कुरनूल | आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने चिकित्सा जगत और आम जनता को स्तब्ध कर दिया है। ‘प्यार, जलन और बदले’ के एक घातक त्रिकोण में एक नर्स ने अपनी प्रतिद्वंद्वी (प्रेमी की पत्नी) को जीवन भर का दर्द देने के लिए उसे HIV संक्रमित खून का इंजेक्शन लगा दिया। पुलिस ने इस फिल्मी लगने वाली साजिश का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी नर्स और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वारदात: मदद की आड़ में ‘जहर’ का वार
यह पूरी घटना 9 जनवरी की दोपहर की है। कुरनूल के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्रावणी अपनी स्कूटी से घर लौट रही थीं। जब वह केसी नहर के पास पहुंचीं, तो अचानक एक वाहन ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। डॉक्टर श्रावणी सड़क पर गिरकर चोटिल हो गईं।
तभी वहां एक महिला अपनी सहेली और बच्चों के साथ पहुंची। उन्होंने घायल श्रावणी के प्रति सहानुभूति दिखाई और मदद का नाटक करते हुए उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो में बैठाया। लेकिन श्रावणी को क्या पता था कि मदद करने वाले ये हाथ दरअसल उनके विनाश की पटकथा लिख चुके हैं। ऑटो के भीतर भीड़ का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी वसुंधरा ने डॉ. श्रावणी के गले में चुपके से एक सिरिंज चुभा दी, जिसमें एचआईवी संक्रमित खून भरा था।
साजिश के पीछे की वजह: एकतरफा प्यार और नफरत
पुलिस की तफ्तीश में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। आरोपी वसुंधरा पेशे से एक नर्स है और वह डॉ. श्रावणी के पति, डॉ. करुणाकर से एकतरफा प्रेम करती थी। वह करुणाकर से शादी करना चाहती थी, लेकिन जब करुणाकर ने श्रावणी से विवाह कर लिया, तो वसुंधरा के मन में श्रावणी के प्रति गहरी नफरत पैदा हो गई।
वसुंधरा ने तय किया कि वह श्रावणी को शारीरिक रूप से खत्म करने के बजाय उसे ऐसी बीमारी देगी जिससे वह घुट-घुट कर जिए। इसके लिए उसने एक शातिर योजना बनाई:
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संक्रमित खून का इंतजाम: नर्स होने के नाते वसुंधरा ने सरकारी अस्पताल के संपर्कों का इस्तेमाल कर गुप्त रूप से HIV संक्रमित खून हासिल किया।
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एक्सीडेंट का नाटक: उसने अपनी सहेली ज्योति और उसके बच्चों (यशवंत व श्रुति) को इस साजिश में शामिल किया ताकि घटना को एक सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
डॉक्टर की सूझबूझ और पुलिस का ‘एक्शन’
इंजेक्शन चुभाए जाने के तुरंत बाद डॉ. श्रावणी को कुछ असामान्य महसूस हुआ। एक मेडिकल प्रोफेशनल होने के नाते उन्हें तुरंत खतरे का आभास हुआ। उन्होंने फौरन अपने पति डॉ. करुणाकर को फोन किया और पूरी आपबीती सुनाई। करुणाकर ने बिना देरी किए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कुरनूल डीएसपी बाबू प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने:
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CCTV फुटेज: घटनास्थल और अस्पताल के रास्तों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला।
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तकनीकी साक्ष्य: आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले गए, जिससे वसुंधरा और उसकी सहेली की लोकेशन एक्सीडेंट वाली जगह पर पाई गई।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए वसुंधरा, उसकी दोस्त ज्योति और ज्योति के दोनों बच्चों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मेडिकल जगत में हड़कंप
यह मामला सामने आने के बाद कुरनूल के मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि एक नर्स ने अस्पताल के सुरक्षित वार्ड से संक्रमित खून कैसे हासिल कर लिया? पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या अस्पताल का कोई और कर्मचारी भी इस साजिश में शामिल था।
वर्तमान में पीड़िता डॉ. श्रावणी विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में हैं। उन्हें ‘पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस’ (PEP) ट्रीटमेंट दिया जा रहा है, ताकि वायरस के प्रभाव को रोका जा सके।
प्रतिशोध की अंधी गली
कुरनूल की यह घटना समाज में बढ़ते अपराध के ‘क्रूरतम’ स्वरूप को दर्शाती है। प्यार में नाकामी जब सनक बन जाती है, तो वह किस हद तक गिर सकती है, वसुंधरा इसका उदाहरण है। पुलिस ने मामले को सुलझा लिया है, लेकिन डॉ. श्रावणी के लिए यह मानसिक और शारीरिक संघर्ष लंबा होने वाला है।



