अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, चाहे वह शादी-ब्याह के लिए गहने बनवाने हों या फिर निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करनी हो, तो यह समय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस सप्ताह सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। जहां 24 कैरेट सोना करीब ₹2,200 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है, वहीं चांदी की कीमत में ₹4,900 से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार गिरते दामों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए या फिर आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे जा सकती हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां, अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, मध्य-पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर इंडेक्स की चाल आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए हर फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी होगा।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस सप्ताह 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,43,368 प्रति 10 ग्राम से गिरकर ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। यानी पूरे सप्ताह में ₹2,209 की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,31,325 से घटकर ₹1,29,302 प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं 18 कैरेट सोना भी ₹1,07,526 से फिसलकर ₹1,05,869 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी में भी इस सप्ताह बड़ी कमजोरी देखने को मिली। एक सप्ताह पहले जहां चांदी का भाव ₹2,20,390 प्रति किलोग्राम था, वहीं अब यह घटकर ₹2,15,474 प्रति किलो पर पहुंच गया है। यानी केवल एक सप्ताह में चांदी की कीमत ₹4,917 प्रति किलो तक टूट गई। यह गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे।
IBJA के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का सबसे ऊंचा भाव 13 जुलाई की सुबह ₹1,42,289 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था, जबकि सप्ताह का सबसे निचला स्तर 17 जुलाई की शाम ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम रहा। इसी तरह चांदी ने 15 जुलाई को ₹2,20,391 प्रति किलो का उच्च स्तर बनाया था और 17 जुलाई की शाम यह गिरकर ₹2,15,474 प्रति किलो तक पहुंच गई।
18 जुलाई के ताजा बाजार भाव की बात करें तो राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,42,680 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,30,800 और 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,07,050 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,42,530, 22 कैरेट ₹1,30,650 तथा 18 कैरेट ₹1,06,900 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में सोने के दाम अन्य शहरों की तुलना में थोड़े अधिक बने हुए हैं। यहां 24 कैरेट सोना ₹1,42,910 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,31,000 और 18 कैरेट ₹1,09,200 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। वहीं बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट सोना ₹1,42,580, 22 कैरेट ₹1,30,700 तथा 18 कैरेट ₹1,06,950 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।
उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी सोने के भाव लगभग समान बने हुए हैं। इन शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,42,680, 22 कैरेट ₹1,30,800 और 18 कैरेट ₹1,07,050 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
चांदी की कीमतों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पटना, लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम में 100 ग्राम चांदी का भाव ₹23,500 है, जबकि एक किलोग्राम चांदी ₹2,35,000 में बिक रही है। वहीं चेन्नई में 100 ग्राम चांदी की कीमत ₹24,000 और एक किलो चांदी ₹2,40,000 तक पहुंच गई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना फिलहाल एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर बेहद अहम माना जा रहा है। यदि कीमत इस स्तर से नीचे मजबूती के साथ फिसलती है तो अगला सपोर्ट ₹1,39,300 से ₹1,38,700 के बीच देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर यदि सोना ₹1,40,700 से ₹1,41,000 के रेजिस्टेंस जोन को पार कर जाता है तो ₹1,42,000 से ₹1,42,700 की ओर तेजी देखने को मिल सकती है। इन स्तरों के ऊपर मजबूती मिलने पर बाजार में नई खरीदारी शुरू हो सकती है और कीमतों में अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
चांदी के लिए भी तकनीकी संकेत फिलहाल दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ₹2,17,000 से ₹2,18,000 प्रति किलो पहला रेजिस्टेंस क्षेत्र है। यदि चांदी इस स्तर को पार नहीं कर पाती और ₹2,15,000 से ₹2,14,000 के नीचे निकल जाती है तो कीमत ₹2,11,000 से ₹2,10,000 प्रति किलो तक फिसल सकती है। हालांकि यदि ऊपरी स्तरों पर मजबूती मिलती है तो चांदी में भी तेजी लौटने की संभावना बनी रहेगी।
वैश्विक बाजार यानी COMEX में भी सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमत 3,920 से 3,900 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। वहीं 4,050 से 4,070 डॉलर प्रति औंस के ऊपर मजबूती मिलने पर सोना 4,120 से 4,150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। इसी प्रकार COMEX सिल्वर 55 से 54.50 डॉलर प्रति औंस के सपोर्ट जोन पर बना हुआ है। यदि यह स्तर टूटता है तो चांदी 53 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है, जबकि 56.50 से 57 डॉलर के ऊपर निकलने पर इसमें फिर से तेजी लौट सकती है और भाव 59 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह आई गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स की मजबूती और वैश्विक बाजारों में मुनाफावसूली ने भी सोने और चांदी पर दबाव बनाया है। जब निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं या डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिलता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को शादी, पारिवारिक कार्यक्रम या अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए सोना खरीदना है, उनके लिए मौजूदा गिरावट एक अच्छा अवसर हो सकती है। हालांकि यदि उद्देश्य केवल निवेश है तो एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रणनीति मानी जा रही है। इससे कीमतों में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है।
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और मध्य-पूर्व की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर से बढ़ सकती है और कीमतों में तेजी लौट सकती है। वहीं यदि आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और डॉलर मजबूत बना रहता है तो दोनों कीमती धातुओं में कुछ और गिरावट देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर इस समय बाजार एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। सोने और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने खरीदारों को राहत जरूर दी है, लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के प्रमुख संकेतकों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। विशेषज्ञों की राय है कि आने वाले कुछ सप्ताह सोना और चांदी दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं और इन्हीं के आधार पर आगे की बड़ी चाल तय होगी।
