बेंगलुरु, 23 अक्टूबर: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके मादनायकनहल्ली में मंगलवार रात एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया जिसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया। एक महिला के घर में जबरन घुसकर पांच लोगों ने बारी-बारी से सामूहिक बलात्कार किया। यह वारदात रात 9:30 बजे से 12 बजे के बीच घटित हुई, जब पीड़िता अपने चार वर्षीय बेटे के साथ घर पर मौजूद थी।
पीड़िता, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और बेंगलुरु में एक ब्यूटी पार्लर में काम करती है, उस रात अपने घर पर अपने बेटे, एक महिला और दो पुरुष परिचितों के साथ थी। तभी अचानक पाँच दरिंदे घर में जबरन घुस आए। उन्होंने महिला को जान से मारने की धमकी दी और उसे एक अलग कमरे में खींच ले गए। इसके बाद आरोपियों ने एक-एक कर उसके साथ निर्मम यौन शोषण किया।
दरिंदों ने लूटे पैसे और मोबाइल, फिर फरार
अपनी दरिंदगी को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में रखे 25 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना के दौरान पीड़िता का चार वर्षीय बेटा भय से कांपता रहा, लेकिन उसकी हिम्मत ने आखिरकार अपनी मां को न्याय की ओर पहला कदम दिलाया। बताया जाता है कि बच्चे ने किसी तरह पड़ोसियों को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
मादनायकनहल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि की और महिला का इलाज शुरू किया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (वेस्ट बेंगलुरु) की देखरेख में तीन विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने चंद घंटों में छापेमारी करते हुए पांच में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अब भी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि बाकी अपराधियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना में शामिल सभी आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और कुछ पर पहले से भी चोरी और छेड़छाड़ के मामले दर्ज हैं।
पीड़िता की हालत स्थिर, पर मानसिक रूप से आहत
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता की शारीरिक स्थिति अब स्थिर है, लेकिन वह मानसिक आघात में है। महिला और बाल विकास विभाग की एक विशेष काउंसलिंग टीम को उसकी मदद के लिए लगाया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने पीड़िता को आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त
इस वीभत्स घटना के बाद मादनायकनहल्ली और आसपास के इलाकों में पुलिस ने रात के समय गश्त बढ़ा दी है। स्थानीय लोग इस घटना से आक्रोशित हैं और इलाके में भय का माहौल है। कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
राज्य सरकार और महिला आयोग की प्रतिक्रिया
कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने इस घटना को “मानवता को शर्मसार करने वाला अपराध” बताया और कहा कि आयोग इस मामले की पूरी निगरानी करेगा।
राज्य के मुख्यमंत्री ने भी पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जांच को तेजी से पूरा कर आरोपपत्र दाखिल किया जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके। सरकार ने पीड़िता को राहत कोष से तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बेंगलुरु, जिसे देश की टेक्नोलॉजी कैपिटल कहा जाता है, में महिलाओं की सुरक्षा पर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर शहर के लिए स्मार्ट पुलिसिंग और सुरक्षा एप्स की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की वारदातें यह दर्शाती हैं कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा उपाय अभी भी अपर्याप्त हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कानून बनाना या पुलिस बल बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। ज़रूरत है सख्त निगरानी, त्वरित न्याय और सामाजिक सुधार की। ऐसे अपराधों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को जल्द सजा देना ही समाज को सही संदेश देगा।
बेंगलुरु की यह घटना केवल एक महिला के साथ हुई दरिंदगी नहीं, बल्कि उस तंत्र पर भी सवाल है जो महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने में असफल साबित हो रहा है। चार साल के मासूम की बहादुरी से यह मामला उजागर हुआ, लेकिन यह हमारे समाज के लिए आत्ममंथन का समय भी है — आखिर कब तक महिलाएं अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी?



