By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बदलेंगी 75 साल पुरानी परंपरा, ‘पार्ट-B’ में टैक्स से इतर दिखेगा ‘विकसित भारत’ का नया रोडमैप
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बदलेंगी 75 साल पुरानी परंपरा, ‘पार्ट-B’ में टैक्स से इतर दिखेगा ‘विकसित भारत’ का नया रोडमैप
देशफीचर्ड

बजट 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बदलेंगी 75 साल पुरानी परंपरा, ‘पार्ट-B’ में टैक्स से इतर दिखेगा ‘विकसित भारत’ का नया रोडमैप

The Hill India News
Last updated: February 1, 2026 4:12 am
The Hill India News
Published: February 1, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली। देश का ध्यान 1 फरवरी को संसद में पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 पर टिका है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार न केवल अपना लगातार नौवां बजट पेश करके एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी, बल्कि दशकों से चली आ रही बजट भाषण की एक महत्वपूर्ण परंपरा को भी तोड़ने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट भाषण केवल टैक्स स्लैब में बदलाव या लोक-लुभावन घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का एक विस्तृत और रणनीतिक विज़न दिखाई देगा।

Contents
बजट परंपरा में बड़ा बदलाव: पार्ट-B का नया अवतारअल्पकालिक प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक लक्ष्यों का तालमेलराजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): 4 प्रतिशत की ओर कदमपूंजीगत व्यय (Capex) में 15% की भारी बढ़ोतरी संभवपरंपराएं तोड़ने में माहिर रही हैं वित्त मंत्रीसामाजिक सुरक्षा और ‘G RAM G’ पर फोकस

बजट परंपरा में बड़ा बदलाव: पार्ट-B का नया अवतार

स्वतंत्र भारत के इतिहास में पिछले 75 वर्षों से यह परिपाटी रही है कि बजट भाषण का ‘पार्ट-A’ सरकारी योजनाओं, मंत्रालयों के आवंटन और व्यापक आर्थिक नीतियों पर केंद्रित होता है, जबकि ‘पार्ट-B’ को मुख्य रूप से टैक्स घोषणाओं और पॉलिसी संशोधनों के लिए आरक्षित रखा जाता है।

लेकिन इस बार निर्मला सीतारमण बजट भाषण की इस लीक से हटकर कुछ नया कर सकती हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री इस बार पार्ट-B का उपयोग भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक ‘डिटेल्ड विज़न’ पेश करने के लिए करेंगी। इसमें देश की स्थानीय क्षमताओं को वैश्विक आकांक्षाओं के साथ जोड़ने का एक नया खाका होगा, जो केवल लघु अवधि की प्राथमिकताओं तक सीमित नहीं रहेगा।

अल्पकालिक प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक लक्ष्यों का तालमेल

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 केवल एक वार्षिक वित्तीय विवरण न होकर 21वीं सदी के दूसरे क्वार्टर के लिए एक व्यापक रोडमैप होगा। इसमें सरकार दोहरे मोर्चे पर काम करती नजर आएगी:

  1. अल्पकालिक प्राथमिकताएं: महंगाई नियंत्रण, उपभोग (Consumption) को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना।

  2. दीर्घकालिक लक्ष्य: ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना।

राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): 4 प्रतिशत की ओर कदम

बाजार और निवेशकों की नजरें इस बार राजकोषीय घाटे के आंकड़ों पर सबसे अधिक होंगी। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। सरकार ने पहले ही 4.5 प्रतिशत से नीचे का लक्ष्य हासिल कर अपनी वित्तीय अनुशासन की प्रतिबद्धता दिखाई है।

अब चर्चा यह है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार 4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का साहसिक लक्ष्य घोषित कर सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह वैश्विक रेटिंग एजेंसियों और विदेशी निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा, जिससे भारत का कर्ज-जीडीपी अनुपात और अधिक संतुलित हो जाएगा।

पूंजीगत व्यय (Capex) में 15% की भारी बढ़ोतरी संभव

बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास वर्तमान सरकार की आर्थिक रणनीति का केंद्र रहा है। चालू वित्त वर्ष में नियोजित पूंजीगत व्यय 11.2 लाख करोड़ रुपये है। निजी निवेश में अभी भी जारी सावधानी को देखते हुए, सरकार बुनियादी ढांचे पर खर्च को कम करने के मूड में नहीं है।

  • अनुमानित वृद्धि: 10 से 15 प्रतिशत।

  • कुल आवंटन: यह राशि 12 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकती है।

  • प्रभाव: सड़क, रेलवे, और पोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

परंपराएं तोड़ने में माहिर रही हैं वित्त मंत्री

यह पहली बार नहीं है जब निर्मला सीतारमण किसी स्थापित परंपरा को बदल रही हैं। इससे पहले भी उन्होंने बजट के पारंपरिक स्वरूप को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • बही-खाता: 2019 में उन्होंने ब्रिटिशकालीन लेदर ब्रीफकेस को त्यागकर लाल कपड़े में लिपटा ‘बही-खाता’ अपनाया।

  • पेपरलेस बजट: पिछले चार वर्षों से बजट दस्तावेजों की छपाई बंद कर इसे पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, जो ‘डिजिटल इंडिया’ का प्रतीक है।

सामाजिक सुरक्षा और ‘G RAM G’ पर फोकस

आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा (Social Security) भी इस बजट का एक प्रमुख स्तंभ होने की उम्मीद है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट आवंटन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेष रूप से ‘G RAM G’ जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का विज़न इस बजट की विशेषता हो सकता है।

बजट 2026 ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई अनिश्चितताओं से गुजर रही है। ऐसे में भारत का यह बजट रूटीन टैक्स बदलावों से ऊपर उठकर एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र की नींव रखने वाला दस्तावेज साबित हो सकता है। 1 फरवरी को होने वाला यह भाषण तय करेगा कि भारत 21वीं सदी की वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अपनी भूमिका को किस तरह परिभाषित करता है।

You Might Also Like

उत्तराखंड में UCC के सफल क्रियान्वयन का एक साल: 5 लाख के करीब पहुँचे पंजीकरण, विवाह और लिव-इन रजिस्ट्रेशन में दिखा जबरदस्त उत्साह
Uttarakhand: सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देगा उत्तराखंड — मुख्यमंत्री धामी ने गुप्तकाशी से की सीमांत क्षेत्र विकास परिषद के गठन की घोषणा
कांग्रेस पार्टी में शामिल होते ही पहलवान बजरंग पुनिया को मिली बड़ी जिम्मेदारी, राष्ट्रीय स्तर पर मिला ये पद
CBSE 10वीं का रिजल्ट 2026 जल्द होगा जारी, DigiLocker पर ऐसे करें सबसे पहले चेक
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए दिया बड़ा बयान, कह डाली इतनी बड़ी बात
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तर प्रदेशफीचर्डराजनीति

सुबह 5 बजे पहुंचा प्रशासन, दो घंटे में जमींदोज हुआ सपा कार्यालय, सीतापुर में बुलडोजर कार्रवाई से मचा राजनीतिक भूचाल

The Hill India News
The Hill India News
June 22, 2026
राम मंदिर में कथित अनियमितताओं का खुलासा: बिना रसीद चंदा, जेवरों का हिसाब गायब, शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
उद्धव सेना में बढ़ी बेचैनी: 20 में से 14 विधायक भी शिंदे के संपर्क में! इमरजेंसी बैठक से सियासी हलचल तेज
देवभूमि महासभा का संकल्प: दुल्हनिया नदी किनारे होगा वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल
मसूरी मॉल रोड पर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ के दौरान हाई-वोल्टेज ड्रामा: पालिका टीम से अभद्रता और गाली-गलौज; भड़के कर्मचारियों ने घेरी कोतवाली, कार्य बहिष्कार की चेतावनी
पश्चिम बंगाल: शुभेंदु सरकार आज पेश करेगी ‘डबल इंजन’ राज का पहला पूर्ण बजट; स्वप्न दासगुप्ता के पिटारे से निकलेगा विकास का नया रोडमैप?
प्रयागराज में नाबालिग से हैवानियत करने वाला मुशर्रफ पुलिस मुठभेड़ में घायल, ट्रिपल मर्डर का आरोपी हिमांशु भी दबोचा
Weather Updates: फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, 23 जून को बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश; यूपी-विदर्भ में लू का टॉर्चर ज़ारी
उत्तराखंड: अल्मोड़ा में सीएम धामी के काफिले के आगे कूदे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, दिखाए काले झंडे; दन्या बाजार में भारी हंगामा
UKSSSC वाहन चालक भर्ती विवाद: मेरिट लिस्ट में ‘अजीबो-गरीब’ नामों और जेंडर पर घमासान, आयोग ने कहा- ‘अभिलेख सत्यापन में सीधे होंगे बाहर’
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?