डोईवाला/देहरादून। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर प्रदेश की सियासत के केंद्र में आ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे के दौरान शुक्रवार को परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों को उठाते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच, सच्चाई को सामने लाने और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता, बेटियों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है। प्रदेश की जनता लंबे समय से इस मामले में उठ रहे सवालों के स्पष्ट जवाब चाहती है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल बोले- अंकिता कोई सामान्य नाम नहीं, उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी कोई सामान्य नाम नहीं है, बल्कि वह उत्तराखंड की उस बेटी का प्रतीक है, जिसे आज भी न्याय का इंतजार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मामले में उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता आज भी अंकिता हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब चाहती है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग उन सवालों का समाधान करने के बजाय उन्हें उठाने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
मोहित उनियाल ने अपने बयान में दुष्यंत गौतम को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ कांग्रेस सवाल उठा रही है, उसे जवाबदेह बनाने के बजाय राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने इसे सीबीआई जांच से बचाने की साजिश बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए। हालांकि, ये कांग्रेस जिलाध्यक्ष के राजनीतिक आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उत्तराखंड आगमन हो और अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पर उठ रही आवाजों को अनसुना कर दिया जाए, यह अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता और इस प्रकरण से जुड़े सभी सवालों के निष्पक्ष जवाब सामने नहीं आते, तब तक कांग्रेस का संघर्ष सड़क से सदन तक जारी रहेगा।
धनतेरस पर मार्ग बंद होने और पटाखों की दुकानों को बंद कराने पर भी उठाए सवाल
अमित शाह के दौरे के चलते कांग्रेस नेताओं ने आम जनता और व्यापारियों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, धनतेरस जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दिन गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही एयरपोर्ट से देहरादून जाने वाले मार्ग पर पटाखों की दुकानों को भी शाम तक बंद करा दिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धनतेरस का दिन व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसरों में से एक होता है। इस दिन बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और पटाखों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही रहती है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर दुकानों को बंद कराने और मार्गों पर प्रतिबंध लगाने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ ही आम जनता की सुविधा और छोटे व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। त्योहार के मौके पर जनता को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए प्रशासन को बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
करतार नेगी और महेंद्र भट्ट ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
डोईवाला नगर कांग्रेस अध्यक्ष करतार नेगी और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। दोनों नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा केवल दिखावा बनकर रह गया है। एक ओर सरकार बेटियों की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को कांग्रेस की आवाज दबाने के बजाय प्रदेश की जनता के उन सवालों का जवाब देना चाहिए, जो लंबे समय से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उठाए जा रहे हैं। सत्ता के अहंकार में सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि जनता की आवाज को पुलिस की बैरिकेडिंग, प्रतिबंधों और गिरफ्तारियों के माध्यम से हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
करतार नेगी और महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं है। यह उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने, मामले से जुड़ी सच्चाई सामने लाने और प्रदेश की जनता की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है।
बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
जौलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप आयोजित विरोध प्रदर्शन में परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ डोईवाला क्षेत्र के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता, युवा कांग्रेस, सेवादल और सोशल मीडिया विभाग के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, कांग्रेस प्रदेश महासचिव नीरज त्यागी, डोईवाला नगर कांग्रेस अध्यक्ष करतार नेगी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला महासचिव राहुल सैनी, स्वतंत्र बिष्ट, पूर्व प्रधान उमेद बोरा, जितेंद्र कुमार और सेवादल जिलाध्यक्ष सुनील बर्मन मौजूद रहे।
इसके अलावा कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की जिलाध्यक्ष रेखा कांडपाल सती, सभासद गौरव मल्होत्रा, अमित सैनी, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव सावन राठौर, विमल गोला, सेवादल प्रदेश महासचिव शार्दूल नेगी, भारत भूषण कौशल, बालेंद्र सजवान, जावेद, संजीव भट्ट, चंद्र प्रकाश काला, आशीष राणा, नंदन नेगी, सुमिता और अदिति सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन प्रदर्शन में शामिल हुए।
कांग्रेस ने दोहराया- अंकिता को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष और स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान जौलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन सवालों पर भाजपा सरकार और संबंधित स्तर पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
