
जेनेवा/नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 60वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर क्षितिज त्यागी ने परिषद में बोलते हुए कहा कि भारत को किसी ऐसे देश से उपदेश लेने की ज़रूरत नहीं है, जो आतंकवाद को प्रायोजित करता है, आतंकी नेटवर्क को पनाह देता है और वैश्विक सुरक्षा को खतरे में डालता है।
पाकिस्तान बार-बार परोसता है झूठा प्रोपेगेंडा
क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के बयान का जवाब देते हुए कहा:
“हम एक बार फिर उस देश की उकसावे वाली बातों का जवाब देने को मजबूर हैं, जिसकी अपनी ही नेतृत्व ने हाल ही में उसे ‘डंप ट्रक’ कहा था। यह अनजाने में ही सही, लेकिन बिल्कुल सही उपमा है उस देश के लिए, जो इस परिषद के सामने बार-बार झूठ और पुराना प्रोपेगेंडा परोसता है।”
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आदत है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ झूठ फैलाता है, लेकिन दुनिया अब उसकी असलियत जान चुकी है।
आतंकवाद और खूनी हमलों की याद
भारत ने अपने जवाब में पुलवामा, उरी, पठानकोट और 26/11 मुंबई हमले जैसे आतंकी घटनाओं का उल्लेख करते हुए साफ कहा कि इन सबके पीछे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन रहे हैं।
क्षितिज त्यागी ने हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने उस खूबसूरत घाटी को मौत के मैदान में बदल दिया।
9/11 और पाकिस्तान की दोहरी मानसिकता
भारत ने UNHRC में 9/11 हमले की बरसी का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह दिन हमें उन लोगों की दोहरी मानसिकता की भी याद दिलाता है, जिन्होंने इस हमले के मास्टरमाइंड को पनाह दी और उसे शहीद का दर्जा दिया।
त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवादियों को आर्थिक मदद दी और उन्हें संरक्षित किया। ऐसे देश से भारत को नैतिकता और मानवाधिकारों पर कोई सलाह नहीं चाहिए।
अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का जिक्र
भारत ने पाकिस्तान में हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया। त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान न केवल आतंक को बढ़ावा देता है, बल्कि अपने ही देश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है। ऐसे में उसकी नैतिकता की बातें खोखली हैं।
OIC मंच का दुरुपयोग
भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के मंच का पाकिस्तान द्वारा बार-बार दुरुपयोग करने पर भी सवाल उठाए। भारत ने कहा कि पाकिस्तान OIC को भारत के खिलाफ झूठ और प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए इस्तेमाल करता है, जो निंदनीय है।
भारत की सख्त चेतावनी
भारत ने अपने बयान में दोहराया कि:
- हमें आतंक के प्रायोजक से कोई सबक नहीं चाहिए।
- हमें अल्पसंख्यकों के उत्पीड़क से कोई उपदेश नहीं चाहिए।
- हमें उस देश से कोई सलाह नहीं चाहिए जिसने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।
भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा और इसमें कोई समझौता नहीं करेगा।
कूटनीतिक संदेश और वैश्विक असर
भारत के इस कड़े जवाब से एक बार फिर दुनिया को यह संदेश गया कि पाकिस्तान की दोहरेपन की राजनीति और आतंकवाद को बढ़ावा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान न केवल पाकिस्तान को आईना दिखाने वाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी यह याद दिलाता है कि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क आज भी वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं।
UNHRC में भारत का पाकिस्तान को दिया गया जवाब सिर्फ एक कूटनीतिक वक्तव्य नहीं था, बल्कि यह भारत की उस नीति का ऐलान है जिसमें आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा।
भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा हर कीमत पर करेगा और आतंकवाद फैलाने वाले देशों को हर मंच पर बेनकाब करता रहेगा।



