
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेल के मैदान से लेकर सेना की चौखट तक, वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। इसी कड़ी में अब एक नया और गौरवशाली नाम जुड़ गया है— खुशी नौटियाल। जनपद रुद्रप्रयाग के केदारघाटी स्थित शेरसी गांव की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी का चयन नेशनल अंडर-16 वॉलीबॉल टीम के लिए हुआ है। इस खबर के बाद से ही पूरे रुद्रप्रयाग और विशेषकर केदारघाटी क्षेत्र में उत्सव का माहौल है।
ट्रायल कैंप में दिखाया दमदार प्रदर्शन
खुशी नौटियाल के राष्ट्रीय टीम तक पहुँचने का सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। हाल ही में उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में आयोजित अंडर-16 वॉलीबॉल नेशनल ट्रायल कैंप में उत्तराखंड भर से आए खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस कड़े मुकाबले और चयन प्रक्रिया में खुशी ने अपने शानदार खेल कौशल, चपलता और सटीक स्मैश के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उनके इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं खुशी
वर्तमान में मां आनंदमयी मेमोरियल स्कूल, रायवाला में कक्षा 10 की छात्रा खुशी नौटियाल केवल वॉलीबॉल तक ही सीमित नहीं हैं। वे एक बहुमुखी एथलीट हैं।
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जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं: खुशी ने जिला स्तर पर एथलेटिक्स और वॉलीबॉल दोनों में सक्रिय भागीदारी की है।
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शुरुआती शिक्षा: उनकी प्रारंभिक शिक्षा गुप्तकाशी के डॉ. जैक्सवीन नेशनल स्कूल से हुई, जहाँ उनके खेल की नींव रखी गई।
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स्कूली रिकॉर्ड: शिक्षकों के अनुसार, खुशी पढ़ाई के साथ-साथ स्कूली क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में हमेशा से अव्वल रही हैं।
फौजी पिता का अनुशासन और परिवार का सहयोग
खुशी की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट विश्वास और पिता का अनुशासन है। खुशी के पिता, धर्मेश नौटियाल, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। एक पूर्व सैनिक होने के नाते उन्होंने अपनी बेटी को बचपन से ही शारीरिक फिटनेस और खेल के प्रति अनुशासित रहने के लिए प्रेरित किया।
धर्मेश नौटियाल बताते हैं कि खुशी को बचपन से ही खेलकूद का जुनून था। वह मैदान पर घंटों पसीना बहाने से कभी पीछे नहीं हटी। उसकी माता, जो कि एक गृहिणी हैं, ने भी खुशी की डाइट और मानसिक मजबूती का पूरा ध्यान रखा। परिवार का कहना है कि यह उपलब्धि केवल खुशी की नहीं, बल्कि उन सभी गुरुओं और प्रशिक्षकों की है जिन्होंने उसे तराशा है।
केदारघाटी में गौरव और उत्साह का वातावरण
खुशी नौटियाल का नेशनल अंडर-16 वॉलीबॉल टीम में चुना जाना केदारघाटी के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में संसाधनों की कमी के बावजूद, यहाँ की बेटियां जिस तरह से राष्ट्रीय क्षितिज पर चमक रही हैं, वह काबिले तारीफ है।
जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई: खुशी की इस अभूतपूर्व सफलता पर क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्तियों ने खुशी जाहिर की है:
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केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
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पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि खुशी ने साबित कर दिया कि पहाड़ की प्रतिभा को सही दिशा मिले तो वे आसमान छू सकते हैं।
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ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला और जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी ने इसे ग्रामीण प्रतिभा की जीत बताया।
इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप सिंह रावत, पूर्व कनिष्क प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुमन जमलोकी, मंडल अध्यक्ष सुभाष रावत और कमलेश भट्ट सहित कई ग्रामीणों ने खुशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
उत्तराखंड: खेलों की नई पौध का केंद्र
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में खेल संस्कृति का तेजी से विकास हुआ है। खुशी नौटियाल जैसी खिलाड़ी यह दर्शाती हैं कि राज्य के दुर्गम गांवों में भी ओलंपिक स्तर की प्रतिभाएं छिपी हैं। वॉलीबॉल फेडरेशन और स्थानीय खेल विभागों की सक्रियता से अब इन खिलाड़ियों को सही मंच मिल रहा है।
खुशी नौटियाल का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह केदारघाटी के हर उस युवा के सपनों की जीत है जो सीमित संसाधनों के बीच कुछ बड़ा करने का माद्दा रखता है। राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़कर खुशी अब देश के लिए पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। पूरा उत्तराखंड अपनी इस ‘गोल्डन गर्ल’ को राष्ट्रीय जर्सी में खेलते देखने के लिए उत्साहित है।



