण पर, मुख्य सचिव की सख्त नाराजगी
उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद विपक्षी खेमे में मची हलचल; क्रॉस वोटिंग पर तृणमूल ने AAP पर साधा निशाना
उत्तराखंड: ईमानदारी और सेवा का उदाहरण, संजीव चतुर्वेदी ने भत्तों की पूरी राशि सीएम राहत कोष में की दान
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्डराजनीति

‘गुगली मास्टर’ हरीश रावत की अगली गेंद कहां गिरेगी? त्रिवेंद्र सिंह रावत के तंज से गरमाई हरिद्वार की सियासत

The Hill India News
The Hill India News
September 26, 2026
‘उत्तराखंड को दूसरा नेपाल मत बनाओ’, किशाऊ बांध के खिलाफ सड़कों पर उतरे 20 गांवों के लोग; बोले- पहले हमारी जमीन और विरासत बचाओ
ED के दरवाजे पर गले में मां की तस्वीर लेकर पहुंचे हरीश रावत, 2016 भर्ती घोटाले की जांच में पूछताछ; जानिए पूरा मामला
कभी मैदान पर था जलवा, आज कोई टैक्सी चला रहा तो कोई बस स्टॉप साफ कर रहा; विनोद कांबली समेत इन 8 क्रिकेटरों की जिंदगी ने बदली करवट
The Vvaan Box Office Collection Day 1: पहले दिन छाया ‘द वन’ का जादू, सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने मचाई धूम; 50वें दिन ‘हनुमान अंश’ से आगे निकली कमाई
जंगल से घास-लकड़ी लाकर पिता ने पढ़ाया, बेटी बनीं वैज्ञानिक तो बेटे ने भी रचा इतिहास; अब मनीष बने डिप्टी जेलर
प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, चौथी मंजिल से गिरा युवक; शरीर पर गंभीर चोटों ने बढ़ाया रहस्य
उत्तराखंड लोअर PCS 2024 का रिजल्ट जारी, देहरादून के आयुष बेलवाल ने किया टॉप; 113 पदों पर चयन
आदि कैलाश और ओम पर्वत पर सीजन की पहली बर्फबारी, बदला मौसम का मिजाज; आज यात्रा पर रोक, पिथौरागढ़ की 11 सड़कें बंद
हरिद्वार में आधी रात पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़, बाइक मैकेनिक हैप्पी हत्याकांड के आरोपी मुदस्सिर के पैर में लगी गोली
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?