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काशीपुर में चौकी परिसर में उपजा बवाल: चुनावी रंजिश ने ली हिंसक शक्‍ल, 33 नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

काशीपुर (उधमसिंह नगर): ग्राम पंचायत के पिछले चुनाव की पुरानी रंजिश ने मंगलवार दोपहर काशीपुर के कुंडेश्वरी चौकी में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। दो पक्षों के करीब 30–40 लोग अचानक चौकी परिसर में भिड़ गए, जिससे न केवल भारी अफरा-तफरी मच गई बल्कि पुलिस की कार्यवाही भी बाधित हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 33 लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह पूरा मामला ग्राम गुलजारपुर में हुए पूर्व प्रधान चुनाव से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें दो उम्मीदवारों — गगनदीप सिंह और बलविंदर सिंह उर्फ बिन्दा — के समर्थकों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था।


चौकी परिसर में अचानक हंगामा, पुलिस ने किया बल प्रयोग

कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी एसआई चन्दन सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना 25 नवंबर की दोपहर करीब 1:15 बजे की है। इससे कुछ देर पहले हरदीप सिंह नामक ग्रामीण चौकी में आए थे। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि जगदीप सिंह पन्नू उर्फ जेडी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है, जिसकी रिकॉर्डिंग वे पुलिस को सुना रहे थे।

इसी दौरान चौकी परिसर से तेज शोर-शराबा, गाली-गलौज और अफरा-तफरी की आवाजें आने लगीं। बाहर निकलकर देखा गया कि दोनों पक्षों के लगभग 30–40 लोग आपस में झगड़ते हुए चौकी के भीतर घुस आए थे। चौकी के अंदर भी हाथापाई, गाली-गलौज और धमकी का सिलसिला जारी रहा। स्थिति बिगड़ने पर एसआई बिष्ट ने मौजूद पुलिसकर्मियों — हे.कां. मोहम्मद शाहिद, जितेंद्र बिष्ट, कांस्टेबल जगदीश पपनै, किशोर फर्त्याल और दर्शन सिंह — की मदद से भीड़ को काबू में किया।

पुलिस के मुताबिक, यदि समय रहते हस्तक्षेप न किया जाता, तो गंभीर हिंसा या किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।


चुनावी रंजिश बनी संघर्ष की जड़

पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद की जड़ गुलजारपुर पंचायत चुनाव से जुड़ी है। चुनाव में गगनदीप सिंह और बलविंदर सिंह उर्फ बिन्दा आमने-सामने थे। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच महीनों से तनाव था, जो अब चौकी परिसर में खुले टकराव के रूप में सामने आ गया।

दोनों ही पक्षों ने चुनाव के दौरान और उसके बाद कई बार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए थे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गुटों के बीच तनातनी अब खुली दुश्मनी का रूप ले चुकी है।


33 नामजद और कई अज्ञात आरोपी, इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

एसआई बिष्ट की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 33 व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 191(2), 221, 351(2) और 352 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

इन धाराओं में बलवा करना, गाली-गलौज, धमकी देना, राजकार्य में बाधा डालना और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

पहला पक्ष (19 आरोपी) — बलविंदर सिंह उर्फ बिन्दा समर्थक

  1. बलविंदर सिंह उर्फ बिन्दा
  2. गुरसेवक सिंह
  3. हरविंदर सिंह
  4. अनमोल सिंह
  5. सतनाम पुरेवाल उर्फ सत्ता
  6. रेशम सिंह
  7. गुरजंट सिंह
  8. जसकरन सिंह
  9. नवजोत सिंह
  10. विक्रमजीत सिंह
  11. गुरचरण सिंह उर्फ गुग्गू
  12. हरदीप सिंह
  13. विरेन्द्रजीत सिंह
  14. जसकरन सिंह
  15. प्रभजोत सिंह
  16. बॉबी संधू
  17. मोनू संधू
  18. गुरमुख सिंह
  19. जसजीत सिंह

दूसरा पक्ष (14 आरोपी) — गगनदीप सिंह समर्थक

  1. गगनदीप सिंह
  2. जगदीप सिंह उर्फ जेडी
  3. गुरजीत सिंह
  4. जसवीर सिंह
  5. लवप्रीत सिंह
  6. जगमोहन सिंह
  7. परमजीत सिंह उर्फ पम्मा
  8. जगदीप सिंह पुरेवाल
  9. गुरप्रीत सिंह उर्फ सोनू
  10. मनजीत सिंह
  11. पलविंदर सिंह उर्फ पिन्दा
  12. करन छीना
  13. मलूक सिंह
  14. सिमरनजीत सिंह

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के साथ कई अज्ञात लोग भी शामिल थे, जिनकी पहचान की जा रही है।


पुलिस ने कहा—राजकार्य में गंभीर बाधा, सख्त कार्रवाई जरूरी

एसआई चन्दन बिष्ट ने रिपोर्ट में कहा कि चौकी परिसर में उत्पन्न स्थिति ने पुलिस के राजकीय कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न की। भीड़ के आक्रामक रुख को देखते हुए पुलिस टीम को बल प्रयोग कर उन्हें बाहर निकालना पड़ा।

उन्होंने बताया कि घटना के दौरान चौकी परिसर में भारी अव्यवस्था फैल गई थी और किसी बड़ी घटना की आशंका भी बन गई थी। इसमें पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी जोखिम में पड़ सकती थी।


जांच एसआई संजय सिंह को सौंपी गई

कुंडेश्वरी चौकी की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे की जांच एसआई संजय सिंह को सौंपी गई है। वे दोनों पक्षों के बयान, घटना के वीडियो, ऑडियो और उपलब्ध प्रमाणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


स्थानीय स्तर पर तनाव बरकरार

गुलजारपुर और आसपास के गांवों में इस घटना को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों गुटों के बीच पुरानी दुश्मनी चुनाव परिणाम के बाद से ही लगातार बढ़ती जा रही थी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि पुलिस ने भी क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है।

कुंडेश्वरी चौकी में हुआ यह बवाल पंचायत चुनावी रंजिश के खतरनाक रूप का ताजा उदाहरण है। चौकी के भीतर मारपीट और बलवा जैसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि पुलिस के राजकीय कार्य में भी सीधा हस्तक्षेप मानी जाती हैं। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और एफआईआर दर्ज होने से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन गांव में तनाव अब भी बना हुआ है।

जांच रिपोर्ट के बाद मामले में आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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