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बीटिंग रिट्रीट 2026: विजय चौक पर आज गूंजेंगी भारतीय धुनें, सैन्य शौर्य और सांस्कृतिक विरासत के संगम के साथ गणतंत्र दिवस का भव्य समापन

The Hill India News
Last updated: January 29, 2026 3:24 am
The Hill India News
Published: January 29, 2026
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New Delhi: Tri-services bands perform during a rehearsal for the Beating Retreat ceremony at Vijay Chowk, in New Delhi, Monday, Jan 28, 2019. (PTI Photo) (PTI1_28_2019_000176B)
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नई दिल्ली। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस उत्सव का आज औपचारिक समापन होने जा रहा है। सैन्य परंपरा, अनुशासन और भारतीय संगीत के सम्मोहक मेल वाला ऐतिहासिक ‘बीटिंग रिट्रीट’ (Beating Retreat) समारोह आज 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाएगा। इस गौरवशाली अवसर पर देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक वैभव की झलक एक साथ देखने को मिलेगी, जिस पर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।

Contents
राष्ट्रपति की मौजूदगी में सजेगी सुरों की महफिलक्या है बीटिंग रिट्रीट? सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का आधुनिक स्वरूपविजय चौक पर सांस्कृतिक पहल: भारतीय वाद्य यंत्रों को सम्मानसंगीत की लहरियां: ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ से ‘सारे जहां से अच्छा’ तकदिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी: इन रास्तों पर जाने से बचेंराष्ट्रीय गौरव का प्रतिबिंब

राष्ट्रपति की मौजूदगी में सजेगी सुरों की महफिल

समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू के आगमन के साथ होगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात ‘प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड’ (PBG) के घुड़सवार दस्ते के साथ उनका काफिला रायसीना हिल्स से विजय चौक तक पहुंचेगा। इस गरिमामयी अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) के प्रमुख सहित कई विदेशी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

क्या है बीटिंग रिट्रीट? सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का आधुनिक स्वरूप

‘बीटिंग रिट्रीट’ की जड़ें सदियों पुरानी सैन्य परंपरा में निहित हैं। प्राचीन काल में युद्ध के दौरान जब सूरज ढल जाता था, तब बिगुल बजाकर सैनिकों को लड़ाई रोकने और अपने शिविरों (कैंप) में लौटने का संकेत दिया जाता था। इस दौरान सैनिक अपने झंडे उतारते थे और युद्ध विराम की घोषणा होती थी।

भारत में इस परंपरा को गणतंत्र दिवस के समापन के रूप में एक उत्सव का रूप दिया गया है। आज यह समारोह केवल पीछे हटने का संकेत नहीं, बल्कि भारतीय सेना के गौरव, राष्ट्रीय गौरव और देश के संगीत की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन बन चुका है।

विजय चौक पर सांस्कृतिक पहल: भारतीय वाद्य यंत्रों को सम्मान

इस वर्ष का बीटिंग रिट्रीट समारोह अपनी एक अनूठी पहल के कारण बेहद खास है। केंद्र सरकार की ‘विरासत और विकास’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए विजय चौक पर बनाए गए सीटिंग एनक्लोजर (बैठने के स्थान) को भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम दिए गए हैं। दर्शकों के बैठने के क्षेत्रों का नाम बांसुरी, डमरू, एकतारा, तबला, वीणा, सितार, शहनाई, संतूर, सरोद, पखावज, नगाड़ा और मृदंगम रखा गया है। यह पहल वैश्विक मंच पर भारत की संगीत परंपरा को नई पहचान देने का एक प्रयास है।

संगीत की लहरियां: ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ से ‘सारे जहां से अच्छा’ तक

समारोह में थल सेना, वायु सेना, नौसेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के बैंड अपनी धुनों से मंत्रमुग्ध करेंगे।

  1. आर्मी बैंड: कार्यक्रम का आगाज जोश से भरे गीत ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ के साथ होगा। इसके बाद ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘नृत्य सरिता’ और ‘झेलम’ जैसी सुरीली प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

  2. वायु सेना और नौसेना: एयरफोर्स बैंड ‘ब्रेव वॉरियर’ और ‘फ्लाइंग स्टार’ जैसी धुनों पर मार्च करेगा, वहीं नेवी बैंड ‘सागर पवन’ और ‘जय भारती’ के माध्यम से समंदर की लहरों का साहस विजय चौक पर बिखेरेगा।

  3. मास बैंड का जादू: कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी बैंड एक साथ (Massed Bands) आकर ‘भारत की शान’ और ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएंगे।

  4. अमर धुन: समारोह का समापन हमेशा की तरह हृदयस्पर्शी धुन ‘सारे जहां से अच्छा’ के साथ होगा, जिसके साथ ही रायसीना हिल्स की इमारतें तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठेंगी और राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारा जाएगा।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी: इन रास्तों पर जाने से बचें

बीटिंग रिट्रीट समारोह की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। आज दोपहर 2:00 बजे से रात 9:30 बजे तक लुटियंस दिल्ली के कई हिस्सों में यातायात प्रतिबंधित रहेगा।

पूरी तरह बंद रहने वाले मार्ग:

  • विजय चौक: आम जनता और वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।

  • रफी मार्ग: सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर से कृषि भवन गोलचक्कर के बीच आवाजाही बंद रहेगी।

  • रायसीना रोड: कृषि भवन से विजय चौक तक का रास्ता प्रतिबंधित रहेगा।

  • कर्तव्य पथ: विजय चौक से C-हेक्सागन तक का क्षेत्र नो-ट्रैफिक जोन रहेगा।

  • अन्य प्रभावित मार्ग: दारा शिकोह रोड, कृष्णा मेनन मार्ग और सुनहरी मस्जिद के आसपास डाइवर्टेड रूट्स का पालन करना होगा।

ट्रैफिक पुलिस ने सलाह दी है कि जो लोग इस दौरान नई दिल्ली से गुजरना चाहते हैं, वे वैकल्पिक मार्गों जैसे रिंग रोड, लोधी रोड और सफदरजंग रोड का उपयोग करें। साथ ही मेट्रो सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।

राष्ट्रीय गौरव का प्रतिबिंब

बीटिंग रिट्रीट केवल एक संगीत समारोह नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र भारत के संकल्प और इसकी अखंडता का प्रतीक है। जब ढलते सूरज के साथ रायसीना हिल्स पर संगीत की स्वर लहरियां गूंजती हैं, तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि हमारी सेनाएं न केवल सरहदों की रक्षा करती हैं, बल्कि हमारी परंपराओं को भी जीवित रखती हैं।

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