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देहरादून में हाईटेक नकल गिरोह का पर्दाफाश: एसटीएफ ने दबोचा मास्टरमाइंड; परीक्षा केंद्र के नीचे मिला खुफिया चैंबर, सेंट जोन्स एकेडमी सील

देहरादून। उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा माफियाओं के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की ऑनलाइन परीक्षाओं में रिमोट एक्सेस और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के जरिए नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और शातिर सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किया गया आरोपी कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि इस गिरोह का मुख्य टेक्निकल और नेटवर्किंग मास्टरमाइंड है, जिसने परीक्षा केंद्रों के भीतर खुफिया अंडरग्राउंड चैंबर और समानांतर सर्वर रूम स्थापित किए थे।

एसटीएफ की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है, बल्कि आगामी 18 मई को आयोजित होने वाली स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कांस्टेबल जीडी ऑनलाइन परीक्षा में होने वाली एक बहुत बड़ी सेंधमारी को भी समय रहते नाकाम कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित ‘सेंट जोन्स एकेडमी’ परीक्षा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

एसटीएफ की दो टीमों ने बुना जाल, परीक्षा केंद्र से दबोचा आरोपी

एसटीएफ एसएसपी के निर्देश पर इस हाईटेक गिरोह को बेनकाब करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। टीम ने खुफिया इनपुट और तकनीकी विश्लेषण को विकसित करते हुए मुख्य आरोपी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा को नेहरू ग्राम देहरादून स्थित सेंट जोन्स एकेडमी से रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2 इंटरनेट राउटर बरामद हुए, जिन्हें वह एकेडमी की कंप्यूटर लैब में अवैध रूप से स्थापित करने का प्रयास कर रहा था ताकि आगामी परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग को रिमोट एक्सेस दिया जा सके।

एसटीएफ की सघन तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से बेहद चौंकाने वाले उपकरण मिले हैं। पुलिस ने उसके पास से 1 लैपटॉप, 4 मोबाइल फोन, 14 मिनी ब्लूटूथ डिवाइस/रिसीवर डिवाइस, 20 विशेष बैटरियां, 2 हाई-स्पीड इंटरनेट राउटर और कई फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल परीक्षा हॉल में बैठे अभ्यर्थियों तक सीधे जवाब पहुंचाने के लिए किया जाना था।

अंडरग्राउंड चैंबर और रिमोट एक्सेस: ऐसे दिया जा रहा था वारदात को अंजाम

जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का जाल बेहद गहरा और तकनीकी रूप से उन्नत था। दरअसल, नवंबर 2025 में एसएससी द्वारा आयोजित टियर-प्रथम मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) और क्लेरिकल स्टाफ की परीक्षा में हुई बड़े पैमाने पर नकल के संबंध में देहरादून कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना बाद में एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई थी। इस मामले में गिरोह के तीन सदस्यों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि ईश्वरी प्रसाद लगातार फरार चल रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने कुबूल किया है कि उसने 13 फरवरी को महादेवी कन्या पाठशाला (MKP) देहरादून परिसर स्थित ‘महादेव डिजिटल जोन’ नामक परीक्षा केंद्र में पूरी नेटवर्किंग का ताना-बाना बुना था। उसने वहां सर्वर रूम से इंटरनेट केबल का एक अलग, गुप्त कनेक्शन निकाला और उसे यूपीएस (UPS) रूम के ठीक नीचे बने एक अंडरग्राउंड खुफिया चैंबर तक पहुंचाया। इस चैंबर के जरिए बाहर बैठे सॉल्वर गैंग के शूटर परीक्षा हॉल के कंप्यूटर सिस्टमों का रिमोट एक्सेस (जैसे एयरोएडमिन या एनीडेस्क सॉफ्टवेयर के माध्यम से) ले लेते थे और पलक झपकते ही अभ्यर्थियों के पेपर हल कर दिए जाते थे।

दिल्ली से सीखा नेटवर्किंग का हुनर, कोरोना काल में बना शिक्षा माफिया

गिरफ्तार आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने पूछताछ में अपने पूरे नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। उसने बताया कि उसने दिल्ली की अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक और नेटवर्किंग दुकानों में काम सीखकर महारत हासिल की थी। इसके बाद वह दिल्ली के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर नेटवर्किंग से संबंधित ठेके लेने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात नीतीश कुमार (जिसे एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है) से हुई।

इसके बाद, कोरोना काल के दौरान उसकी मुलाकात योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक नाम के एक बड़े शिक्षा माफिया से हुई। योगेश के कहने पर ही वह इस अवैध धंधे में उतरा और परीक्षा केंद्रों की लैब को हैक करने के लिए तकनीकी सेटअप तैयार करने लगा। अक्टूबर 2024 में योगेश और नीतीश कुमार उसे देहरादून लेकर आए, जहां उसकी मुलाकात ‘महादेव डिजिटल जोन’ के मालिक शुभम भटनागर से हुई। इन सभी ने मिलकर देहरादून के परीक्षा केंद्रों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था।

एसएसटी एसटीएफ का बयान: सर्वर हुए कॉम्प्रोमाइज, दिल्ली मुख्यालय को रिपोर्ट

“यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों के इन्फ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी छेड़छाड़ करता था। आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे स्पष्ट हुआ है कि नेहरू ग्राम स्थित सेंट जोन्स एकेडमी और कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों के सर्वर पूरी तरह कॉम्प्रोमाइज हो चुके थे। चूंकि 18 मई (सोमवार) को कांस्टेबल जीडी की ऑनलाइन परीक्षा होनी है और सेंट जोन्स एकेडमी भी एक प्रमुख केंद्र था, इसलिए परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्र को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय निदेशक, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, दिल्ली को त्वरित रूप से विस्तृत रिपोर्ट भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है।” – अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ, उत्तराखंड

एसटीएफ के अनुसार, इस मामले में हरियाणा के रोहतक निवासी एक अन्य आरोपी दीपक को भी पूर्व में दबोचा जा चुका है। वर्तमान में एसटीएफ उन अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने इस गिरोह को लाखों रुपये देकर रिमोट एक्सेस के जरिए परीक्षा पास करने का सौदा किया था। एसटीएफ का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों और डिजिटल लैब के मालिकों की गिरफ्तारी हो सकती है।

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