
देहरादून, 27 नवंबर 2025। उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार को राज्य की भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और गति को एक बार फिर रेखांकित करते हुए लोक सेवा आयोग से चयनित अर्थ एवं संख्या, कृषि एवं उद्यान तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कुल 178 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव-चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें सार्वजनिक सेवा की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को “विकसित राज्य” के लक्ष्यों तक पहुंचाना है और युवाओं की भूमिका इसमें सबसे निर्णायक है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए अभ्यर्थी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य के विकास में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।
अर्थ एवं संख्या विभाग की बड़ी भूमिका, 117 अभ्यर्थियों का चयन
कार्यक्रम में कुल 178 अभ्यर्थियों में से अर्थ एवं संख्या विभाग के 117 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जबकि कृषि विभाग में 12, उद्यान विभाग में 30 तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग में 19 अभ्यर्थियों को नई नियुक्ति मिली।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज की शासन व्यवस्था में डेटा सर्वोपरि है—योजनाओं की रूपरेखा, उनका प्रभाव, क्रियान्वयन और मूल्यांकन—सब कुछ विश्वसनीय आँकड़ों पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा,
“गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध आँकड़े हमारी नीतियों की आत्मा हैं। अर्थ एवं संख्या विभाग राज्य में डेटा संग्रह और विश्लेषण का मुख्य नोडल विभाग है, इसलिए आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे जमीनी स्तर से तथ्यपरक फीडबैक उपलब्ध कराएँ, ताकि सरकार आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम समय पर उठा सके।
नकल माफियाओं पर कड़ा प्रहार, 4.5 वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान उत्तराखंड में 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं—जो राज्य गठन के बाद पूर्ववर्ती सरकारों के मुकाबले “दोगुने से भी अधिक” हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भर्ती परीक्षाओं में व्यापक रूप से नकल माफियाओं द्वारा हस्तक्षेप किया जाता था, जिससे युवाओं का विश्वास टूट रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“हमारी सरकार ने नकल माफियाओं पर सबसे कठोर कार्रवाई की है और नया नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है। आज युवा निश्चिंत होकर परीक्षाओं में हिस्सा ले सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं तेज़ भर्ती प्रक्रिया किसी भी राज्य के सुशासन का प्रमाण होती है, और उत्तराखंड आज इस दिशा में उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
रोजगार व स्वरोजगार की दिशा में तेज़ कदम: स्टार्टअप, पर्यटन, कृषि और होम-स्टे से नया आयाम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर न रहकर व्यापक कार्य अवसरों के सृजन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, नई स्टार्टअप एवं उद्यमिता नीति, नई पर्यटन नीति, कृषि-फल उत्पादन और होम-स्टे योजनाओं के माध्यम से राज्य में हजारों युवाओं ने नए रोजगार और स्वरोजगार की शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का प्रभाव अब दिखने लगा है और ‘रिवर्स माइग्रेशन’ के आंकड़े उल्लेखनीय रूप से बढ़े हैं। कई युवा, जो पहले रोजगार के लिए महानगरों का रुख करते थे, अब अपने गांव लौटकर स्वरोजगार और उद्यमिता में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों से सरकार की अपेक्षा—“ईमानदारी और सेवा भाव सर्वोपरि”
मुख्यमंत्री धामी ने नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा जनता के विश्वास से चलती है।
उन्होंने कहा,
“आपको केवल नौकरी नहीं मिली है, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर मिला है। यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी है और इसे सेवा भाव से निभाना ही सच्चा कर्तव्य है।”
उन्होंने अभ्यर्थियों से आग्रह किया कि वे तकनीक, पारदर्शिता और त्वरित सेवा के मंत्र को अपनाकर अपने विभागों में दक्षता बढ़ाएँ।
वरिष्ठ जनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया विशेष
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिनमें प्रमुख हैं—
- आचार्य प्रमोद कृष्णम, कल्कि पीठाधीश्वर
- कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
- कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या
- राज्यसभा सांसद नरेश बंसल
- विधायक भरत चौधरी एवं सविता कपूर
- 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति के उपाध्यक्ष ज्योति प्रसाद गैरोला
- प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम
- सचिव एस.एन. पाण्डेय
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें विभागीय दायित्वों की जानकारी भी दी।
समापन—नए अभ्यर्थियों के साथ राज्य विकास के नए संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से बदल रहा है और भविष्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा, पारदर्शिता और सुशासन के आधार पर राज्य को अगले दशक में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का संकल्प सरकार ने लिया है।
नव-चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर उत्साह और जिम्मेदारी का भाव साफ दृष्टिगोचर था। नियुक्ति पत्र वितरण के साथ ही राज्य सेवा में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है, जो आने वाले समय में उत्तराखंड की प्रशासनिक क्षमता और सेवा प्रणाली को और मजबूत करेगा।



