देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव रखने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी दीपेन्द्र चौधरी को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद उन्हें उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग का आयुक्त नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 तथा संशोधित अधिनियम, 2014 के प्रावधानों के तहत की गई है।
इस नियुक्ति को प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता को समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दीपेन्द्र चौधरी का प्रशासनिक सेवा में लंबा और विविध अनुभव रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे में सेवा का अधिकार आयोग में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
शासन की ओर से जारी नियुक्ति आदेश सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय की ओर से जारी किए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार राज्यपाल ने उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम की धारा 13(1) और धारा 15 के तहत दीपेन्द्र चौधरी की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है। वह पदभार ग्रहण करने की तिथि से आयोग के आयुक्त के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे।
दीपेन्द्र चौधरी फरवरी 2026 में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि, सचिवालय प्रशासन, सैनिक कल्याण और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। विभिन्न विभागों में काम करने के दौरान उन्हें शासन व्यवस्था, नीतियों के क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मामलों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ।
इसके अलावा दीपेन्द्र चौधरी उत्तराखंड में भू-कानून से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों के लिए गठित समिति में भी सदस्य सचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। यह समिति पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में गठित की गई थी। भू-कानून जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर समिति में उनकी भूमिका भी उनके प्रशासनिक अनुभव को दर्शाती है।
दीपेन्द्र चौधरी का अनुभव केवल सचिवालय और शासन स्तर तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने नैनीताल, हरिद्वार, उत्तरकाशी और चंपावत जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी सेवाएं दी हैं। जिलाधिकारी के तौर पर काम करने के दौरान उन्हें सीधे तौर पर आम जनता, स्थानीय प्रशासन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों को संभालने का अनुभव मिला। यही अनुभव अब उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग में उनकी नई जिम्मेदारी को और महत्वपूर्ण बनाता है।
अधिसूचना में उनके कार्यकाल को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। दीपेन्द्र चौधरी का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, रहेगा। वह अधिनियम की धारा 15(2) के तहत आयोग के आयुक्त पद का कार्यभार ग्रहण कर सकेंगे।
नियुक्ति आदेश के अनुसार उनकी सेवा की अन्य शर्तें शासनादेश संख्या 57/XXX(6)/20-20(02)2014, दिनांक 27 जुलाई 2020 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लागू होंगी। वहीं, आयुक्त के वेतन, भत्ते और सेवा से जुड़े अन्य नियम उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 की धारा 15(5) के प्रावधानों के तहत निर्धारित किए जाएंगे।
उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग आम नागरिकों को सरकारी विभागों से निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में आयोग के आयुक्त के रूप में दीपेन्द्र चौधरी की नियुक्ति से प्रशासनिक जवाबदेही और जनसेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। शासन की अधिसूचना राज्यपाल की अनुमति के बाद सचिव पंकज कुमार पांडेय की ओर से जारी कर दी गई है।
