
रुद्रप्रयाग | न्यूज़ डेस्क: उत्तराखंड की राजनीति में अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari Murder Case) एक बार फिर उबाल पर है। न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश व्यापी मोर्चा खोल दिया है। रुद्रप्रयाग में ‘न्याय बचाओ यात्रा’ के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल (Ganesh Godiyal) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार दोषियों को सजा देने के बजाय उस ‘वीआईपी’ (VIP) को संरक्षण दे रही है, जिसका नाम इस पूरे प्रकरण के केंद्र में है।
‘पर्दे के पीछे छिपे VIP का नाम सार्वजनिक करे सरकार’
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जनता यह जानना चाहती है कि वह प्रभावशाली व्यक्ति कौन है, जिसे बचाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “जब तक इस मामले की सीबीआई जांच (CBI Inquiry) नहीं होती और उस कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस की यह लड़ाई जारी रहेगी। यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी के सम्मान का प्रश्न है।”
सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के ऑडियो ने बढ़ाई तल्खी
हाल ही में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो (Viral Audio) सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले ने नई दिशा पकड़ ली है। इस ऑडियो में अंकिता हत्याकांड से जुड़े कुछ बड़े नामों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है।
गोदियाल ने इस ऑडियो का हवाला देते हुए कहा कि अब तो भाजपा के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। भाजपा के पदाधिकारी खुद अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और सीबीआई जांच की मांग करते हुए इस्तीफे दे रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।
प्रमुख आरोप: कांग्रेस बनाम भाजपा
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महिलाओं की सुरक्षा: गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में उत्तराखंड में ‘गुंडाराज’ कायम हो गया है और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
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पुतला दहन की राजनीति: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्ष का पुतला फूंक रही है, जो हास्यास्पद है।
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चुनावी कनेक्शन पर सफाई: गोदियाल ने स्पष्ट किया कि अंकिता को न्याय दिलाना कोई चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि मानवीय संवेदना का विषय है। कांग्रेस पहले दिन से ही सड़कों पर है।
देवभूमि में बढ़ता आक्रोश और प्रशासनिक चुनौती
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पूरे उत्तराखंड में जबरदस्त जन-आक्रोश है। रुद्रप्रयाग से लेकर देहरादून तक लोग सड़कों पर उतरकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही इस मामले में पारदर्शिता नहीं लाती है, तो आगामी दिनों में यह मुद्दा और भी विकराल रूप ले सकता है।
न्याय की आस में उत्तराखंड की जनता
अंकिता भंडारी के माता-पिता लंबे समय से अपनी बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि भाजपा को पुतला दहन की ओछी राजनीति छोड़कर पहले अंकिता के हत्यारों और उन्हें शह देने वाले रसूखदारों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस ‘अन्याय’ का खामियाजा भाजपा को आने वाले समय में जरूर भुगताएगी।
उत्तराखंड की शांत वादियों में अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज अभी शांत नहीं हुई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को ‘न्याय बचाओ यात्रा’ के जरिए धार दे दी है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार जन-दबाव और विपक्ष के हमलों के बीच सीबीआई जांच की सिफारिश करती है या यह मामला फाइलों और आरोपों के बीच ही उलझा रहेगा।



