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उत्तराखंड: पार्षद धामी हत्याकांड, 6 साल से फरार इनामी शूटर गिरफ्तार, STF की बड़ी कामयाबी

रुद्रपुर (उत्तराखंड) में बहुचर्चित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड को लेकर पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में शामिल 25 हजार रुपये के इनामी शूटर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की पहचान रिंकू शर्मा उर्फ पंडित के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। यह गिरफ्तारी ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत की गई, जिसे कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, रिंकू शर्मा पिछले लगभग छह वर्षों से फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस और STF की टीमें लगातार प्रयासरत थीं। आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके बाद टीम ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला वर्ष 2020 का है, जब 12 अक्टूबर को रुद्रपुर में दिनदहाड़े पार्षद प्रकाश धामी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने धामी को उनके घर से बुलाया और कार में सवार पांच बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में उनके सिर, गले और सीने पर गोलियां लगी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धामी ने खुद को बचाने की कोशिश की थी और भागने का प्रयास भी किया, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

घटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच में सामने आया कि हमलावरों ने पार्षद को कुल छह गोलियां मारी थीं, जिनमें से दो बेहद करीब से और चार थोड़ी दूरी से चलाई गई थीं। इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि इस हत्याकांड को सुपारी देकर अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार आरोपी रिंकू शर्मा इसी साजिश का अहम हिस्सा था और उसे पेशेवर शूटर के रूप में इस वारदात में शामिल किया गया था। घटना के बाद से ही वह फरार हो गया था, जिससे उसे पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।

गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एक शातिर अपराधी है, जो लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है, जिससे इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पार्षद प्रकाश धामी का खुद का रिकॉर्ड भी विवादों से घिरा रहा था। पुलिस के अनुसार, पार्षद बनने से पहले वह किच्छा में एक हत्या के मामले में जेल जा चुके थे, हालांकि बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। इसके अलावा वर्ष 2019 में सिटी क्लब के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में भी उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी।

फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि क्षेत्र में अपराध पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं है और अपराधियों को देर-सवेर न्याय के कटघरे में लाया ही जाएगा।

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