नई दिल्ली। दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ित छात्र के साथ FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे और कार्रवाई नहीं होने पर वहीं धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे तक चले धरने और राजनीतिक हलचल के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
मामला जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में छात्र आंदोलनों के दौरान कथित रूप से पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा हुआ है। राहुल गांधी पीड़ित छात्र साहिल के मामले में जानकारी लेने और उसकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
FIR दर्ज कराने पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी पीड़ित छात्र साहिल के साथ संसद मार्ग थाना पहुंचे थे। उनका कहना था कि छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, जिसमें साहिल गंभीर रूप से घायल हो गया। राहुल गांधी ने पुलिस से मामले में तत्काल FIR दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की।
हालांकि, शुरुआत में FIR दर्ज नहीं होने पर राहुल गांधी ने पीड़ित छात्र और कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ पुलिस स्टेशन के बाहर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला राजनीतिक रूप से बेहद चर्चित हो गया। पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूदगी के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
राहुल गांधी का आरोप था कि पीड़ित पक्ष लगातार अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी बात पर तत्काल कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी शिकायत दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग करने का अधिकार है।
करीब पांच घंटे तक धरने पर बैठे रहे राहुल
FIR दर्ज करने की मांग को लेकर राहुल गांधी करीब पांच घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उनके साथ पीड़ित साहिल और कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद थे। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी लगातार पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती रहीं और मामले में कार्रवाई की मांग करती रहीं।
पुलिस स्टेशन के बाहर कई घंटों तक चले इस घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी रहा। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि जब तक पीड़ित की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
करीब पांच घंटे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया जा रहा है। अब जांच के दौरान पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों, कथित पैलेट गन के इस्तेमाल और पीड़ित के आरोपों की जांच करेगी।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में घायल साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं।
राहुल गांधी के अनुसार, साहिल की आंख में भी तीन छर्रे लगे हैं, जिससे उसकी चोट की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे होने की बात दर्ज है।
हालांकि, इन दावों और घटना के सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित चिकित्सा दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। FIR दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी कि घटना के दौरान किस प्रकार के हथियार या उपकरण का इस्तेमाल हुआ और पीड़ित को चोट किन परिस्थितियों में लगी।
एक थाने से दूसरे थाने भेजने का आरोप
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष को शिकायत दर्ज कराने के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, शुक्रवार सुबह भी वह एक पुलिस स्टेशन पहुंचे थे, जहां से उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऐसी गंभीर घटना हुई है और वह पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचता है, तो उसकी शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष को लगातार इधर-उधर भेजा जा रहा था।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि पीड़ित छात्र को न्याय दिलाना और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। वहीं, FIR दर्ज होने के बाद अब जांच की दिशा और उसमें सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।
FIR के बाद जांच पर टिकी नजर
दिल्ली पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। इसके आधार पर यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि छात्र आंदोलन के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और पीड़ित को किस कारण तथा किन परिस्थितियों में चोटें आईं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि इसमें राहुल गांधी स्वयं पीड़ित छात्र के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर कई घंटे तक धरने पर बैठे रहे। कांग्रेस ने इसे पीड़ित को न्याय दिलाने की लड़ाई बताया है, जबकि अब पुलिस जांच से ही यह साफ हो सकेगा कि कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगाए गए आरोपों में कितना तथ्य है।
फिलहाल, पांच घंटे के धरने के बाद FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होने से पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत मिली है। अब सबकी नजर दिल्ली पुलिस की जांच पर है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
