By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: हर संकट में राष्ट्र को एकजुट रखने का श्रेय संविधान को: CJI बीआर गवई
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तर प्रदेश > हर संकट में राष्ट्र को एकजुट रखने का श्रेय संविधान को: CJI बीआर गवई
उत्तर प्रदेशफीचर्ड

हर संकट में राष्ट्र को एकजुट रखने का श्रेय संविधान को: CJI बीआर गवई

The Hill India News
Last updated: June 1, 2025 3:22 pm
The Hill India News
Published: June 1, 2025
Share
SHARE

प्रयागराज। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा है कि हर संकट की घड़ी में भारत का एकजुट रहना भारतीय संविधान की शक्ति को दर्शाता है। वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के एडवोकेट्स चैंबर ब्लॉक और मल्टीलेवल पार्किंग के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। यह सीजेआई बनने के बाद उनका पहला आधिकारिक सार्वजनिक कार्यक्रम था।

Contents
संविधान की संघीय और एकात्मक संरचना पर विचारकेशवानंद भारती केस का उल्लेखपड़ोसी देशों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणीसामाजिक और आर्थिक न्याय पर जोरअधिवक्ता चैंबर और न्यायिक बुनियादी ढांचे की प्रशंसाजजों की टिप्पणियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वक्तव्य

संविधान की संघीय और एकात्मक संरचना पर विचार

सीजेआई ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस ऐतिहासिक उद्धरण का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत का संविधान न तो पूर्णतः संघीय है और न ही पूरी तरह एकात्मक, बल्कि यह युद्ध और शांति दोनों स्थितियों में भारत को एकजुट रखने वाला संविधान है। उन्होंने कहा कि इसी लचीलापन और संतुलन के कारण भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में लोकतंत्र की जड़ें गहराई तक जा सकी हैं।

केशवानंद भारती केस का उल्लेख

सीजेआई गवई ने 1973 के ‘केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य’ फैसले का भी उल्लेख किया, जिसे भारतीय संविधान का मील का पत्थर बताया जाता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने संविधान की मूल संरचना सिद्धांत (Basic Structure Doctrine) को जन्म दिया, जिसने मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक सिद्धांतों के बीच संतुलन स्थापित किया।

उन्होंने कहा,

“मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्व संविधान के दो पहिए हैं। एक के बिना दूसरा प्रभावी नहीं हो सकता और पूरा रथ रुक जाएगा।”

पड़ोसी देशों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी

सीजेआई ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि जब भारत के आस-पास कई देश अस्थिरता से जूझ रहे हैं, भारत 75 वर्षों बाद भी स्थिरता और विकास के पथ पर अग्रसर है, और इसका श्रेय संविधान को जाता है।

सामाजिक और आर्थिक न्याय पर जोर

सीजेआई ने डॉ. अंबेडकर के उस भाषण की भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” की बात की थी, लेकिन साथ ही यह भी चेताया था कि सामाजिक और आर्थिक असमानता के रहते लोकतंत्र अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका ने समय-समय पर इस असमानता को दूर करने के प्रयास किए हैं — चाहे वो भूमि सुधार हों या श्रमिक अधिकार।

अधिवक्ता चैंबर और न्यायिक बुनियादी ढांचे की प्रशंसा

उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की जमकर सराहना की और कहा कि ऐसा बुनियादी ढांचा उन्होंने दुनिया में कहीं नहीं देखा। क्रेच, शौचालय और वकीलों की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए बनाए गए चैंबर ब्लॉक को उन्होंने ‘जन-सुलभ न्याय प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम’ बताया।

जजों की टिप्पणियां

  • जस्टिस विक्रम नाथ (सुप्रीम कोर्ट) ने इलाहाबाद बार को “बेहतरीन” बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट समझ नहीं पाता कि यहां कैसे काम होता है — “यहां जैसा चलता था, वैसा ही चलता रहेगा।”

  • जस्टिस सूर्यकांत, जो अगला सीजेआई बनने की कतार में हैं, ने कहा कि वकीलों के पास मुवक्किलों से गोपनीय बातचीत के लिए निजी स्थान होना अनिवार्य है और यह नया परिसर उसी सोच की पूर्ति करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वक्तव्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर को न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सुशासन की पहली शर्त है “कानून का शासन” और सरकार हाईकोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि हाईकोर्ट की सक्रिय भूमिका के बिना महाकुंभ जैसे आयोजनों का सफल संचालन संभव नहीं होता।

You Might Also Like

Uttarakhand: उत्तराखंड स्थापना दिवस के मौके पर, CM धामी ने दी आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि
अलविदा मिग-21: भारतीय आसमान के ‘AK-47’ को मिली अंतिम सलामी, कई वर्षो की सेवा के बाद रिटायर
भारत-पाक तनाव पर अमेरिका की नजर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले – “न बने परमाणु युद्ध, हम बीच में नहीं पड़ेंगे
ऑनलाइन सट्टेबाजी पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, केंद्र सरकार से मांगा जवाब
एअर इंडिया पर DGCA का सख्त एक्शन: तीन अधिकारियों को हटाने का आदेश, 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
TAGGED:CJI BR GavaiConstitutionthe nation united in every crisis
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?