By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड में वैज्ञानिक संस्थानों को एकजुट करने की पहल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले – “राज्यहित में बनेगा विज्ञान समन्वय प्लेटफॉर्म”
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में वैज्ञानिक संस्थानों को एकजुट करने की पहल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले – “राज्यहित में बनेगा विज्ञान समन्वय प्लेटफॉर्म”
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड में वैज्ञानिक संस्थानों को एकजुट करने की पहल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन बोले – “राज्यहित में बनेगा विज्ञान समन्वय प्लेटफॉर्म”

The Hill India News
Last updated: October 9, 2025 1:36 pm
The Hill India News
Published: October 9, 2025
Share
SHARE

देहरादून, 9 अक्टूबर 2025 (सू. ब्यूरो): उत्तराखंड में अब विज्ञान और तकनीकी संस्थानों की सामूहिक शक्ति को राज्यहित में संगठित करने की दिशा में एक नई पहल शुरू हो रही है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा है कि राज्य में स्थित राष्ट्रीय महत्व के वैज्ञानिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सतत सहयोग के लिए एक सुव्यवस्थित और सुसंगठित प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा।

Contents
“विज्ञान और टेक्नोलॉजी बदलाव की धुरी हैं”हिमालयी राज्य के लिए विज्ञान का विशेष महत्वसमन्वय के लिए बनेगा “साइंस कोलैबोरेशन प्लेटफॉर्म”“विज्ञान फेस्टिवल से जागेगा नवाचार का उत्साह”राज्य के वैज्ञानिकों का भी मिला सहयोगविज्ञान से समाज की साझेदारी

मुख्य सचिव बुधवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में छठे देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल (DISTF 2025) के पोस्टर और ब्रोशर का विमोचन कर रहे थे। यह उत्सव आगामी 12 से 14 नवंबर 2025 तक विज्ञान धाम, देहरादून में आयोजित होगा।


“विज्ञान और टेक्नोलॉजी बदलाव की धुरी हैं”

मुख्य सचिव बर्द्धन ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी आज के समाज में बदलाव की सबसे बड़ी धुरी हैं। उन्होंने कहा —

“विज्ञान और टेक्नोलॉजी में हो रही प्रगति से दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है। ऐसे में समाज के हर वर्ग, खासकर युवाओं को इस परिवर्तन का हिस्सा बनाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस तरह के आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देते हैं और उन्हें नवाचार की दिशा में प्रेरित करते हैं।”

उन्होंने कहा कि तकनीक की जननी मौलिक विज्ञान (Fundamental Science) है और इसलिए अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश को बढ़ावा देना आज की आवश्यकता है।


हिमालयी राज्य के लिए विज्ञान का विशेष महत्व

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य होने के कारण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का इससे सीधा संबंध है। राज्य की भौगोलिक, पारिस्थितिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी समाधान अनिवार्य हैं।

उन्होंने कहा —

“देहरादून और उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर के कई वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं — जैसे वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI), वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (WII), IIT रुड़की, और पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी। इन सभी संस्थानों के संसाधनों और विशेषज्ञता का उपयोग राज्य के विकास में और प्रभावी ढंग से किया जाएगा।”


समन्वय के लिए बनेगा “साइंस कोलैबोरेशन प्लेटफॉर्म”

मुख्य सचिव ने कहा कि इन संस्थानों के बीच नियमित संवाद और ज्ञान-साझेदारी सुनिश्चित करने के लिए एक “साइंस कोलैबोरेशन प्लेटफॉर्म” बनाया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य सरकार, वैज्ञानिक संस्थान, विश्वविद्यालय, और अनुसंधान केंद्र एक साझा ढांचे में कार्य कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर राज्यस्तरीय परियोजनाएं तैयार की जाएंगी।

मुख्य सचिव ने यूकॉस्ट (UCOST) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को इस दिशा में ठोस और कारगर पहल करने के निर्देश भी दिए।


“विज्ञान फेस्टिवल से जागेगा नवाचार का उत्साह”

देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल (DISTF-2025) के आयोजन के बारे में बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि यह केवल एक प्रदर्शनी या सम्मेलन नहीं, बल्कि एक “विज्ञान आंदोलन” है जो समाज को नई सोच से जोड़ने का प्रयास करेगा।

तीन दिवसीय इस फेस्टिवल में देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, छात्र और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। फेस्टिवल का उद्देश्य वैज्ञानिक नवाचारों को जन-जन तक पहुँचाना, लोकल स्टार्टअप्स को प्लेटफॉर्म देना और विज्ञान को समाज के विकास से जोड़ना है।

फेस्टिवल के दौरान रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट इनोवेशन, हिमालयन इकोसिस्टम, और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे।


राज्य के वैज्ञानिकों का भी मिला सहयोग

कार्यक्रम में उपस्थित सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, वैज्ञानिक चंद्रेश यादव, डीपी उनियाल (संयुक्त निदेशक, यूकॉस्ट), हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी, और पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम शर्मा ने भी अपने विचार रखे।

डॉ. जोशी ने कहा कि हिमालय के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता को बनाए रखने में स्थानीय विज्ञान की भूमिका अहम है। वहीं प्रो. राम शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अब पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर अनुसंधान आधारित शिक्षा प्रणाली की ओर बढ़ना होगा।

सचिव डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून साइंस फेस्टिवल को एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड इवेंट के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है, ताकि यह “उत्तराखंड की वैज्ञानिक पहचान” बन सके।


विज्ञान से समाज की साझेदारी

मुख्य सचिव बर्द्धन ने अपने वक्तव्य के अंत में कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा —

“हमें ऐसा माहौल बनाना होगा जहां विज्ञान केवल वैज्ञानिकों की भाषा न रहे, बल्कि किसानों, उद्यमियों, छात्रों और आम नागरिकों के जीवन का हिस्सा बने। यह तभी संभव है जब वैज्ञानिक संस्थान और सरकार एक साझा मिशन पर काम करें।”

कार्यक्रम का संचालन कुंवर राज आस्थाना ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट टीम की ओर से प्रस्तुत किया गया।

छठा देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की वैज्ञानिक दृष्टि को नई दिशा देने की शुरुआत है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की यह पहल राज्य के उन तमाम संस्थानों को एक सूत्र में जोड़ सकती है जो अब तक स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे थे।

यह आयोजन आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को न केवल विज्ञान-प्रेरित शासन मॉडल की दिशा में ले जा सकता है, बल्कि देश के अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।

You Might Also Like

उत्तराखण्ड: भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में राज्यस्तरीय ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यशाला का आयोजन
Uttarakhand Big Breaking: उद्यान विभाग में हुए घोटाले में बवेजा केस में हाई कोर्ट ने दिए CBI जाँच का आदेश
गोवा : केन्‍द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आईएफएफआई 53वें में अपनी तरह की पहली फिल्म प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
आंध्र प्रदेश पुलिस के सामने खुलेआम लूट, शराब की बोतल उठाकर भागे लोग
Uttrakhand : देशभर में इन्श्योरेन्स के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का STF ने किया पर्दाफाश
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

EPFO अपडेट: क्या सच में ATM और UPI से तुरंत निकलेगा PF पैसा? जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई

The Hill India News
The Hill India News
June 18, 2026
धामी कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी और निशानेबाज जसपाल राणा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, शोक प्रस्ताव पारित
श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास: विराट कोहली, केएल राहुल और सिद्धू को पीछे छोड़ वनडे में बनाया बड़ा रिकॉर्ड, भारत की धमाकेदार जीत
ईरान ने डील में अमेरिका को दी मात? ट्रंप की ‘डील मास्टर’ छवि पर उठे सवाल, समझौते से मिले अरबों डॉलर के फायदे
उत्तराखंड: धामी कैबिनेट की अहम बैठक जारी, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और निवेश तक कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: दो सीटें, तीन उम्मीदवार और क्रॉस वोटिंग का सस्पेंस, NDA-INDIA दोनों की बढ़ी धड़कनें
400 करोड़ पार करते ही ‘पेड्डी’ मेकर्स का बड़ा दांव, फिल्म में जोड़े गए करीब 6 मिनट के नए सीन
गोविंदा-सुनीता के तलाक की अफवाहों पर बेटी टीना आहूजा का दर्द छलका, बोलीं- “मैं कोई संत नहीं हूं, ये बातें परेशान करती हैं”
ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासी बवाल: डेरेक ओ’ब्रायन ने किया बड़ा दावा, बोले- ‘दीदी की हिफाजत के लिए रातभर देना पड़ा पहरा’
उद्धव ठाकरे पर फिर मंडराया जून संकट! कौन हैं वे 6 सांसद, जिनकी बगावत की चर्चाओं ने बढ़ाई शिवसेना (UBT) की चिंता?
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?