
देहरादून: राजधानी देहरादून की सड़कों पर मनमाने ढंग से खुदाई कर यातायात व्यवस्था को ठप करने वाली एजेंसियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर के व्यस्ततम आईएसबीटी क्रॉसिंग (ISBT Crossing) और सहारनपुर रोड (माजरा) पर रोड कटिंग की शर्तों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल प्रभाव से अनुमति निरस्त कर दी है। इसके साथ ही प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आज शाम (02 फरवरी 2026) तक सड़क को पुरानी स्थिति में बहाल (Restore) नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
QRT टीम के औचक निरीक्षण में खुली पोल
देहरादून में अक्सर यह देखा जाता है कि एजेंसियां सड़क खुदाई की अनुमति तो ले लेती हैं, लेकिन उसके बाद सुरक्षा मानकों और समय-सीमा का पालन नहीं करतीं। इसी समस्या के समाधान के लिए डीएम सविन बंसल ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मैदान में उतारा।
सोमवार को उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में क्यूआरटी टीम ने आईएसबीटी और सहारनपुर रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि संबंधित कार्यदायी संस्था पिटकुल (Power Transmission Corporation of Uttarakhand Limited) द्वारा अनुमति की शर्तों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खुदाई वाली जगहों पर न तो सही ढंग से बैरिकेडिंग की गई थी और न ही यातायात सुचारू रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए थे।
क्या थी अनुमति और कहाँ हुई चूक?
पिटकुल के अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्रियान्वयन) द्वारा 132 के.वी. माजरा-लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन बिछाने के लिए करीब 1996 मीटर की रोड कटिंग का अनुरोध किया गया था। इस पर परियोजना समन्वय समिति ने कुछ कड़े प्रतिबंधों के साथ 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक की अनुमति दी थी।
अनुमति की मुख्य शर्तें क्या थीं?
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कार्य केवल रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक ही किया जा सकता था।
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दिन के समय यातायात पूरी तरह सुचारू रखने के लिए सड़क का पैचवर्क या समतलीकरण अनिवार्य था।
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सुरक्षा के लिए रिफ्लेक्टिव बोर्ड और बैरिकेडिंग लगानी थी।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खुदाई के बाद मलबे को सड़क पर ही छोड़ दिया गया, जिससे माजरा और आईएसबीटी जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया।
अनुमति निरस्त और ‘मुकदमा’ दर्ज करने की चेतावनी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अग्रिम आदेशों तक रोड कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने पिटकुल के अधीक्षण अभियंता को सख्त निर्देश दिए हैं कि 02 फरवरी की शाम तक प्रभावित स्थलों पर सड़क का भरान (Backfilling) कर उसे सुचारू किया जाए।
“जनता की सुविधा के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि शाम तक रिस्टोरेशन का कार्य पूरा नहीं होता है, तो संबंधित अधिशासी अभियंता (EE) सहित दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत (FIR) कराया जाएगा।” — जिला प्रशासन, देहरादून

प्रशासन की सख्ती: विकास कार्यों के नाम पर अराजकता पर रोक
देहरादून के निवासियों के लिए यह कार्रवाई एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है। पिछले कुछ समय से देहरादून में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, यूपीसीएल और पिटकुल के कार्यों के कारण सड़कों की स्थिति जर्जर बनी हुई थी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन वे आम नागरिक की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कीमत पर नहीं होने चाहिए।
ट्रैफिक जाम से जूझते लोगों को मिलेगी राहत
आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड देहरादून के प्रवेश द्वार माने जाते हैं। यहाँ सड़क कटिंग के कारण न केवल स्थानीय लोग, बल्कि बाहरी राज्यों से आने वाले यात्री भी घंटों जाम में फंस रहे थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब उम्मीद है कि एजेंसियां भविष्य में शर्तों का पालन करने में गंभीरता दिखाएंगी।
अगला कदम: शहरभर में चलेगा जांच अभियान
सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने क्यूआरटी टीम को निर्देश दिए हैं कि वे शहर के अन्य हिस्सों जैसे राजपुर रोड, चकराता रोड और ईसी रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों की भी जांच करें। जहाँ भी अनुमति के समय और शर्तों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां इसी तरह की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



