By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: देहरादून: अंकिता न्याय महापंचायत और कौतिक महोत्सव के बीच ‘सियासी’ टकराव, संघर्ष मंच ने लगाया साजिश का आरोप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > देहरादून: अंकिता न्याय महापंचायत और कौतिक महोत्सव के बीच ‘सियासी’ टकराव, संघर्ष मंच ने लगाया साजिश का आरोप
उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून: अंकिता न्याय महापंचायत और कौतिक महोत्सव के बीच ‘सियासी’ टकराव, संघर्ष मंच ने लगाया साजिश का आरोप

The Hill India News
Last updated: February 6, 2026 1:22 pm
The Hill India News
Published: February 6, 2026
Share
SHARE

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का परेड ग्राउंड एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलचलों का केंद्र बन गया है। 8 फरवरी को अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की प्रस्तावित ‘न्याय महापंचायत’ से ठीक पहले प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। संघर्ष मंच ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस जन आंदोलन को विफल करने के लिए एक ‘सुनियोजित साजिश’ रची गई है।

Contents
विवाद की जड़: एक ही स्थल पर दो बड़े आयोजनमुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पर उठे सवालफंडिंग और ‘VIP’ कल्चर पर प्रहारजनसंपर्क तेज, महापंचायत को मिल रहा व्यापक समर्थनप्रशासनिक चुनौती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामक्या कहती है सरकार?न्याय की पुकार या सांस्कृतिक उत्सव?

विवाद की जड़: एक ही स्थल पर दो बड़े आयोजन

पूरा विवाद 8 फरवरी की तिथि और परेड ग्राउंड के उपयोग को लेकर है। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य मोहित डिमरी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान तीखे सवाल दागे। डिमरी का दावा है कि महापंचायत की तारीख तीन सप्ताह पहले ही सार्वजनिक कर दी गई थी और इसके लिए प्रशासन को सूचित भी किया गया था।

इसके बावजूद, उसी परेड ग्राउंड में 5 से 8 फरवरी के बीच ‘उत्तरायणी कौतिक महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। संघर्ष मंच का आरोप है कि एक ही समय और स्थान पर सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन करना कोई संयोग नहीं बल्कि महापंचायत में उमड़ने वाली भीड़ को रोकने और जन आंदोलन को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी पर उठे सवाल

इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब संघर्ष मंच ने उत्तरायणी कौतिक महोत्सव का संबंध सीधे मुख्यमंत्री आवास से जोड़ दिया। मोहित डिमरी ने कहा कि यह महोत्सव जिस फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, उसकी संस्थापक स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी हैं।

संघर्ष मंच ने सवाल उठाया कि जब महापंचायत की घोषणा पहले की जा चुकी थी, तो शासन-प्रशासन ने उसी स्थल को कौतिक महोत्सव के लिए अनुमति कैसे दे दी? उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए कहा कि सरकार जनता की आवाज को उत्सवों के शोर में दबाना चाहती है।

फंडिंग और ‘VIP’ कल्चर पर प्रहार

न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने न केवल आयोजन की टाइमिंग पर सवाल उठाए, बल्कि महोत्सव के वित्तीय स्रोतों पर भी निशाना साधा है। मंच के नेताओं ने मांग की है कि इस भव्य महोत्सव में खर्च की जा रही भारी-भरकम धनराशि के स्रोत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

संघर्ष मंच के अनुसार, यह लड़ाई अब केवल एक बेटी के न्याय की नहीं रह गई है, बल्कि यह “वीआईपी (VIP) को बचाने वालों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे आम लोगों” के बीच का सीधा मुकाबला बन चुका है। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी केस में ‘वीआईपी’ गेस्ट के नाम को लेकर लंबे समय से प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है।

जनसंपर्क तेज, महापंचायत को मिल रहा व्यापक समर्थन

साजिश के आरोपों के बीच, महापंचायत की तैयारियां जोरों पर हैं। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में महिलाएं, युवा, पूर्व सैनिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं।

  • महिलाओं की भागीदारी: पहाड़ की मातृशक्ति अंकिता को अपनी बेटी मानकर इस आंदोलन से भावनात्मक रूप से जुड़ी है।

  • युवाओं का आक्रोश: रोजगार और सुरक्षा के मुद्दे पर युवा इस महापंचायत को एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।

  • सामाजिक संगठनों का साथ: राज्य के लगभग सभी प्रमुख गैर-सरकारी संगठनों ने 8 फरवरी को परेड ग्राउंड कूच करने का ऐलान किया है।

प्रशासनिक चुनौती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

एक ही स्थान पर सांस्कृतिक महोत्सव और दूसरी तरफ न्याय की मांग कर रही उग्र भीड़ का जुटना देहरादून पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन सकता है। खुफिया विभाग भी इस महापंचायत पर नजर बनाए हुए है। परेड ग्राउंड में कौतिक के कारण पहले से ही स्टॉल और भीड़ मौजूद है, ऐसे में 8 फरवरी को महापंचायत के लिए जगह और सुरक्षा प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती होगी।

क्या कहती है सरकार?

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भाजपा समर्थकों का तर्क है कि उत्तरायणी कौतिक एक पारंपरिक सांस्कृतिक उत्सव है और इसे किसी राजनीतिक आंदोलन से जोड़कर देखना गलत है। उनके अनुसार, कौतिक की तैयारियां पहले से तय रूट मैप के अनुसार होती हैं।

न्याय की पुकार या सांस्कृतिक उत्सव?

अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। जहाँ एक ओर अंकिता के माता-पिता आज भी अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार अपने विकास कार्यों और सांस्कृतिक आयोजनों को प्राथमिकता दे रही है। 8 फरवरी को परेड ग्राउंड का दृश्य यह तय करेगा कि देवभूमि की जनता न्याय की पुकार के साथ खड़ी है या वह सरकार के उत्सवों में शामिल होती है।

संघर्ष मंच का स्पष्ट संदेश है कि चाहे कितनी भी बाधाएं आए, अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी।

You Might Also Like

उत्तराखंड को पेंशन हिस्सेदारी के ₹1600 करोड़ मिले, सीएम धामी ने योगी सरकार का जताया आभार
“महिला शक्ति का महाकुंभ: उत्तराखंड की 13 बेटियों को मिलेगा प्रतिष्ठित तीलू रौतेली सम्मान, 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होंगी सम्मानित”
Uttarakhand: ‘मातृ शक्ति के सहयोग के बिना किसी भी समाज अथवा राष्ट्र का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता’- CM धामी
मुर्शिदाबाद में आज बाबरी मस्जिद का शिलान्यास: 6 दिसंबर की तारीख ने गर्मा दी बंगाल की सियासत
40 की उम्र में परवान चढ़ा प्यार, ट्रेन के आगे कूदकर शख्स और उसकी समधन ने की ख़ुदकुशी
TAGGED:Ankita Bhandari CaseAnkita Justice Mahapanchayat DehradunMohit Dimriuttarakhand newsUttarayani Kautik Festival Parade Ground
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डस्पोर्ट्स

एशियन गेम्स में भारत का ‘गोल्डन’ आगाज, महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास; दक्षिण कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण

The Hill India News
The Hill India News
October 2, 2026
कोटद्वार में ‘मोहम्मद’ दीपक की गिरफ्तारी से फिर गरमाया विवाद, दुकान में घुसकर बदसलूकी का आरोप; व्यापारियों ने कोतवाली में दिया धरना
गांधी-शास्त्री जयंती पर देशभर में गूंजा श्रद्धा और संकल्प का संदेश, राष्ट्रपति मुर्मू से PM मोदी तक ने दी श्रद्धांजलि
UPL क्लोजिंग से पहले गरमाया विवाद: मासूम शर्मा के शो के खिलाफ UKD का प्रदर्शन, स्टेडियम के बाहर नारेबाजी से बढ़ा सियासी पारा
हरिद्वार को बड़ी सौगात: अब यहीं तैयार होंगे MBBS डॉक्टर, ESI मेडिकल कॉलेज को मिली मंजूरी; 50 सीटों से होगी शुरुआत
‘एक कचौड़ी, दो समोसा… इन मर्दों का क्या भरोसा’ से ‘नारी अपने आप की’ तक, दिल्ली की सड़कों पर गूंजा Gen Z का गुस्सा; DU-JNU-जामिया की छात्राओं ने उठाए महिला सुरक्षा पर सवाल
सूखती धाराओं से फिर बहने लगी हेवल नदी… उत्तराखंड के IFS धर्म सिंह मीणा को Eco-Warrior Award 2026, वैज्ञानिक मॉडल ने बदली जलस्रोतों की तस्वीर
10 लाख का बिजली बिल नहीं भरा तो कट गई BSNL टावर की बिजली, 15 ग्राम सभाओं में नेटवर्क ठप… फोन हुए ‘शोपीस’, ग्रामीण बोले- आपात स्थिति में कैसे बचेंगे?
‘पलटूराम’ से ‘वोट चोरी’ तक… हरिद्वार में हरीश रावत के तीखे तेवर, ‘टाइगर इज बैक’ पोस्टर के साथ निकली धन्यवाद संवाद यात्रा
दिवाली पर पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख! पूरी तरह बैन नहीं, लेकिन 24 घंटे पटाखे चलाने की भी नहीं मिलेगी छूट; तय समय पर ही इस्तेमाल के संकेत
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?