By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: 100 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा: ईडी ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > 100 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा: ईडी ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
देशफीचर्ड

100 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड का खुलासा: ईडी ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

The Hill India News
Last updated: October 10, 2025 1:20 pm
The Hill India News
Published: October 10, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025: देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड से जुड़ी जांच में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Contents
कैसे काम करता था साइबर फ्रॉड का नेटवर्कक्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासाईडी की त्वरित कार्रवाई, अदालत ने दी पांच दिन की कस्टडी‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया जाल: साइबर ठगी का खतरनाक रुझानईडी और अन्य एजेंसियां कर रहीं समन्वित कार्रवाईईडी का संदेश – साइबर फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगीदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता

ईडी की सूरत सब-जोनल ऑफिस की टीम ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके नाम हैं — मकबुल अब्दुल रहमान डॉक्टर, काशिफ मकबुल डॉक्टर, महेश मफतलाल देसाई और ओम राजेंद्र पंड्या। एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और हवाला के जरिये अपराध की रकम छिपाने के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की।


कैसे काम करता था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क

जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक और सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से लोगों को ठगता था। आरोपियों ने कई तरीकों का इस्तेमाल किया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” नोटिस: पीड़ितों को यह बताया जाता था कि वे किसी आपराधिक जांच में शामिल हैं और यदि तुरंत जुर्माना या पेनल्टी नहीं चुकाई तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
  • फॉरेक्स ट्रेडिंग फ्रॉड: आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के नाम पर निवेशकों को भारी मुनाफे का झांसा दिया और फिर निवेश की गई रकम गायब कर दी।
  • फर्जी सुप्रीम कोर्ट और ईडी के नोटिस: लोगों के ईमेल और मोबाइल नंबर पर फर्जी नोटिस भेजे जाते थे, जिनमें कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे।

ईडी ने बताया कि इस गिरोह ने न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी फैले नेटवर्क के जरिये लोगों को निशाना बनाया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया गया, ताकि ट्रांजैक्शन का पता लगाना मुश्किल हो जाए।


क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा

एजेंसी के अनुसार, आरोपी अपराध की रकम (Proceeds of Crime) को USDT (Tether) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश भेजते थे।
इसके लिए उन्होंने फर्जी नामों से बैंक खाते और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया। इन खातों का उपयोग साइबर फ्रॉड से जुटाई गई रकम को विभिन्न लेयर्स में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों को स्रोत तक पहुंचने में मुश्किल हो।

जांच में यह भी सामने आया कि कई बैंक खातों में एक ही मोबाइल नंबर और IP एड्रेस से ट्रांजैक्शन किए गए, जिससे एक बड़ा सिंडिकेट-आधारित नेटवर्क होने की संभावना जताई जा रही है।


ईडी की त्वरित कार्रवाई, अदालत ने दी पांच दिन की कस्टडी

प्रवर्तन निदेशालय ने इन चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अहमदाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहाँ अदालत ने उन्हें 5 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों से अन्य सहयोगियों और विदेशी नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।

एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि अपराध की रकम किन देशों में ट्रांसफर की गई और क्या इसके तार किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े हैं।


‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया जाल: साइबर ठगी का खतरनाक रुझान

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी “डिजिटल अरेस्ट” नामक नई साइबर ठगी का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें अपराधी पीड़ित के फोन या कंप्यूटर को रिमोटली लॉक कर देते हैं और खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर धमकी देते हैं।
वे कहते हैं कि यदि पीड़ित तुरंत “जुर्माना” नहीं भरेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। इस मनोवैज्ञानिक दबाव में कई लोग बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं।

यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाती है जो कानून से डरते हैं या तकनीकी रूप से कम जानकार हैं। ईडी ने इसे “नए युग का डिजिटल जबरन वसूली तंत्र” बताया है।


ईडी और अन्य एजेंसियां कर रहीं समन्वित कार्रवाई

इस मामले में ईडी ने अब राज्य पुलिस साइबर सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और विदेश मंत्रालय (MEA) से भी समन्वय शुरू कर दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला है।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने अब तक 30 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया है और डिजिटल वॉलेट्स की जांच भी जारी है। कई खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन का पता चला है जो “शेल कंपनियों” के नाम पर खोले गए थे।


ईडी का संदेश – साइबर फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

ईडी के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई उन दर्जनों मामलों में से एक है जिनमें देशभर में आम नागरिकों को डिजिटल माध्यमों से ठगा जा रहा है।
एजेंसी का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध, न केवल वित्तीय प्रणाली को कमजोर करते हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ईडी आने वाले समय में क्रिप्टोकरेंसी आधारित धोखाधड़ी और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ और भी बड़े स्तर पर अभियान चलाएगी। इस दिशा में बैंकों और टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है ताकि ऐसे नेटवर्क की पहचान जल्द की जा सके।”


देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता

गृह मंत्रालय के अनुसार, भारत में बीते तीन वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में लगभग 65% की वृद्धि दर्ज की गई है।
इनमें से अधिकांश मामलों में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड, निवेश धोखाधड़ी और फर्जी कॉल सेंटर शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डीपफेक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से साइबर अपराधियों के तौर-तरीके और भी उन्नत हो रहे हैं।

सरकार ने हाल ही में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (http://www.cybercrime.gov.in) को मजबूत करने, और साइबर फॉरेंसिक यूनिट्स की क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

ईडी की यह कार्रवाई न केवल 100 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि डिजिटल वित्तीय अपराध अब कितनी तेजी से विकसित हो रहे हैं। एजेंसी का यह कदम संदेश देता है कि साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल किसी भी व्यक्ति या नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : पेपर लीक मामले में सीएम धामी का बड़ा बयान कहा CBI जांच कराऊंगा लेकिन पहले ….
Washington: अमेरिका से बोले राहुल गांधी- भारत में प्रेस की आजादी कमजोर हो रही है, भाजपा ने भी किया पलटवार
कांग्रेस की इस घोषणा के बाद, वायनाड में प्रियंका गांधी के खिलाफ उम्मीदवार उतारेंगे कम्युनिस्ट पार्टी
उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप तेज़: मैदानी इलाकों में तापमान गिरा, IMD ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया
कर्नाटक के CM सिद्धारमैया का फरमान, साइनबोर्ड का 60 फीसदी हिस्सा कन्नड़ में लिखना अनिवार्य
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
दिल्लीफीचर्ड

दिल्ली-NCR का नया मास्टर प्लान 2041: आधे घंटे में सिमटेंगी दूरियां, नोएडा-गुरुग्राम से मेरठ और हापुड़ तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी का सपना होगा साकार

The Hill India News
The Hill India News
June 15, 2026
IRCTC की नई वेबसाइट से बदलेगा टिकट बुकिंग का अनुभव, छात्रा के सुझाव पर रेलवे ने किया बड़ा बदलाव
E100 के दौर में भी बेकार नहीं होगी Hero Splendor Flex Fuel! जानिए क्यों एक्सपर्ट इसे बता रहे हैं भविष्य की सबसे समझदार बाइक
बिहार: रोशन आनंद को मिली जमानत, कोर्ट की नसीहत- ‘गुरु हैं तो गुरु जैसा आचरण करें’, भाई प्रिंस के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल
ट्रंप की ‘जीत’ पर उठे सवाल: ईरान-अमेरिका समझौते ने खोली युद्ध की असली तस्वीर, क्या बिना हारे हार गया वॉशिंगटन?
”सूने हो रहे घर और बढ़ रहे वृद्धाश्रम, यह व्यथित करता है’: वृद्धजन जागरूकता दिवस पर सीएम योगी की भावुक पाती
स्थापना दिवस पर कैंची धाम में आस्था का महाकुंभ: बाबा नीब करौरी के दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला, सुरक्षा में एटीएस और भारी पुलिस बल तैनात
‘लड़की हूँ फंसा दूँगी’ की धमकी देने वाली महिला पोस्टमैन पर सख्त कार्रवाई: पिथौरागढ़ में दो महीने से दबा रखी थी डाक, वायरल वीडियो के बाद निलंबन
राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का बड़ा दांव: 19 जून को दिल्ली में ‘महा रोजगार मेला’, ऑन-द-स्पॉट नियुक्तियों के साथ युवाओं को साधने की तैयारी
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के 56 दिनों में 190 श्रद्धालुओं की मौत, कोमोरबिडिटी और हाई-रिस्क वाले यात्री बढ़ा रहे खतरा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?