
लक्सर (हरिद्वार)। उत्तराखंड के लक्सर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आज का दिन विकास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए लक्सर रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव (Stoppage) का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सांसद ने अपर रेल प्रबंधक (ADRM) मुरादाबाद मंडल परितोष गौतम और सीनियर वाणिज्य मंडल प्रबंधक (Sr. DCM) आदित्य गुप्ता के साथ मिलकर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।
कनेक्टिविटी का नया अध्याय: चार ट्रेनों की सुविधा
लक्सर अब केवल एक जंक्शन नहीं, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक सुगम केंद्र बन गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब स्टेशन पर दो नई जोड़ी ट्रेनों (कुल 4 फेरे) का ठहराव सुनिश्चित किया गया है:
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गाड़ी संख्या 12357/12358 कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस: यह प्रीमियम ट्रेन सप्ताह में दो दिन (सोमवार और गुरुवार) लक्सर में रुकेगी।
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गाड़ी संख्या 14627/14628 सहरसा-छहरटा (अमृत भारत एक्सप्रेस): यह आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन सप्ताह में एक दिन शनिवार को लक्सर स्टेशन पर अपना ठहराव करेगी।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
ट्रेन को रवाना करने के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, “लक्सर के व्यापारियों, किसानों और आम जनता की लंबे समय से यह मांग थी कि यहां लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव हो। इस मांग को लेकर हमने पिछले दिनों रेल मंत्री से मुलाकात की थी। केंद्र सरकार ने क्षेत्र की महत्ता को समझते हुए त्वरित निर्णय लिया और आज यह सुविधा धरातल पर है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस निर्णय से न केवल स्थानीय व्यापारियों को कोलकाता और पंजाब जैसे बड़े बाजारों से जुड़ने में आसानी होगी, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों के लिए भी लक्सर एक सुगम प्रवेश द्वार बनेगा। अब यात्रियों को ऋषिकेश, हरिद्वार या रुड़की जाने के लिए निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अधिकारियों का पक्ष: यात्रियों की सुविधा प्राथमिकता
मुरादाबाद मंडल के सीनियर वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि लक्सर रेलवे स्टेशन की भौगोलिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। पहले यहाँ स्टॉपेज न होने के कारण यात्रियों को काफी किलोमीटर दूर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी। अब लक्सर से सीधे कनेक्टिविटी मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी। अपर रेल प्रबंधक परितोष गौतम ने आश्वासन दिया कि रेलवे भविष्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए और भी कदम उठाएगा।
बुजुर्गों और दिव्यांगों की समस्या पर सांसद का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और प्रतिनिधियों ने स्टेशन की एक प्रमुख समस्या की ओर सांसद का ध्यान आकर्षित किया। वर्तमान में लक्सर स्टेशन पर प्लेटफॉर्म बदलने के लिए केवल ‘ओवर फुट ब्रिज’ (FOB) का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांग यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस पर संज्ञान लेते हुए त्रिवेंद्र रावत ने कहा, “स्टेशन पर लिफ्ट या एस्केलेटर जैसी सुविधाओं की आवश्यकता को मैं समझता हूँ। इस मुद्दे को और ट्रेनों से जुड़ी अन्य समस्याओं को जल्द ही रेल मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। हमारा लक्ष्य लक्सर को एक आधुनिक और सुविधायुक्त स्टेशन बनाना है।”
क्षेत्र में खुशी की लहर
ट्रेनों के ठहराव की घोषणा के बाद से ही लक्सर व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कदम से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि छोटे-बड़े कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इस ऐतिहासिक शुरुआत के समय रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



