रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के बीच रुद्रपुर में सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ अवैध मादक पदार्थों की सूचना पर दबिश देने पहुंची एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पुलिस टीम पर तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। ईंट-पत्थरों से किए गए इस हमले में एक हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया है। हालांकि, भारी विरोध के बावजूद पुलिस ने साहस का परिचय देते हुए एक महिला तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पास से भारी मात्रा में स्मैक बरामद हुई है।
चेकिंग के दौरान भड़की हिंसा: गली में पुलिस को देखते ही पथराव
घटना 1 फरवरी 2026 की है, जब एएनटीएफ प्रभारी निरीक्षक राजेश पाण्डेय के नेतृत्व में टीम रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष कॉलोनी में संदिग्धों की तलाश में निकली थी। पुलिस टीम जैसे ही एक संकरी गली में दाखिल हुई, वहां संदिग्ध गतिविधि नजर आई। पुलिस को देखते ही नशा तस्करों के गिरोह में हड़कंप मच गया और वे भागने लगे।
भगदड़ मचाने वालों में मुख्य आरोपी नाजिम उर्फ नदीम भी शामिल था, जो पहले भी पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस ने जैसे ही नाजिम को दबोचने की कोशिश की, उसने एक काली पन्नी फेंकी और शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते इलाके की कुछ महिलाओं और तस्करों के गुर्गों ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया और उन पर ईंट-पत्थरों की बरसात कर दी।
हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल, महिला तस्कर दबोची गई
अचानक हुए इस पथराव में पुलिस टीम को संभलने का मौका कम मिला। इस हमले में हेड कांस्टेबल भुवन पाण्डेय के सिर पर पत्थर लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। तस्करों के इस हिंसक विरोध के बीच पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से हसीना (उम्र 28 वर्ष) पत्नी इलियास को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी लेने पर हसीना के पास से 63.38 ग्राम स्मैक बरामद हुई। ड्रग डिटेक्शन किट से जांच करने पर पदार्थ की पुष्टि स्मैक के रूप में हुई है। पकड़ी गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
पूछताछ में बड़े नेटवर्क का खुलासा: फरार आरोपियों की तलाश
गिरफ्तार महिला हसीना ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि तस्करी का यह पूरा खेल उसका देवर नाजिम संचालित करता है। नाजिम ही बाहर से स्मैक की खेप लेकर आता था और फिर मोहल्ले के अन्य लोगों की मदद से उसे फुटकर में बेचा जाता था। जब पुलिस दबिश देने पहुंची, तो योजनाबद्ध तरीके से महिलाओं को आगे कर पथराव कराया गया ताकि तस्कर माल सहित फरार हो सकें।
वर्तमान में इस मामले में नाजिम उर्फ नदीम, शाहरुख, इरशाद उर्फ दाऊद, सूरज और अनमोल समेत कई अन्य अज्ञात महिला-पुरुष फरार हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं और NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस का सख्त रुख
रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 121, 132, 190, 191(2), 191(3) और 3(5) BNS के साथ ही 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात लोक सेवकों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हमले में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा सके।
रुद्रपुर में नशा तस्करी की बढ़ती जड़ें: एक चुनौती
यह घटना दर्शाती है कि रुद्रपुर के कुछ इलाकों में नशा तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। पुलिस टीम पर हमला कर अपराधियों ने सीधे तौर पर कानून को चुनौती दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्मैक के इस अवैध कारोबार ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। एएनटीएफ की इस कार्रवाई को नशे के सौदागरों पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है, लेकिन फरार तस्करों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अब साख का सवाल बन गई है।
पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी ऊधम सिंह नगर ने घायल कांस्टेबल के स्वास्थ्य का हाल जाना और टीम को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध धंधे को जड़ से खत्म किया जाए।



