उत्तर प्रदेश: होमगार्ड भर्ती परीक्षा पर सीएम योगी की सख्ती, नकल, लापरवाही और अफवाहों पर जीरो टॉलरेंस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकल, अफवाह फैलाने या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षार्थियों की सुविधा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, छाया की व्यवस्था और आवश्यकतानुसार पंखे या कूलर जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए, जिससे अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का भी संज्ञान लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में यदि किसी प्रकार की आशंका है, तो उसे दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी जिलों में हर फीडर स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार के जातीय तनाव को भड़काने वाली साजिशों पर कड़ी नजर रखी जाए। अराजक तत्वों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश में शांति और सौहार्द बना रहे। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि वहां किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेष रूप से 30 अप्रैल से 2 मई के बीच सतर्कता बढ़ाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही बारूद गोदामों और आतिशबाजी कारखानों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता बरतने को कहा गया है। उन्होंने सभी जिलों में इन स्थानों का तत्काल निरीक्षण कराने के निर्देश दिए और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे पैनिक न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं स्थिति की नियमित समीक्षा करें और आवश्यक कदम उठाएं।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जन-सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा और यह भी दोहराया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



