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पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति: 98 वर्षीय बुजुर्ग को मिला कैंसर का कैशलेस इलाज, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनीं परिवारों का संबल

The Hill India News
Last updated: March 19, 2026 1:29 pm
The Hill India News
Published: March 19, 2026
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मोगा/चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना की सफलता की एक मर्मस्पर्शी और प्रेरणादायक तस्वीर मोगा जिले से सामने आई है, जहाँ 98 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का इलाज बिना एक भी पैसा खर्च किए प्राप्त हुआ। यह मामला न केवल चिकित्सा जगत के लिए मिसाल है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी पुष्टि करता है।

Contents
98 की उम्र और कैंसर की चुनौती: मुख्तियार कौर की प्रेरक कहानीआर्थिक स्थिति नहीं, अब चिकित्सकीय आवश्यकता है आधारस्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का बयान: “सम्मान और सेवा हमारी प्राथमिकता”मुख्यमंत्री सेहत योजना: आंकड़े और सुविधाएंबुजुर्गों की देखभाल में परिवारों को मिली राहतकैसे बनवाएं सेहत कार्ड?बदलता पंजाब, सुधरता स्वास्थ्य ढांचा

98 की उम्र और कैंसर की चुनौती: मुख्तियार कौर की प्रेरक कहानी

मोगा की रहने वाली 98 वर्षीय मुख्तियार कौर इस समय राज्य की सबसे वरिष्ठ लाभार्थियों में से एक बन गई हैं। इस उम्र में जहाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और चिकित्सा व्यय परिवारों के लिए भारी बोझ बन जाता है, वहाँ मुख्तियार कौर के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना उम्मीद की किरण बनकर आई।

उन्हें कीमोथेरेपी और कैंसर से संबंधित अन्य विशेष उपचारों की आवश्यकता थी। अस्पताल में भर्ती होते ही उनके ‘सेहत कार्ड’ की पुष्टि की गई और बिना किसी कागजी देरी के उनका इलाज शुरू कर दिया गया। उन्नत दवाओं और निरंतर निगरानी के साथ उन्हें वह तमाम सुविधाएं मिलीं, जो आमतौर पर महंगे निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध होती हैं।

आर्थिक स्थिति नहीं, अब चिकित्सकीय आवश्यकता है आधार

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार का स्पष्ट विजन है कि राज्य के किसी भी नागरिक का इलाज पैसों की कमी के कारण नहीं रुकना चाहिए। मोगा का यह मामला इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जहाँ अक्सर बुजुर्गों के इलाज में परिवार आर्थिक तंगी के कारण पीछे हट जाते हैं, वहाँ कैशलेस सुविधा ने यह सुनिश्चित किया कि मुख्तियार कौर के उपचार से जुड़े निर्णय केवल उनकी सेहत और डॉक्टर की सलाह के आधार पर लिए जाएं, न कि बैंक बैलेंस के आधार पर।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का बयान: “सम्मान और सेवा हमारी प्राथमिकता”

योजना की सफलता और मोगा के इस विशेष मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा:

“मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल एक बीमा योजना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रमाण है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पंजाब के बुजुर्ग मरीजों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के समय पर और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं मिलें। जीवन के इस संध्या काल में उपचार तक सम्मानजनक पहुंच अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह योजना परिवारों को आत्मविश्वास प्रदान कर रही है।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना: आंकड़े और सुविधाएं

पंजाब सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • व्यापक नेटवर्क: पंजाब भर के 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना का हिस्सा हैं।

  • विस्तृत पैकेज: लाभार्थी 2300 से अधिक विभिन्न प्रकार के उपचार पैकेजों (सर्जरी, कीमोथेरेपी, डायलिसिस आदि) का लाभ उठा सकते हैं।

  • बढ़ता दायरा: अब तक राज्य में 9 लाख से अधिक ‘सेहत कार्ड’ जारी किए जा चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

बुजुर्गों की देखभाल में परिवारों को मिली राहत

पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहाँ कैंसर जैसी बीमारियाँ एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरी हैं, वहाँ यह योजना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए संजीवनी है। बुजुर्गों के बार-बार अस्पताल जाने और विशेष दवाओं के खर्च ने कई परिवारों को कर्ज के जाल में धकेला था। लेकिन अब, ₹10 लाख तक के कवर ने परिवारों को इस चिंता से मुक्त कर दिया है, जिससे वे अपना पूरा ध्यान मरीज की सेवा और उसकी मानसिक शांति पर लगा पा रहे हैं।

कैसे बनवाएं सेहत कार्ड?

पंजाब सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी निर्धारित केंद्रों, सरकारी अस्पतालों या सेवा केंद्रों पर जाकर अपना ‘सेहत कार्ड’ अवश्य बनवाएं। इसके लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे बुनियादी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। शासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पंजाब का हर नागरिक इस सुरक्षा कवच के भीतर हो।

बदलता पंजाब, सुधरता स्वास्थ्य ढांचा

मोगा की मुख्तियार कौर का मुस्कुराता चेहरा इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकार की नीयत साफ हो, तो नीतियां धरातल पर चमत्कार कर सकती हैं। पंजाब में ‘आम आदमी’ की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री सेहत योजना न केवल जान बचा रही है, बल्कि राज्य के नागरिकों को यह भरोसा भी दिला रही है कि संकट की घड़ी में उनकी सरकार उनके साथ खड़ी है।

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