नई दिल्ली | 31 दिसंबर, 2025 : पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार और सत्ताधारी दल टीएमसी (TMC) के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोताही या कर्मचारियों को डराने-धमकाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
1. BLO सैलरी पर खिंची तलवारें: “तुरंत जारी हो बढ़ा हुआ पैसा”
बैठक में चुनाव आयोग ने सबसे ज्यादा नाराजगी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के मानदेय को लेकर जाहिर की। आयोग ने बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब अन्य राज्यों में बीएलओ को बढ़ा हुआ वेतन मिल रहा है, तो बंगाल में इसे क्यों रोका गया है?
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आदेश: ईसीआई ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आयोग द्वारा निर्धारित की गई बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान राज्य के हर बीएलओ को तत्काल प्रभाव से किया जाए।
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सख्ती: आयोग ने इसे प्रशासनिक विफलता और कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करने वाला कदम बताया है।
2. वोटर्स के पास पहुंचेगा बूथ: हाई-राइज और झुग्गी-झोपड़ियों के लिए नया प्लान
मतदान प्रतिशत बढ़ाने और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में आयोग ने निर्देश दिया कि:
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हाइराइज बिल्डिंग्स और गेटेड सोसाइटी: अब वोटरों को दूर जाने की जरूरत नहीं होगी; आयोग ने निर्देश दिया है कि बड़ी सोसाइटी और बहुमंजिला इमारतों के भीतर ही मतदान केंद्र स्थापित किए जाएं।
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झुग्गी-झोपड़ी (Slums): झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए भी उनके आवास के करीब मतदान केंद्र बनाए जाएंगे ताकि वे बिना किसी दबाव या असुविधा के मतदान कर सकें।
3. चुनाव अधिकारियों को धमकाया तो ‘खैर नहीं’
बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और कर्मचारियों को धमकाने की शिकायतों पर आयोग ने इस बार पहले ही ‘रेड लाइन’ खींच दी है। टीएमसी को सीधी चेतावनी देते हुए आयोग ने कहा कि उनके ग्राउंड लेवल वर्कर्स (पार्टी कार्यकर्ता) चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को डराने की कोशिश न करें।
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अधिकारियों को सुरक्षा: आयोग ने साफ किया कि बीएलओ, ईआरओ (ERO), एईआरओ (AERO) और पर्यवेक्षकों (Observers) की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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बख्शा नहीं जाएगा: ईसीआई ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी नेता या कार्यकर्ता कानून हाथ में लेता है या चुनाव कर्मियों पर दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो एक मिसाल बनेगी।
4. टीएमसी को सख्त लहजे में हिदायत
बैठक के दौरान चुनाव आयोग ने टीएमसी नेतृत्व से कहा कि वे अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने का पाठ पढ़ाएं। अक्सर देखा गया है कि चुनाव के दौरान ग्राउंड लेवल पर टकराव की स्थिति पैदा होती है, जिससे टीएमसी हमेशा इनकार करती रही है। लेकिन इस बार चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वह केवल रिपोर्टों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होने वाली गतिविधियों पर सीधी नजर रख रहा है।
मुख्य हाइलाइट्स: चुनाव आयोग के 4 बड़े एक्शन
| विषय | आयोग का निर्देश |
| BLO सैलरी | बंगाल सरकार तुरंत बढ़ा हुआ पैसा जारी करे। |
| वोटर सुविधा | हाई-राइज और झुग्गियों में ही बनेंगे बूथ। |
| सुरक्षा | चुनाव अधिकारियों को धमकाने पर होगी जेल। |
| कानून-व्यवस्था | उपद्रवियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति। |
चुनाव आयोग के इन सख्त तेवरों ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। बंगाल सरकार और टीएमसी के लिए यह बैठक एक ‘अल्टीमेटम’ की तरह है, जिसमें प्रशासनिक सुधार और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने का भारी दबाव है।



