दिल्ली से पुणे जा रही SpiceJet की फ्लाइट SG 105 में आखिरी वक्त पर तकनीकी खराबी का दावा, यात्रियों ने लगाए गंभीर आरोप; बच्चों और बुजुर्गों समेत कई यात्री गर्मी और घुटन से परेशान हुए, एयरलाइन ने असुविधा के लिए मांगी माफी
नई दिल्ली: दिल्ली से पुणे जाने वाली स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में 11 अगस्त 2026 को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विमान के अंदर यात्रियों को कथित तौर पर अत्यधिक गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ यात्रियों ने केबिन क्रू से विमान का दरवाजा खोलने और उन्हें बाहर निकालने की गुहार लगानी शुरू कर दी। यात्रियों के मुताबिक, विमान के अंदर तापमान बढ़ता जा रहा था और कई लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी थी। देखते ही देखते यात्रियों में बेचैनी बढ़ गई और विमान के भीतर हंगामा शुरू हो गया।
मामला दिल्ली से पुणे जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट SG 105 से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें यात्रियों को परेशान और आक्रोशित देखा जा सकता है। यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने विमान के अंदर की स्थिति को लेकर क्रू को लगातार जानकारी दी, लेकिन काफी देर तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। बाद में जब यात्रियों का विरोध बढ़ा तो विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया और उन्हें बाहर निकाला गया।
‘गेट खोलो… सांस लेने में दिक्कत हो रही है’
फ्लाइट में मौजूद यात्री लेशपाल जलाघे के अनुसार, विमान के अंदर स्थिति धीरे-धीरे बेहद असहज होती चली गई। उन्होंने बताया कि विमान में बच्चे, बुजुर्ग और अन्य उम्र के यात्री मौजूद थे। अचानक केबिन का तापमान बढ़ने लगा और लोगों को गर्मी महसूस होने लगी। कुछ यात्रियों को कथित तौर पर सांस लेने में भी परेशानी होने लगी।
लेशपाल के मुताबिक, देखते ही देखते यात्री पसीने से तर-बतर हो गए। कई लोग अपनी सीटों पर बेचैन नजर आए और कुछ ने खड़े होकर केबिन क्रू से विमान का दरवाजा खोलने की मांग की। स्थिति बिगड़ने के बाद यात्रियों के बीच घबराहट बढ़ गई।
यात्रियों का कहना था कि अगर विमान को इसी स्थिति में उड़ान के लिए रवाना कर दिया जाता तो समस्या और गंभीर हो सकती थी। यही वजह रही कि यात्रियों ने सामूहिक रूप से विरोध करना शुरू कर दिया।
तकनीकी खराबी के बीच उड़ान भरने को लेकर उठे सवाल
यात्रियों की ओर से लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह रही कि विमान में समस्या महसूस होने के बावजूद उसे उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा था। एक यात्री ने दावा किया कि यात्रियों की परेशानी के बावजूद कैप्टन और क्रू उड़ान प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है। एयरलाइन की ओर से बाद में बताया गया कि विमान में उड़ान से ठीक पहले तकनीकी खराबी सामने आई थी और यात्रियों को दूसरे विमान से पुणे भेजने की व्यवस्था की गई।
यात्रियों के अनुसार, जब उन्हें लगा कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है तो उन्होंने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों ने स्पाइसजेट के खिलाफ नारे भी लगाए। हालात बिगड़ने के बाद विमान को वापस रनवे से हटाकर यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और विमान के अंदर तापमान नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण सवालों को सामने ला दिया है। विमान में अलग-अलग उम्र के लोग मौजूद थे। ऐसे में लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी या बंद वातावरण में रहने से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती थी।
लेशपाल ने दावा किया कि कई यात्री गहरी सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे थे। हालांकि, सांस लेने में परेशानी का वास्तविक कारण और विमान में तकनीकी खराबी का स्वरूप संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
यात्रियों के लिए ऐसी स्थिति इसलिए भी डरावनी हो सकती है क्योंकि विमान के अंदर सामान्य परिस्थितियों में एयर-कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम लगातार काम करता है। यदि इनमें कोई तकनीकी समस्या आती है तो यात्रियों को तुरंत स्थिति की जानकारी देना और आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाना महत्वपूर्ण हो जाता है।
विमान में हंगामा, यात्रियों ने जताया आक्रोश
घटना के दौरान यात्रियों और एयरलाइन स्टाफ के बीच तनाव बढ़ने की बात भी सामने आई है। यात्रियों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी परेशानी बताई तो उन्हें शांत रहने के लिए कहा गया और कथित तौर पर पुलिस बुलाने की बात भी कही गई।
इसके बाद यात्रियों का गुस्सा और बढ़ गया। कई लोगों ने विमान से बाहर निकलने की मांग की। यात्रियों का कहना था कि जब विमान के अंदर ही उन्हें असहज महसूस हो रहा है तो उड़ान भरने का सवाल ही नहीं उठना चाहिए।
आखिरकार यात्रियों के विरोध और विमान की तकनीकी स्थिति को देखते हुए उड़ान को आगे नहीं बढ़ाया गया। यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया और बाद में उनके लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो
घटना के बाद विमान के अंदर बनाए गए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इन वीडियो में यात्रियों को परेशान और आक्रोशित देखा जा सकता है। कुछ लोग अपनी सीटों से उठकर क्रू से बातचीत करते नजर आते हैं, जबकि कुछ यात्री विमान का दरवाजा खोलने की मांग करते दिखाई देते हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर एयरलाइन की सेवाओं और यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर पूरी घटना का निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक जांच और एयरलाइन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।
SpiceJet ने मांगी माफी, दूसरे विमान से भेजे यात्री
घटना के बाद स्पाइसजेट ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी है। एयरलाइन के मुताबिक, 11 अगस्त 2026 को दिल्ली से पुणे जाने वाली फ्लाइट SG 105 में आखिरी समय पर तकनीकी खराबी सामने आई थी। इसके बाद यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई और उन्हें पुणे भेजा गया।
एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताया है। इससे यह स्पष्ट है कि विमान में तकनीकी समस्या के कारण मूल उड़ान को आगे बढ़ाने के बजाय वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई।
हालांकि, यात्रियों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों—जैसे विमान के अंदर अत्यधिक गर्मी, सांस लेने में परेशानी और शिकायतों पर क्रू के रवैये—को लेकर विस्तृत तथ्य संबंधित जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेंगे।
घटना ने फिर उठाया यात्रियों की सुरक्षा का सवाल
यह घटना सिर्फ एक फ्लाइट के देरी से रवाना होने का मामला नहीं है। इसने विमान में यात्रियों की सुरक्षा, तकनीकी खराबी सामने आने पर तत्काल प्रतिक्रिया और आपात स्थिति में एयरलाइन स्टाफ की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा विमानन क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। ऐसे में यदि उड़ान से पहले किसी तकनीकी समस्या का पता चलता है तो यात्रियों को स्पष्ट जानकारी देना, उनकी परेशानी को गंभीरता से लेना और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।
इस मामले में एयरलाइन ने दूसरे विमान की व्यवस्था कर यात्रियों को उनकी मंजिल तक भेजा, लेकिन यात्रियों के अनुभव ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तकनीकी खराबी वास्तव में क्या थी, विमान के अंदर तापमान बढ़ने की वजह क्या बनी और यात्रियों की शिकायतों पर शुरुआती स्तर पर क्या कार्रवाई की गई।
फिलहाल, यात्रियों के आरोप और एयरलाइन का पक्ष सामने आ चुका है। घटना की पूरी तस्वीर तकनीकी जांच और संबंधित विमानन अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
